असम चुनाव : अखिल गोगोई का चुनाव आयोग के निर्णय पर विरोध और मांग
सारांश
Key Takeaways
- अखिल गोगोई ने एक चरण में चुनाव कराने के निर्णय का विरोध किया।
- गोगोई ने भाजपा के दबाव में चुनाव आयोग के निर्णय का आरोप लगाया।
- उन्होंने तीन चरणों में चुनाव कराने की मांग की।
- असम विधानसभा चुनाव की तारीखें ९ अप्रैल और ४ मई हैं।
- गोगोई ने कांग्रेस के साथ गठबंधन की कोशिश को विफल बताया।
गुवाहाटी, १५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। असम विधानसभा चुनाव को एक ही चरण में आयोजित करने के निर्णय पर रायजोर दल के अध्यक्ष और शिवसागर के विधायक अखिल गोगोई ने कड़ी आपत्ति जताई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने भाजपा के दबाव में यह निर्णय लिया है। इसके साथ ही गोगोई ने चुनाव कार्यक्रम में बदलाव की भी मांग की।
मीडिया से बातचीत में गोगोई ने कहा कि चुनाव एक चरण में कराने का यह निर्णय मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रभाव में लिया गया है।
गोगोई ने कहा, “चुनाव आयोग ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दबाव में असम में एक चरण में चुनाव कराने का निर्णय लिया है। हम इस निर्णय को स्वीकार नहीं करेंगे।”
उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर किसी भी राजनीतिक दल का प्रभाव नहीं होना चाहिए। उनका कहना था कि चुनाव आयोग भाजपा के नियंत्रण में काम कर रहा है।
गोगोई ने असम में चुनाव को एक की बजाय तीन चरणों में कराने की मांग की और आयोग से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया।
गोगोई ने इस मौके पर कांग्रेस पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले कांग्रेस के साथ गठबंधन करने की उनकी कोशिश सफल नहीं रही।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस के साथ गठबंधन की कोशिश में मेरी ऊर्जा बेकार गई।” गोगोई ने यह भी दावा किया कि उनकी पार्टी आगामी चुनाव में अपने दम पर अच्छा प्रदर्शन करने में सक्षम है।
इससे पहले, रविवार को चुनाव आयोग ने असम विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा की थी। आयोग के अनुसार, राज्य में एक ही चरण में मतदान होगा। 126 सदस्यीय असम विधानसभा के लिए मतदान ९ अप्रैल को होगा और वोटों की गिनती ४ मई को की जाएगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने असम चुनाव के लिए तारीखों की घोषणा करते हुए बताया कि गजट अधिसूचना जारी करने की तारीख १६ मार्च होगी।
नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि २३ मार्च है। नामांकनों की जांच २४ मार्च को होगी। उम्मीदवारों द्वारा नाम वापस लेने की अंतिम तिथि २६ मार्च है। मतदान ९ अप्रैल को निर्धारित है। मतगणना ४ मई को होगी। चुनाव प्रक्रिया ६ मई से पहले पूरी करनी है।