21 जुलाई 2026
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गुजरात में 100 करोड़ के धोखाधड़ी मामले में 7 लोग गिरफ्तार, गिरोह के रहस्यों का पर्दाफाश

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गुजरात में 100 करोड़ के धोखाधड़ी मामले में 7 लोग गिरफ्तार, गिरोह के रहस्यों का पर्दाफाश

सारांश

अहमदाबाद में क्राइम ब्रांच ने एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसने इलेक्ट्रॉनिक वेब्रिज मशीनों में हेरफेर कर 100 करोड़ रुपये का स्क्रैप घोटाला किया। सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कई अन्य की तलाश जारी है। इस कहानी में जानें और क्या है इस धोखाधड़ी का पूरा सच।

मुख्य बातें

गिरफ्तारी: सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
धोखाधड़ी का तरीका: इलेक्ट्रॉनिक वेब्रिज मशीनों में हेरफेर।
धोखाधड़ी का दायरा: 50 से 100 करोड़ रुपए।
मुख्य आरोपी: फरार रजनीश कश्यप।
जांच जारी: मामले की आगे की जांच चल रही है।

अहमदाबाद, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अहमदाबाद की क्राइम ब्रांच ने सात व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। उन पर आरोप है कि वे इलेक्ट्रॉनिक वेब्रिज (तौल मशीन) प्रणाली में हेरफेर करते हुए स्क्रैप (पुराने सामान) के लेनदेन के दौरान कंपनियों के साथ धोखाधड़ी करने वाले एक जटिल अंतरराज्यीय गिरोह का संचालन कर रहे थे।

क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह कई राज्यों में सक्रिय था और स्क्रैप सामग्री की तौल के लिए उपयोग की जाने वाली इलेक्ट्रॉनिक वेब्रिज मशीनों में छेड़छाड़ कर धोखाधड़ी करता था।

यह मामला विशेष सूचनाओं के आधार पर सामने आया, जिसके फलस्वरूप जांचकर्ताओं ने तकनीकी विश्लेषण और फील्ड जांच की।

पुलिस ने बताया कि आरोपी वेब्रिज मशीनों में विशेष चिप्स स्थापित करते थे, ताकि वे वजन दिखाने वाली प्रणाली में हस्तक्षेप कर सकें।

वे रिमोट कंट्रोल उपकरणों का उपयोग कर वजन की रीडिंग को बदल देते थे और झूठे वेट स्लिप तैयार करते थे, जिनमें वास्तविक वजन से कम वजन दर्शाया जाता था।

इससे उन्हें स्क्रैप खरीद में अवैध लाभ प्राप्त होता था।

निरीक्षक निखिल ब्रह्मभट्ट ने कहा, 'गुजरात और उसके आस-पास के राज्यों जैसे मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र में कई स्क्रैप व्यापारी और बड़ी कंपनियां हैं, जहाँ स्क्रैप के लिए टेंडर जारी किए जाते हैं। इस गिरोह ने इन टेंडरों में सबसे ऊंची बोली लगाई और फिर धोखाधड़ी की। हमने इस गिरोह के सात सदस्यों को पकड़ लिया है।'

जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपी कंपनियों और औद्योगिक इकाइयों द्वारा जारी स्क्रैप टेंडरों में भाग लेते थे या नीलामी के माध्यम से स्क्रैप प्राप्त करते थे।

डील प्राप्त होने के बाद, वे अपने तकनीकी जानकार सहयोगियों की मदद से साइट पर लगे वेब्रिज सिस्टम में छेड़छाड़ करते थे और स्क्रैप का वजन कम दिखाकर स्क्रैप यार्ड संचालकों और साइट मालिकों को धोखा देते थे।

पुख्ता सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच टीम ने छापेमारी कर सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

एक क्राइम ब्रांच अधिकारी ने बताया, 'हमें उनके इकट्ठा होने की ठोस सूचना मिली थी। सभी सात आरोपियों को अहमदाबाद के वटवा जीआईडीसी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।'

अधिकारियों ने बताया कि इस धोखाधड़ी का अनुमानित दायरा ५० करोड़ से १०० करोड़ रुपए के बीच है और इसमें कई बड़ी कंपनियां प्रभावित हुई हैं।

अधिकारी ने कहा, 'हमने कंपनियों से जांच में सहयोग करने के लिए संपर्क किया है। हमें यह भी संदेह है कि सुरक्षा गार्ड जैसे कर्मचारी भी इस ऑपरेशन में शामिल हो सकते हैं।'

अधिकारी ने आगे बताया कि इस गिरोह का कथित मास्टरमाइंड मध्य प्रदेश का रजनीश कश्यप है, जो फिलहाल फरार है।

अधिकारी ने राष्ट्र प्रेस को बताया, 'नोएडा और नई दिल्ली के दो अन्य व्यक्तियों के भी इस धोखाधड़ी में शामिल होने की संभावना है।'

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हेमंतकुमार रावल (३३), संकेट रावल (२४), विजय ठाकोर (३६), मनीष रबारी (२७), विनोद पटनी (३६), मुकेश पटनी (३१) और सुनील पटनी (३६) के रूप में हुई है।

पुलिस ने बताया कि ये सभी अहमदाबाद और आसपास के जिलों के निवासी हैं, और उनके मूल स्थान मेहसाणा, साबरकांठा, बनासकांठा, गांधीनगर और पाटन हैं।

अधिकारियों ने बताया कि मामले में छह अन्य लोगों को वांछित घोषित किया गया है, जिनमें रजनीश कश्यप, चिराग गोस्वामी उर्फ चिराग बावा, सुनील बोडी, विनोद चंपो, अशोक गुगो और संजय पटनी शामिल हैं।

इस अभियान के दौरान पुलिस ने ८० हजार रुपए मूल्य की चार इलेक्ट्रॉनिक चिप्स, ६५ हजार रुपए मूल्य के १३ रिमोट कंट्रोल उपकरण, २.६५ लाख रुपए मूल्य के १२ मोबाइल फोन और १५ लाख रुपए मूल्य की एक कार जब्त की।

जब्त संपत्ति की कुल कीमत लगभग १९.१० लाख रुपए आंकी गई है।

मामले की आगे की जांच जारी है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या कितनी है?
सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
इस गिरोह का मुख्य आरोपी कौन है?
इस गिरोह का कथित मास्टरमाइंड रजनीश कश्यप है, जो फरार है।
इस धोखाधड़ी का अनुमानित दायरा क्या है?
इस धोखाधड़ी का अनुमानित दायरा 50 करोड़ से 100 करोड़ रुपए के बीच है।
गिरफ्तार आरोपी कहां के निवासी हैं?
गिरफ्तार आरोपी अहमदाबाद और उसके आसपास के जिलों के निवासी हैं।
क्या पुलिस ने कोई संपत्ति जब्त की है?
हां, पुलिस ने कई इलेक्ट्रॉनिक चिप्स, रिमोट कंट्रोल उपकरण और एक कार जब्त की है।
राष्ट्र प्रेस
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