21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बांग्लादेश में खसरे का कहर: 4 नई मौतें, 15 मार्च से कुल मृतक संख्या 605 पहुँची

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बांग्लादेश में खसरे का कहर: 4 नई मौतें, 15 मार्च से कुल मृतक संख्या 605 पहुँची

सारांश

बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा — 15 मार्च से अब तक 605 मौतें, 75,000 से अधिक मामले और स्वास्थ्य तंत्र चरमराया हुआ। अवामी लीग ने इसे 'मानव निर्मित विफलता' करार दिया है और यूनिसेफ की चेतावनियों को नज़रअंदाज़ करने का आरोप लगाया है।

मुख्य बातें

बांग्लादेश में 5 जून 2026 तक खसरे से 605 पुष्ट और संदिग्ध मौतें दर्ज, एक दिन में 4 नई मौतें।
पुष्ट मौतें 91 , संदिग्ध मौतें 514 ; कुल पुष्ट मामले 9,260 और संदिग्ध मामले 75,708 ।
पिछले 24 घंटों में 1,136 नए संदिग्ध और 69 नए पुष्ट मामले सामने आए।
अवामी लीग ने प्रकोप को 'शासन की मानव निर्मित विफलता' बताया; यूनिसेफ की चेतावनियों के बावजूद सितंबर 2025 में वैक्सीन खरीद प्रणाली बदलने का आरोप।
प्रधानमंत्री तारिक रहमान की सरकार पर चार महीनों में अपर्याप्त प्रतिक्रिया का आरोप; राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करने की माँग।

बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के आँकड़ों के अनुसार, 5 जून 2026 को गुरुवार सुबह तक के 24 घंटों में खसरा और खसरे जैसे लक्षणों से चार और लोगों की मौत हो गई, जिससे 15 मार्च 2026 से अब तक पुष्टि और संदिग्ध मौतों की कुल संख्या बढ़कर 605 हो गई है। इनमें से 91 मौतें खसरे से पुष्टि की गई हैं, जबकि 514 मौतें संदिग्ध श्रेणी में दर्ज हैं।

ताज़ा आँकड़े और प्रकोप की स्थिति

डीजीएचएस के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 1,136 नए संदिग्ध मामले सामने आए, जिससे कुल संदिग्ध मामलों की संख्या 75,708 हो गई। इसी अवधि में 69 नए पुष्ट मामले भी दर्ज किए गए, और कुल पुष्ट मामलों की संख्या 9,260 पहुँच गई। चार नए मृतकों में से एक की मौत खसरे से पुष्टि हुई, जबकि शेष तीन की मौत खसरे जैसे लक्षणों के साथ हुई।

यह ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश के डेली स्टार अखबार के एक संपादकीय में देश में खसरा संक्रमण की चिंताजनक वृद्धि और बच्चों में बढ़ती मृत्यु दर पर गहरी चिंता जताई गई है। संपादकीय में यह भी रेखांकित किया गया कि इस महामारी ने देशभर में स्वास्थ्य सुविधाओं — विशेष रूप से बाल चिकित्सा आईसीयू, आइसोलेशन वार्ड, वेंटिलेटरी देखभाल और संक्रमण नियंत्रण प्रणालियों — पर भारी दबाव डाला है।

राजनीतिक विवाद और जवाबदेही की माँग

इस स्वास्थ्य संकट ने बांग्लादेश में तीखी राजनीतिक बहस छेड़ दी है। अवामी लीग ने खसरे के प्रकोप को 'प्राकृतिक आपदा' नहीं, बल्कि 'शासन की मानव निर्मित विफलता' करार दिया है। पार्टी का आरोप है कि यह संकट पूर्व मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के कार्यकाल में शुरू हुआ और सत्तारूढ़ बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (BNP) के नेतृत्व वाली सरकार के तहत भी जारी है।

अवामी लीग के अनुसार, सितंबर 2025 में अंतरिम शासन के दौरान अधिकारियों ने कथित तौर पर संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) के माध्यम से स्थापित विश्वसनीय वैक्सीन खरीद प्रणाली को छोड़ दिया और यूनिसेफ की बार-बार की चेतावनियों — जिनमें कई औपचारिक पत्र और उच्च स्तरीय बैठकें शामिल थीं — के बावजूद एक 'कठिन' खुली निविदा प्रक्रिया अपनाई। पार्टी के अनुसार, इस निर्णय से लाखों बच्चों, विशेषकर पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों में, प्रतिरक्षा का बड़ा अंतर पैदा हो गया।

अवामी लीग ने कहा, "स्वतंत्र जाँचकर्ताओं ने इसे प्रशासनिक अहंकार और अक्षमता के कारण रचा गया 'मानव निर्मित नरसंहार' बताया है।"

सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल

अवामी लीग ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान और बीएनपी सरकार ने फरवरी 2026 में उभरते संकट की पूरी जानकारी के साथ पदभार संभाला था, लेकिन पिछले चार महीनों में प्रतिक्रिया चिंताजनक रूप से अपर्याप्त रही है।

गौरतलब है कि बांग्लादेश में यह प्रकोप ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में टीकाकरण अभियानों की निरंतरता पहले से ही चुनौतीपूर्ण रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि वैक्सीन खरीद प्रक्रिया में किसी भी व्यवधान के परिणाम बच्चों के लिए घातक हो सकते हैं।

तत्काल माँगें और आगे की राह

अवामी लीग ने बांग्लादेश सरकार से स्पष्ट समयसीमा, लक्ष्य और दैनिक सार्वजनिक रिपोर्टिंग के साथ राष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करने का आग्रह किया है। पार्टी ने त्वरित आपातकालीन टीकाकरण अभियान, पूर्ण पारदर्शिता और अंतरराष्ट्रीय निगरानी के साथ उपचार की माँग भी की है। साथ ही, अंतरिम सरकार के कार्यकाल में हुई खरीद संबंधी विफलताओं की स्वतंत्र और समयबद्ध जाँच तथा दोषियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने का भी आह्वान किया गया है।

जब तक बांग्लादेश सरकार ठोस और पारदर्शी कदम नहीं उठाती, मृतकों की बढ़ती संख्या और स्वास्थ्य तंत्र पर दबाव इस संकट को और गहरा करता रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 से अधिक मामले यह स्पष्ट करते हैं कि यह महज़ एक बीमारी का प्रकोप नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रशासन की संस्थागत विफलता है। यूनिसेफ की बार-बार चेतावनियों के बावजूद वैक्सीन खरीद प्रणाली में बदलाव — यदि सत्य साबित होता है — तो यह उन नीतिगत निर्णयों की श्रेणी में आएगा जिनकी कीमत बच्चों की जान से चुकाई जाती है। मुख्यधारा की कवरेज राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप पर केंद्रित है, लेकिन असली सवाल यह है कि जब संकट उभर रहा था, तब अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों की चेतावनियों को किस स्तर पर और क्यों नज़रअंदाज़ किया गया — यह जवाब अभी तक किसी सरकार ने नहीं दिया।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश में खसरे के प्रकोप की अब तक की स्थिति क्या है?
डीजीएचएस के आँकड़ों के अनुसार, 15 मार्च 2026 से 5 जून 2026 तक खसरे और खसरे जैसे लक्षणों से कुल 605 मौतें दर्ज की गई हैं, जिनमें 91 पुष्ट और 514 संदिग्ध मौतें शामिल हैं। कुल पुष्ट मामले 9,260 और संदिग्ध मामले 75,708 तक पहुँच गए हैं।
बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप इतना गंभीर क्यों हो गया?
अवामी लीग के अनुसार, सितंबर 2025 में अंतरिम सरकार के दौरान यूनिसेफ की बार-बार की चेतावनियों के बावजूद स्थापित वैक्सीन खरीद प्रणाली को बदल दिया गया, जिससे लाखों बच्चों में प्रतिरक्षा का बड़ा अंतर पैदा हुआ। हालाँकि यह आरोप राजनीतिक दल की ओर से है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
बांग्लादेश में खसरे से सबसे अधिक कौन प्रभावित हो रहे हैं?
रिपोर्टों के अनुसार, पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चे मृतकों और गंभीर रूप से बीमार पड़ने वालों में सबसे बड़ा हिस्सा हैं। डेली स्टार के संपादकीय के अनुसार, देशभर में बाल चिकित्सा आईसीयू, आइसोलेशन वार्ड और वेंटिलेटरी देखभाल पर भारी दबाव है।
अवामी लीग ने बांग्लादेश सरकार से क्या माँगें की हैं?
अवामी लीग ने राष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करने, त्वरित आपातकालीन टीकाकरण अभियान चलाने, अंतरराष्ट्रीय निगरानी के साथ पारदर्शी उपचार सुनिश्चित करने और अंतरिम सरकार के कार्यकाल में हुई वैक्सीन खरीद विफलताओं की स्वतंत्र जाँच कराने की माँग की है।
बीएनपी सरकार पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
अवामी लीग का आरोप है कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान की सरकार ने फरवरी 2026 में उभरते संकट की पूरी जानकारी के साथ पदभार संभाला, लेकिन पिछले चार महीनों में प्रतिक्रिया चिंताजनक रूप से अपर्याप्त रही है। सरकार की ओर से इन आरोपों पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 2 महीने पहले