25 जुलाई 2026
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गुजरात के कई जिले जलमग्न, बनासकांठा में 1.85 इंच बारिश; बंगाल, बिहार, सिक्किम में भी अलर्ट

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गुजरात के कई जिले जलमग्न, बनासकांठा में 1.85 इंच बारिश; बंगाल, बिहार, सिक्किम में भी अलर्ट

सारांश

गुजरात के उत्तरी और दक्षिणी जिले भारी बारिश से डूबे हैं — बनासकांठा में 1.85 इंच वर्षा सर्वाधिक। साथ ही मौसम विभाग ने बंगाल, बिहार, झारखंड, सिक्किम और ओडिशा में 25 से 30 जुलाई के बीच भारी बारिश और बंगाल की खाड़ी में मछुआरों के लिए समुद्री चेतावनी जारी की है।

मुख्य बातें

गुजरात के उत्तरी और दक्षिणी जिलों में 25 जुलाई 2026 को भारी बारिश से जलभराव की स्थिति।
बनासकांठा के देवदार तालुका में सर्वाधिक 1.85 इंच बारिश दर्ज; लखनी में 1.73 इंच , धनेरा में 1.46 इंच ।
बनासकांठा , पाटन , कच्छ में 41–61 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएँ और बिजली कड़कने की आशंका।
गंगीय पश्चिम बंगाल , सिक्किम , झारखंड में 25–30 जुलाई ; बिहार में 28–30 जुलाई ; ओडिशा में 25–28 जुलाई को बारिश का पूर्वानुमान।
बंगाल की खाड़ी , अंडमान सागर और मन्नार की खाड़ी में मछुआरों के लिए 25–29 जुलाई तक समुद्री चेतावनी जारी।

गुजरात में 25 जुलाई 2026 को भारी बारिश के कारण उत्तरी और दक्षिणी जिलों में जलभराव की स्थिति बन गई है। बनासकांठा जिले के देवदार तालुका में सर्वाधिक 1.85 इंच वर्षा दर्ज की गई, जबकि मौसम विभाग ने पूर्वी और पश्चिमी भारत के कई अन्य राज्यों में भी आने वाले दिनों में तेज़ बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।

गुजरात में जलभराव: जिलेवार स्थिति

उत्तरी और दक्षिणी गुजरात में तेज़ बारिश का सिलसिला जारी है। बनासकांठा के देवदार तालुका में 1.85 इंच के साथ सबसे अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई। लखनी में 1.73 इंच, धनेरा में 1.46 इंच और राह तालुका में 1.42 इंच बारिश हुई। ओड में 1.30 इंच, वलसाड जिले के नानापोंधा में 1.22 इंच और नवसारी जिले के खेरगाम में 1.02 इंच वर्षा दर्ज की गई।

बनासकांठा, पाटन और कच्छ जिलों में भारी बारिश के साथ हल्की आंधी-तूफान और 41 से 61 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएँ चलने तथा बिजली कड़कने की आशंका व्यक्त की गई है।

मध्यम और हल्की बारिश की संभावना वाले जिले

महेसाना, गांधीनगर, अहमदाबाद, सुरेंद्रनगर, मोरबी, राजकोट, बोटाद, अमरेली, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, दीव, छोटा उदयपुर, नर्मदा, सूरत, डांग्स, नवसारी, वलसाड, दमन तथा दादरा और नगर हवेली में अलग-अलग स्थानों पर मध्यम बारिश का अनुमान है।

साबर कांठा, अरावली, महिसागर, दाहोद, पंचमहल, वडोदरा, खेड़ा, आनंद, भरूच, भावनगर, जामनगर, देवभूमि द्वारका और पोरबंदर में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।

पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों में बारिश का पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में 25 से 30 जुलाई के बीच बारिश का अनुमान है। बिहार में 28 से 30 जुलाई और ओडिशा में 25 से 28 जुलाई के बीच वर्षा की संभावना है।

25 से 27 जुलाई के दौरान गंगीय पश्चिम बंगाल में गरज के साथ बारिश, बिजली कड़कने और तेज़ हवाएँ चलने का अनुमान है। 27 से 30 जुलाई के बीच उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। 25 जुलाई और 27 जुलाई को पश्चिम बंगाल के गंगा तटवर्ती क्षेत्रों, 25 से 28 जुलाई के दौरान झारखंड, 27 से 29 जुलाई के दौरान बिहार और 29 से 30 जुलाई के दौरान ओडिशा में अत्यधिक भारी वर्षा की भी आशंका है।

मछुआरों के लिए समुद्री चेतावनी

मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए बंगाल की खाड़ी के मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी जारी की गई है। 25 से 28 जुलाई के दौरान उत्तरी ओडिशा, पश्चिम बंगाल के गंगा तटवर्ती क्षेत्रों, बांग्लादेश के तटों और उत्तरी बंगाल की खाड़ी के निकट मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। 26 से 29 जुलाई के दौरान अंडमान सागर और 27 से 29 जुलाई के दौरान मन्नार की खाड़ी के कुछ हिस्सों में भी सतर्कता बरतने का निर्देश है। 28 जुलाई को दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से लगे दक्षिण श्रीलंका के तटों पर भी मछुआरों को सावधान रहने को कहा गया है।

यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सीज़न अपने चरम पर है और देश के कई हिस्सों में बाढ़ और जलभराव की घटनाएँ बढ़ती जा रही हैं। आने वाले दिनों में मौसम विभाग की अपडेट और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों पर नज़र रखना ज़रूरी होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि पूर्व-नियोजित। बनासकांठा जैसे जिले हर साल प्रभावित होते हैं, फिर भी दीर्घकालिक जल-निकासी अवसंरचना पर निवेश सुर्खियों में नहीं आता। पूर्वी राज्यों — बिहार, बंगाल, ओडिशा — में एक साथ अलर्ट यह दर्शाता है कि मानसून की तीव्रता क्षेत्रीय नहीं, राष्ट्रीय चुनौती बन चुकी है। मछुआरों के लिए जारी समुद्री चेतावनी आजीविका पर तात्कालिक असर डालती है, जिस पर मीडिया कवरेज प्रायः कम ध्यान देती है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात में जलभराव की स्थिति कितनी गंभीर है?
25 जुलाई 2026 को उत्तरी और दक्षिणी गुजरात के कई जिले भारी बारिश के कारण जलमग्न हो गए हैं। बनासकांठा के देवदार तालुका में सर्वाधिक 1.85 इंच वर्षा दर्ज की गई, जबकि बनासकांठा, पाटन और कच्छ में 41 से 61 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएँ और बिजली कड़कने की आशंका है।
बंगाल, बिहार और सिक्किम में कब तक बारिश होगी?
मौसम विभाग के अनुसार गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में 25 से 30 जुलाई के बीच बारिश का अनुमान है। बिहार में 28 से 30 जुलाई और ओडिशा में 25 से 28 जुलाई के बीच वर्षा की संभावना जताई गई है।
मछुआरों के लिए कौन-सी चेतावनी जारी की गई है?
25 से 28 जुलाई के दौरान उत्तरी ओडिशा, पश्चिम बंगाल के गंगा तटवर्ती क्षेत्रों और उत्तरी बंगाल की खाड़ी के निकट मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। 26 से 29 जुलाई तक अंडमान सागर और 27 से 29 जुलाई तक मन्नार की खाड़ी के कुछ हिस्सों में भी सतर्कता बरतने का निर्देश है।
गुजरात के किन जिलों में भारी बारिश का अनुमान है?
बनासकांठा, पाटन और कच्छ जिलों में भारी बारिश के साथ आंधी और तेज़ हवाओं की आशंका है। महेसाना, अहमदाबाद, राजकोट, सूरत, नवसारी, वलसाड समेत करीब 20 जिलों में मध्यम बारिश और साबर कांठा, वडोदरा, जामनगर समेत अन्य जिलों में हल्की बारिश का अनुमान है।
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में सबसे भारी बारिश कब होगी?
27 से 30 जुलाई के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। 25 जुलाई को भी इन इलाकों में गरज के साथ बारिश और बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है।
राष्ट्र प्रेस
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