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अखिल गोगोई पर कांग्रेस का पलटवार: 'BJP के हित साध रहे हैं, विपक्ष को कमज़ोर कर रहे हैं' — नूरुल हुदा

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अखिल गोगोई पर कांग्रेस का पलटवार: 'BJP के हित साध रहे हैं, विपक्ष को कमज़ोर कर रहे हैं' — नूरुल हुदा

सारांश

असम विधानसभा चुनावों में 102 सीटों की भाजपा जीत के बाद विपक्षी खेमे में दरारें चौड़ी हो रही हैं। कांग्रेस विधायक नूरुल हुदा ने रायजोर दल प्रमुख अखिल गोगोई पर सीधा आरोप लगाया — BJP की मदद, कांग्रेस को नुकसान। हार के बाद विपक्ष में एकता नहीं, आरोप-प्रत्यारोप का दौर है।

मुख्य बातें

असम कांग्रेस विधायक नूरुल हुदा ने 24 मई को गुवाहाटी में रायजोर दल प्रमुख अखिल गोगोई पर BJP के हितों से जुड़कर कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।
हुदा ने कहा कि गोगोई को मीडिया में बयान देने के बजाय गठबंधन की आंतरिक बैठकों में मुद्दे उठाने चाहिए थे।
कांग्रेस विधायक के अनुसार, असम की जनता और पार्टी नेताओं को गोगोई की राजनीतिक मंशा समझ आ गई है।
BJP के नेतृत्व वाले गठबंधन ने हाल के असम विधानसभा चुनावों में 126 में से 102 सीटें जीती थीं।
यह विवाद चुनावी हार के बाद असम के विपक्षी दलों में बढ़ते आंतरिक तनाव का संकेत है।

असम कांग्रेस विधायक नूरुल हुदा ने रविवार, 24 मई को गुवाहाटी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान रायजोर दल के प्रमुख एवं शिवसागर विधायक अखिल गोगोई पर सीधा आरोप लगाया कि वह कांग्रेस को राजनीतिक रूप से कमज़ोर करने की कोशिश कर रहे हैं और अप्रत्यक्ष रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के हितों की पूर्ति कर रहे हैं। यह बयान हाल ही में संपन्न असम विधानसभा चुनावों में विपक्ष की करारी हार के बाद उभरे राजनीतिक तनाव की पृष्ठभूमि में आया है।

मुख्य आरोप: भाजपा के हित, विपक्ष की कमज़ोरी

हुदा ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'वह वास्तव में कांग्रेस के खिलाफ काम कर रहे हैं। भाजपा के हितों के साथ जुड़कर अखिल गोगोई कांग्रेस को राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।' कांग्रेस विधायक का आरोप है कि गोगोई राजनीतिक जवाबदेही से बचते हुए राज्य में विपक्षी एकता को सुदृढ़ करने के बजाय कांग्रेस को निशाना बनाने में जुटे हैं।

हुदा के अनुसार, रायजोर दल प्रमुख की बार-बार की गई सार्वजनिक टिप्पणियों ने विधानसभा चुनावों से पहले विपक्षी समन्वय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

गठबंधन की बैठकों में उठाएं मुद्दे, मीडिया में नहीं

कांग्रेस नेता ने गोगोई की मीडिया-केंद्रित रणनीति पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यदि रायजोर दल प्रमुख को विपक्षी एकता या गठबंधन से जुड़े किसी मामले पर आपत्ति या सुझाव थे, तो उचित मंच गठबंधन की आंतरिक बैठकें थीं, न कि मीडिया।

हुदा ने कहा, 'अगर वे खुद को विपक्षी गठबंधन का हितधारक मानते हैं, तो उन्हें इन मामलों पर गठबंधन की बैठकों या विधायक दल की चर्चाओं में बात करनी चाहिए थी। मीडिया को बयान देने से केवल भ्रम की स्थिति पैदा होती है।'

जनता और नेताओं को समझ आई 'मंशा': हुदा

कांग्रेस विधायक ने दावा किया कि असम की जनता और पार्टी के भीतर के नेता — दोनों — अब गोगोई के हालिया बयानों और कार्यों के पीछे की राजनीतिक मंशा को भली-भाँति समझ चुके हैं। यह टिप्पणी उल्लेखनीय है क्योंकि यह विपक्षी खेमे के भीतर गहरे अविश्वास का संकेत देती है।

हुदा ने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस गोगोई से संवाद से बच नहीं रही। उन्होंने कहा, 'किसी से बचने का तो सवाल ही नहीं उठता, लेकिन राजनीतिक प्रसिद्धि पाने के लिए सार्वजनिक रूप से गैरज़िम्मेदाराना बयान देना विपक्ष के लिए ठीक नहीं है।'

चुनावी हार की पृष्ठभूमि में बढ़ता तनाव

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब असम विधानसभा चुनावों में BJP के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 126 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटें जीतकर विपक्ष को बुरी तरह पराजित किया। इस ऐतिहासिक हार के बाद विपक्षी दलों के बीच आपसी दोषारोपण और राजनीतिक पुनर्गठन की प्रक्रिया तेज़ हो गई है।

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब रायजोर दल और कांग्रेस के बीच तनाव सतह पर आया हो — चुनाव-पूर्व गठबंधन वार्ताओं के दौरान भी दोनों पक्षों के बीच समन्वय की कमी की खबरें आई थीं। कांग्रेस नेता ने स्पष्ट किया कि आंतरिक मतभेदों को सार्वजनिक हमलों के बजाय परामर्श और चर्चा के ज़रिए सुलझाया जाना चाहिए।

आने वाले दिनों में विपक्षी खेमे में यह अंतर्कलह और गहरी होगी या संवाद से राह निकलेगी — यह असम की राजनीति की दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह केवल चुनावी हार नहीं — वैचारिक और संगठनात्मक बिखराव की कहानी है। कांग्रेस और रायजोर दल के बीच यह सार्वजनिक कलह बताती है कि गठबंधन चुनाव से पहले भी कितना खोखला था। नूरुल हुदा का यह बयान कि 'मंशा समझ आ गई है' — दरअसल विपक्ष की आत्म-समीक्षा की असफलता को उजागर करता है; दोष बाहर खोजना आसान है, भीतर देखना कठिन। जब तक विपक्षी दल अपनी चुनावी रणनीति की जड़ों में जाने के बजाय एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहेंगे, BJP के लिए असम में सत्ता बनाए रखना और भी आसान होता जाएगा।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नूरुल हुदा ने अखिल गोगोई पर क्या आरोप लगाए हैं?
असम कांग्रेस विधायक नूरुल हुदा ने आरोप लगाया है कि रायजोर दल प्रमुख अखिल गोगोई BJP के हितों से जुड़कर कांग्रेस को राजनीतिक नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। हुदा का कहना है कि गोगोई विपक्षी एकता मज़बूत करने के बजाय कांग्रेस को कमज़ोर करने पर ध्यान दे रहे हैं।
अखिल गोगोई कौन हैं और रायजोर दल क्या है?
अखिल गोगोई असम के शिवसागर विधानसभा क्षेत्र से विधायक और रायजोर दल के प्रमुख हैं। रायजोर दल असम में एक क्षेत्रीय राजनीतिक दल है जो विपक्षी गठबंधन का हिस्सा रहा है।
असम विधानसभा चुनावों में विपक्ष को कितनी हार मिली?
हाल के असम विधानसभा चुनावों में BJP के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 126 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटें जीतीं, जबकि विपक्ष को करारी हार का सामना करना पड़ा। इसी हार के बाद विपक्षी दलों के बीच आपसी तनाव और दोषारोपण का दौर शुरू हुआ है।
कांग्रेस ने गोगोई को क्या सलाह दी है?
कांग्रेस विधायक नूरुल हुदा ने कहा है कि यदि गोगोई को विपक्षी एकता या गठबंधन से जुड़े मुद्दों पर कोई सुझाव या आपत्ति थी, तो उन्हें मीडिया में बयानबाज़ी के बजाय गठबंधन की बैठकों या विधायक दल की चर्चाओं में वह मुद्दे उठाने चाहिए थे।
असम में विपक्षी एकता की स्थिति अभी कैसी है?
चुनावी हार के बाद असम में विपक्षी दलों के बीच आंतरिक तनाव बढ़ा है। कांग्रेस और रायजोर दल के बीच सार्वजनिक आरोप-प्रत्यारोप इस बात का संकेत है कि गठबंधन में समन्वय की गंभीर कमी है। कांग्रेस नेता का कहना है कि मतभेद सार्वजनिक हमलों से नहीं, बल्कि आपसी चर्चा से सुलझाए जाने चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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