गुरुग्राम पुलिस ने 13 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया, मानेसर निर्वासन केंद्र भेजा
सारांश
मुख्य बातें
गुरुग्राम पुलिस ने 16 जून 2026 को अवैध प्रवासियों के विरुद्ध चलाए जा रहे तलाशी अभियान के तहत शहर के विभिन्न इलाकों से 13 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया। इन सभी के पास वैध दस्तावेज़ नहीं पाए गए और इनके पास से बांग्लादेशी पहचान पत्र बरामद किए गए हैं। हिरासत में लिए गए सभी व्यक्तियों को मानेसर स्थित निर्वासन केंद्र में रखा गया है।
कैसे चला अभियान
एसीपी क्राइम नवीन शर्मा ने मीडिया को बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए क्राइम ब्रांच द्वारा गुरुग्राम की कॉलोनियों, सेक्टरों और झुग्गी-झोपड़ी बहुल इलाकों में कई दिनों से सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'हमें सूचना मिली थी कि कुछ बांग्लादेशी नागरिक वैध दस्तावेज़ों के बिना शहर में रह रहे थे।'
पूछताछ और तलाशी के बाद 13 लोगों को औपचारिक रूप से हिरासत में लिया गया। इनमें से कुछ झुग्गी-झोपड़ियों में निवास कर रहे थे, जबकि कुछ निर्माण स्थलों पर मज़दूरी कर रहे थे।
कितने समय से थे भारत में
एसीपी शर्मा के अनुसार, हिरासत में लिए गए व्यक्तियों में से कुछ दो महीने से और कुछ चार महीने से गुरुग्राम में रह रहे थे। ये सभी पश्चिम बंगाल की सीमा से भारत में दाखिल हुए थे। इनके पास से बांग्लादेश के फोन नंबर भी बरामद हुए, जिनका उपयोग ये अपने परिजनों से संपर्क के लिए करते थे।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
एसीपी शर्मा ने स्पष्ट किया कि सभी हिरासत में लिए गए व्यक्तियों को कानूनी औपचारिकताएँ पूरी होने तक मानेसर स्थित निर्वासन केंद्र में रखा जाएगा। इसके बाद उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत निर्वासित किया जाएगा। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिकों और देश में कानूनी रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को इस अभियान से घबराने की आवश्यकता नहीं है।
नागरिकों और नियोक्ताओं से अपील
एसीपी नवीन शर्मा ने होटल मालिकों, मकान मालिकों और निर्माण स्थलों के नियोक्ताओं से अपील की है कि वे किरायेदारों, घरेलू सहायकों और कर्मचारियों के पहचान पत्रों की सावधानीपूर्वक जाँच करें और पुलिस सत्यापन सुनिश्चित करें। यह अभियान फिलहाल गुरुग्राम में जारी है और आगे भी चलता रहेगा।