गुजरात-दादरा में भीषण बाढ़: इंडियन कोस्ट गार्ड ने 170 लोगों को बचाया, दो चेतक हेलीकॉप्टर तैनात
सारांश
मुख्य बातें
इंडियन कोस्ट गार्ड ने 22 जुलाई 2025 से गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चलाए गए व्यापक राहत और बचाव अभियान में 170 लोगों को सुरक्षित निकाला है। लगातार हो रही भारी बारिश से दक्षिण गुजरात के कई इलाके जलमग्न हो गए और संपर्क मार्ग पूरी तरह बाधित हो गए, जिसके बाद दमन स्थित इंडियन कोस्ट गार्ड एयर स्टेशन ने जिला प्रशासन और राज्य आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियों के साथ समन्वय कर अभियान शुरू किया।
मुख्य बचाव अभियान
बचाव कार्य की शुरुआत सिलवासा के खानवेल क्षेत्र से हुई, जहाँ आधी रात को चलाए गए अभियान में बाढ़ के पानी में फंसे 5 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। इसके बाद कडैया तटीय क्षेत्र में नदी किनारे फंसे 3 मछुआरों को बाहर निकाला गया।
वेल्सपन औद्योगिक क्षेत्र में भीषण बाढ़ के बीच पूरी रात चले अभियान में 60 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया गया — यह किसी एकल स्थान पर सबसे बड़ा एकल-रात्रि बचाव रहा। एरो फाइबर प्राइवेट लिमिटेड परिसर में पानी में फंसी एक बस से 7 लोगों को और डोंगरा क्षेत्र में बाढ़ से घिरे 10 लोगों को बाहर निकाला गया।
वलसाड और पारडी इलाके में खराब मौसम के बावजूद कोस्ट गार्ड के हेलीकॉप्टर ने 4 लोगों को सुरक्षित निकाला। रिलायंस औद्योगिक क्षेत्र में रात्रि अभियान में 8 लोगों को और अवध सोसायटी क्षेत्र से 10 लोगों को बाहर निकाला गया। इन 10 में एक गर्भवती महिला और सांस लेने में तकलीफ से जूझ रही एक अन्य महिला शामिल थीं, जिन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।
नवसारी में सबसे बड़ा अभियान
समग्र राहत कार्य का सबसे बड़ा एकल अभियान नवसारी जिले के मेंडर गाँव में चलाया गया। यहाँ कोस्ट गार्ड के दो चेतक हेलीकॉप्टरों की मदद से 63 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया गया। बचाए गए लोगों में एक ऐसा व्यक्ति भी था जिसे सीने में तेज दर्द की शिकायत थी और जिसे तत्काल अस्पताल पहुँचाना आवश्यक था।
परिचालन चुनौतियाँ
कोस्ट गार्ड के अनुसार, राहत कार्यों के दौरान बचाव दल को तेज हवाओं, कम दृश्यता, जलमग्न सड़कों और तेज जलधारा जैसी कई गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून के मध्य में दक्षिण गुजरात में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है, जिससे नदियाँ उफान पर हैं और निचले इलाके तेज़ी से जलमग्न हुए।
गौरतलब है कि इस क्षेत्र में हर मानसून सीजन में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है, लेकिन इस बार 22 जुलाई की रात से शुरू हुई बारिश की तीव्रता ने स्थिति को विशेष रूप से गंभीर बना दिया।
आगे की तैयारी
इंडियन कोस्ट गार्ड ने स्पष्ट किया है कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी राहत और बचाव अभियान पूरी तैयारी के साथ जारी रहेंगे। संस्था ने अपने आदर्श वाक्य 'वयम रक्षामः' — अर्थात 'हम रक्षा करते हैं' — के प्रति प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।