मंजलपुर उपचुनाव 2025: 7 उम्मीदवारों ने दाखिल किए 15 नामांकन, 30 जुलाई को मतदान
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात की मंजलपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए सोमवार, 13 जुलाई को कुल 7 उम्मीदवारों ने 15 नामांकन पत्र दाखिल किए। नामांकन की अंतिम तिथि समाप्त होने के साथ ही अब 14 जुलाई को इन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) होगी और चुनावी प्रक्रिया अगले चरण में प्रवेश करेगी।
मुख्य उम्मीदवार और नामांकन प्रक्रिया
नामांकन दाखिल करने वाले सात उम्मीदवारों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) से सत्येन्द्र (सतीश) पटेल, परेश ब्रह्मभट्ट और रत्नसागर राजराजेश्वर धुलाभाई, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) से भीखा रबारी और धर्मेश पटेल, राइट टू रिकॉल पार्टी से दिनेश व्यास तथा स्वतंत्र उम्मीदवार राठौड़ परेश विनोदकुमार शामिल हैं। रिटर्निंग ऑफिसर के अनुसार, 7 उम्मीदवारों द्वारा 15 नामांकन पत्र इसलिए दाखिल हुए क्योंकि प्रत्येक उम्मीदवार अंतिम तिथि से पहले एक से अधिक सेट जमा कर सकता है।
चुनाव आयोग का निर्धारित कार्यक्रम
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, 14 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 16 जुलाई तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद 30 जुलाई को मतदान और 3 अगस्त को मतगणना होगी। रिटर्निंग ऑफिसर ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग के निर्देशानुसार प्रत्येक उम्मीदवार को नामांकन पत्र के साथ फॉर्म 26 में एक शपथपत्र (एफिडेविट) जमा करना अनिवार्य है, जिसमें संपत्ति, देनदारियाँ, शैक्षणिक योग्यता और किसी भी आपराधिक मामले की जानकारी देनी होगी।
सीट खाली होने की पृष्ठभूमि
यह सीट 2 जून को BJP के वरिष्ठ विधायक योगेश पटेल के निधन के बाद रिक्त हुई थी। योगेश पटेल ने पहले रावपुरा और बाद में मंजलपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था। उन्होंने लगातार आठ विधानसभा चुनाव जीते और वडोदरा के सबसे लंबे समय तक सेवारत विधायकों में गिने जाते थे।
प्रमुख दलों की रणनीति
BJP ने सतीश पटेल को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया है, जबकि कांग्रेस ने गुजरात के पूर्व मंत्री और गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी (GPCC) के उपाध्यक्ष भीखा रबारी को मैदान में उतारा है। दोनों उम्मीदवारों ने वडोदरा में अलग-अलग जन-कार्यक्रम आयोजित करने के बाद अपनी-अपनी पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में नामांकन दाखिल किए। यह उपचुनाव वडोदरा में BJP और कांग्रेस, दोनों की संगठनात्मक क्षमता की परीक्षा माना जा रहा है।
आगे क्या होगा
16 जुलाई को नाम वापसी की अंतिम तिथि के बाद उम्मीदवारों की अंतिम सूची सामने आएगी और 30 जुलाई के मतदान से पहले चुनाव प्रचार तेज होने की उम्मीद है। यह उपचुनाव गुजरात में सीट रिक्त होने के बाद विधानसभा का पहला चुनावी मुकाबला है, इसलिए इस पर राज्य की राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।