बनश्री गोगोई का कांग्रेस से इस्तीफा, असम में पार्टी को एक और बड़ा झटका
सारांश
मुख्य बातें
असम की वरिष्ठ कांग्रेस नेता और अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव बनश्री गोगोई ने 15 मई को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। गुवाहाटी से आई इस खबर ने असम में पहले से कमज़ोर पड़ चुकी कांग्रेस की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
इस्तीफे का ब्यौरा
गोगोई ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को संबोधित अपने त्यागपत्र में लिखा, 'मैं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सभी पदों, जिम्मेदारियों और प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देती हूँ।' उन्होंने पार्टी नेतृत्व से अनुरोध किया कि उनका इस्तीफा शीघ्र स्वीकार कर उन्हें सभी संगठनात्मक दायित्वों से मुक्त किया जाए।
इस्तीफे की प्रतियाँ अखिल भारतीय महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा और असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गौरव गोगोई को भी भेजी गईं।
कृतज्ञता, लेकिन नया रास्ता
गोगोई ने पार्टी के साथ अपने जुड़ाव के दौरान मिले अवसरों के लिए नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, 'पार्टी के साथ अपने जुड़ाव के दौरान मुझे मिले अवसरों और अनुभवों के लिए मैं आभारी हूँ। मैं अपनी व्यक्तिगत क्षमता में असम और राष्ट्र के लोगों के लिए काम करना जारी रखूँगी।' हालाँकि उन्होंने इस्तीफे के पीछे किसी ठोस कारण का उल्लेख नहीं किया।
चुनावी हार की पृष्ठभूमि
यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब असम विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की शानदार जीत के बाद कांग्रेस मात्र 19 सीटों पर सिमट गई थी। इस हार ने राज्य इकाई में असंतोष की लहर पैदा की है और नेताओं का पार्टी छोड़ना एक चिंताजनक प्रवृत्ति बन चुकी है।
गौरतलब है कि असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोराह भी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर BJP में शामिल हो गए थे और बिहपुरिया विधानसभा क्षेत्र से BJP के टिकट पर जीत हासिल की थी।
बोराह का कांग्रेस पर हमला
बोराह ने हाल ही में पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि पार्टी अब अपने कर्मों का फल भोग रही है। उन्होंने BJP की व्यापक चुनावी सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को देते हुए कहा, 'मुझे यह स्वीकार करना होगा कि डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में असम ने अभूतपूर्व राजनीतिक सफलता हासिल की है। जनता ने एक बार फिर उनके नेतृत्व पर अपना भरोसा जताया है।'
आगे की राजनीतिक दिशा
बनश्री गोगोई के इस्तीफे ने असम में नए सिरे से राजनीतिक अटकलों को जन्म दिया है — विशेषकर इस बारे में कि वे किस दल में शामिल हो सकती हैं। चुनावी हार के बाद असम कांग्रेस में यह नेतृत्व संकट और गहरा होता दिख रहा है, और आने वाले हफ्तों में और बदलावों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।