अहमदाबाद पुलिस का 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप 2.0': 24 घंटे में 190 गिरफ्तार, 21 साल से फरार अपराधी भी पकड़ा
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद सिटी पुलिस ने रथ यात्रा से पहले कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाए गए 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप 2.0' के तहत 5 जुलाई की सुबह 8 बजे से 6 जुलाई तक महज 24 घंटों में जोन 7 के आठ पुलिस स्टेशनों से 190 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें दो ऐसे व्यक्ति भी शामिल हैं जो क्रमशः 21 वर्ष और 20 वर्ष से कानून की पकड़ से बाहर थे।
ऑपरेशन की रूपरेखा
यह अभियान डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (जोन 7) शिवम वर्मा द्वारा तैयार विशेष एक्शन प्लान के तहत संचालित किया गया। पुलिस के अनुसार, 43 टीमों में कुल 341 अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए, जिनमें 8 पुलिस इंस्पेक्टर, 37 सब-इंस्पेक्टर और 261 पुलिसकर्मी शामिल थे। टीमों ने ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल सर्विलांस दोनों का उपयोग किया।
अभियान का दायरा केवल अहमदाबाद तक सीमित नहीं था — पुलिस ने राजकोट, कच्छ, जूनागढ़, मेहसाणा, गांधीनगर और बनासकांठा के साथ-साथ महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी छापे मारे।
गिरफ्तारियों का विवरण
गिरफ्तार 190 लोगों में से 83 फरार आरोपी थे जो चल रही जाँच में वांछित थे। 54 गैर-जमानती वारंट के तहत पकड़े गए, 28 शराबबंदी से जुड़े मामलों में, 11 पर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 (नशे में वाहन चलाना) के तहत कार्रवाई हुई, और 5 शहर से बाहर निकाले गए अपराधी थे।
दीर्घकालिक फरार आरोपियों में सबसे उल्लेखनीय मामला 2005 के नकली नोट मामले से जुड़ा है — यह व्यक्ति सैटेलाइट पुलिस स्टेशन द्वारा वांछित था और 21 वर्षों तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा। उसे जोन की लोकल क्राइम ब्रांच ने दबोचा। इसी तरह 2006 के चोरी के एक मामले में वेजलपुर पुलिस स्टेशन का वांछित आरोपी 20 वर्ष बाद उत्तर प्रदेश से पकड़ा गया।
घर में सेंधमारी के एक मामले से जुड़े आरोपी को 10 वर्षों से वांछित होने के कारण मृत मान लिया गया था, लेकिन वह इस ऑपरेशन में जीवित पकड़ा गया। तीन अन्य आरोपी धोखाधड़ी और सेंधमारी के मामलों में तीन वर्षों से फरार थे, जबकि 17 अन्य विभिन्न मामलों में एक वर्ष से अधिक समय से गिरफ्तारी से बचते रहे थे।
सरकार और पुलिस की प्रतिक्रिया
डीसीपी शिवम वर्मा ने बताया कि यह ऑपरेशन रथ यात्रा के मद्देनजर हाई अलर्ट की स्थिति में शुरू किया गया। उन्होंने कहा, 'पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत के मार्गदर्शन में और चल रही रथ यात्रा को देखते हुए, पुलिस हाई अलर्ट पर है। इसके तहत जोन 7 पुलिस, जिसमें आठ पुलिस स्टेशन शामिल हैं, ने ऑपरेशन क्लीन स्वीप 2.0 शुरू किया। इस ऑपरेशन के तहत, हमने कुल 190 आरोपियों को पकड़ा।'
आम जनता पर असर
एंट्री और एग्जिट पॉइंट सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर ब्रेथ एनालाइजर से वाहनों की जाँच की गई। इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर संदिग्ध शराब तस्करी नेटवर्क पर भी छापे मारे गए। पुलिस ने पैरोल, फरलो या अंतरिम जमानत के बाद सरेंडर न करने वाले और पीएएसए वारंट वाले अपराधियों के खिलाफ भी कार्रवाई की।
आगे क्या
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों से पहले वांछित अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ इसी तरह के ऑपरेशन भविष्य में भी जारी रहेंगे। गौरतलब है कि यह अभियान पिछले पाँच वर्षों के फरार आरोपियों और लंबित मामलों की सूची तैयार कर, उसी आधार पर चलाया गया — जो इसे एक सुनियोजित, डेटा-आधारित पुलिसिंग का उदाहरण बनाता है।