3 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या अहमदाबाद पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें 25 तस्कर गिरफ्तार हुए?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या अहमदाबाद पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें 25 तस्कर गिरफ्तार हुए?

सारांश

अहमदाबाद में पुलिस ने ड्रग्स के खिलाफ एक प्रभावशाली अभियान चलाया है। पिछले एक सप्ताह में 25 तस्करों की गिरफ्तारी और करोड़ों रुपये की ड्रग्स की जब्ती से यह स्पष्ट है कि प्रशासन ने नशे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है।

मुख्य बातें

अहमदाबाद में 25 तस्करों की गिरफ्तारी हुई है।
पुलिस ने 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की ड्रग्स जब्त की है।
इस अभियान का फोकस नार्को-फाइनेंस पर भी है।
नशे के आदी व्यक्तियों के लिए रिहैबिलिटेशन की सुविधा उपलब्ध है।
पुलिस ने सभी स्तरों के सप्लाई चेन को निशाना बनाया है।

अहमदाबाद, 24 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात के अहमदाबाद में पुलिस ने ड्रग्स के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कैरवाई की है। क्राइम ब्रांच और स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) ने पिछले हफ्ते शहर भर में कई उच्च-तीव्रता वाली रेड की हैं। इसका उद्देश्य ड्रग्स के नेटवर्क को पूरी तरह से नष्ट करना और ड्रग्स की तस्करी एवं उपयोग दोनों पर 'जीरो टॉलरेंस' नीति लागू करना है। इन ऑपरेशनों में विभिन्न स्तरों के सप्लाई चेन को निशाना बनाया गया है।

पिछले सात दिनों में इस संयुक्त अभियान के तहत 21 नए मामले दर्ज किए गए हैं और 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन रेड्स में कुल जब्ती का मूल्य 1 करोड़ रुपए से अधिक है। मुख्यतः मेफेड्रोन (एमडी), गांजा और चरस जब्त किया गया है। यह कार्रवाई केवल ड्रग्स के भौतिक कब्जे तक सीमित नहीं है। इस बार फोकस नार्को-फाइनेंस यानी ड्रग्स से होने वाली कमाई और मनी लॉन्ड्रिंग पर भी है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ड्रग मनी को कैसे अन्य चैनलों में निवेश या सफेद किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इन अपराधियों का वित्तीय नेटवर्क बाधित हो जाए और वे फिर से अपने कारोबार को न चला सकें।

इस अभियान में केवल बड़े कंसाइनमेंट ही नहीं, बल्कि छोटे पैमाने पर बिक रहे ड्रग्स को भी निशाना बनाया जा रहा है। इसका लक्ष्य स्ट्रीट-लेवल डीलरों को खत्म करना है, जो सीधे युवाओं को ड्रग्स की ओर खींचते हैं। पुलिस का कहना है कि हर मात्रा की तस्करी पर कार्रवाई की जाएगी और कोई भी छोटा केस नजरअंदाज नहीं होगा।

इसी बीच, क्राइम ब्रांच ने स्पष्ट किया है कि एनडीपीएस अधिनियम की धारा 64ए के तहत, कोई भी नशे का आदी व्यक्ति, जिस पर छोटी मात्रा या सेवन (धारा 27) से संबंधित अपराधों का आरोप है, जो स्वेच्छा से सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान से नशा मुक्ति के लिए चिकित्सा उपचार चाहता है, उसे अभियोजन से छूट दी जा सकती है। क्राइम ब्रांच परिवारों और व्यक्तियों को आगे आने और जेल जाने के बजाय रिहैबिलिटेशन चुनने के लिए प्रोत्साहित करती है।

पुलिस का कहना है, "हमारा लक्ष्य अहमदाबाद की सड़कों को साफ करना है। हम ड्रग पेडलर्स पर वहीं चोट कर रहे हैं जहां उन्हें सबसे ज्यादा दर्द होता है, उनके पैसे पर और साथ ही उन लोगों को मदद का हाथ बढ़ा रहे हैं जो यह आदत छोड़ना चाहते हैं। अगर आप नशे के आदी हैं और इससे बाहर निकलने का रास्ता ढूंढ रहे हैं, तो कानून आपको एक नई जिंदगी का मौका देता है। अगर आप ड्रग पेडलर हैं, तो आपके पास छिपने की कोई जगह नहीं है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

और पुलिस की यह पहल इसे सुनिश्चित करने की दिशा में एक ठोस कदम है। हमें उम्मीद है कि इस प्रकार के अभियान युवाओं को नशे से दूर रखने में मदद करेंगे।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद में ड्रग्स के खिलाफ कौन सी कार्रवाई हुई है?
अहमदाबाद पुलिस ने पिछले हफ्ते कई हाई-इंटेंसिटी रेड्स के माध्यम से 25 तस्करों को गिरफ्तार किया है।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य ड्रग्स के नेटवर्क को तोड़ना और नशे की तस्करी व उपयोग पर 'जीरो टॉलरेंस' नीति लागू करना है।
क्या नशे के आदी लोगों को राहत मिल सकती है?
हां, अगर नशे का आदी व्यक्ति स्वेच्छा से नशा मुक्ति के लिए उपचार चाहता है, तो उसे अभियोजन से छूट दी जा सकती है।
पुलिस का लक्ष्य क्या है?
पुलिस का लक्ष्य अहमदाबाद की सड़कों को साफ करना और ड्रग पेडलर्स पर चोट करना है।
क्या छोटे पैमाने पर बिकने वाले ड्रग्स पर भी कार्रवाई की जाएगी?
जी हां, पुलिस ने छोटे पैमाने पर बिकने वाले ड्रग्स के खिलाफ भी कार्रवाई करने का वादा किया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले