अहमदाबाद में बांग्लादेशी घुसपैठियों पर बड़ी कार्रवाई, 131 हिरासत में; 160 से पूछताछ जारी
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के अहमदाबाद में अवैध रूप से रह रहे संदिग्ध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीमों ने मंगलवार देर रात बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसमें 131 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों के अनुसार, 160 से अधिक अन्य संदिग्धों से पूछताछ अब भी जारी है और दस्तावेज़ सत्यापन के बाद यह संख्या और बढ़ सकती है।
मुख्य घटनाक्रम
अहमदाबाद पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमों ने शहर के चंडोला, गुलाबनगर और खोडियारनगर समेत कई संवेदनशील इलाकों में एक साथ छापेमारी की। अभियान के दौरान 290 से अधिक संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर उनकी पहचान और दस्तावेज़ों की प्रारंभिक जाँच की गई।
हिरासत में लिए गए सभी लोगों को क्राइम ब्रांच कार्यालय लाया गया, जहाँ उनके पहचान पत्र, निवास से जुड़े दस्तावेज़ और अन्य रिकॉर्ड की गहन समीक्षा की जा रही है।
पुलिस की प्रक्रिया
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने बताया कि अब तक 131 लोगों की पहचान बांग्लादेशी नागरिकों के रूप में हुई है। शेष संदिग्धों के दस्तावेज़ों के सत्यापन के बाद ही कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी।
अहमदाबाद पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई शहर के सभी ज़ोन में चलाए जा रहे व्यापक सत्यापन अभियान का हिस्सा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जाँच पूरी होने के बाद ही विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
राज्य और देश में व्यापक अभियान
गुजरात के अन्य जिलों में भी अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए समानांतर अभियान चलाया जा रहा है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र के मुंबई सहित कई शहरों में भी अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई तेज़ हुई है।
मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने कथित तौर पर कहा था कि बांग्लादेशी घुसपैठियों को भारत छोड़कर अपने देश लौट जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘मुंबई में विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोगों का हमेशा स्वागत है, लेकिन अगर अवैध बांग्लादेशी प्रवासी यहाँ आते हैं, घुसपैठ करते हैं और खुद को स्थापित करने की कोशिश करते हैं, तो हम किसी भी कीमत पर ऐसा नहीं होने देंगे।'
आगे क्या
पुलिस का कहना है कि अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और उन पर कानूनी कार्रवाई के लिए यह अभियान आने वाले दिनों में और तेज़ किया जाएगा। दस्तावेज़ सत्यापन पूरा होने के बाद निर्वासन सहित अगली प्रक्रियाओं पर निर्णय लिया जाएगा।