2 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अहमदाबाद में फूड सेफ्टी अभियान: 709 सैंपल में 46 फेल, 4 दुकानें सील, ₹10.29 लाख जुर्माना

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अहमदाबाद में फूड सेफ्टी अभियान: 709 सैंपल में 46 फेल, 4 दुकानें सील, ₹10.29 लाख जुर्माना

सारांश

अहमदाबाद नगर निगम ने जून में 709 फूड सैंपल जाँचे — 46 फेल, 4 दुकानें सील, ₹10.29 लाख जुर्माना और 2,748 किलो अस्वच्छ स्टॉक नष्ट। साथ ही 10,000 से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स के लिए QR फीडबैक सिस्टम लागू — शहर की फूड सेफ्टी निगरानी अब संस्थागत रूप ले रही है।

मुख्य बातें

अहमदाबाद नगर निगम (AMC) ने जून 2026 में 709 फूड सैंपल एकत्र किए और 1,877 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।
46 सैंपल फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत फेल; 2 असुरक्षित घोषित, इनके खिलाफ कोर्ट केस दर्ज होंगे।
545 नोटिस जारी, ₹10,29,500 प्रशासनिक जुर्माना, 2,748 किलो व 1,269 लीटर अस्वच्छ स्टॉक नष्ट।
जून में 4 दुकानें सील — मुन्ना चाइनीज, नवरंगपुरा कॉफी स्टैंड, श्री मतांगी डेयरी और श्री वृष्टि ट्रेडिंग।
10,000 से अधिक स्ट्रीट वेंडर QR कोड-आधारित पब्लिक फीडबैक सिस्टम से जोड़े गए।
आने वाले हफ्तों में लाइसेंस, पंजीकरण और स्वच्छता की जाँच जारी रहेगी।

अहमदाबाद नगर निगम (AMC) के फूड डिपार्टमेंट ने जून 2026 में शहरभर में खाद्य सुरक्षा की व्यापक जाँच की, जिसमें 709 सैंपल एकत्र किए गए और 1,877 फूड बिजनेस प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इनमें से 46 सैंपल 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006' के मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिसके बाद दो प्रतिष्ठानों के खिलाफ न्यायालय में मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू की गई।

जाँच का दायरा और सैंपलिंग

AMC के फूड डिपार्टमेंट ने 1 जून से 30 जून के बीच विभिन्न खाद्य श्रेणियों से नमूने लिए। इनमें ठंडे पेय पदार्थ, गन्ने का रस, आम का मिल्कशेक, तरबूज का रस, दूध एवं दुग्ध उत्पाद, मिठाइयाँ, बेकरी उत्पाद, नमकीन, बेसन, मैदा, अनाज, खाद्य तेल और मसाले शामिल थे।

सबसे अधिक 229 सैंपल विविध खाद्य उत्पादों की श्रेणी से लिए गए, इसके बाद दूध एवं दुग्ध उत्पादों के 121 सैंपल और मसालों के 101 सैंपल थे। यह अभियान शहर के सभी प्रमुख जोन में एक साथ चलाया गया।

उल्लंघन और कानूनी कार्रवाई

फेल हुए 46 सैंपल में से 2 को असुरक्षित घोषित किया गया और संबंधित फूड बिजनेस ऑपरेटर्स के खिलाफ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत न्यायालय में केस दर्ज किए जाएंगे। शेष 44 सैंपल घटिया गुणवत्ता की श्रेणी में रखे गए हैं और संबंधित ऑपरेटर्स के खिलाफ निर्णायक अधिकारी के समक्ष कार्रवाई शुरू की जाएगी।

विभाग ने इस दौरान 545 नोटिस जारी किए, ₹10,29,500 का प्रशासनिक शुल्क वसूला और 2,748 किलोग्राम1,269 लीटर अस्वच्छ खाद्य स्टॉक नष्ट किया। खाने के तेल की गुणवत्ता परखने के लिए 387 टोटल पोलर कंपाउंड (TPC) टेस्ट भी किए गए।

चार प्रतिष्ठान सील, जब्ती भी हुई

जून में AMC ने चार दुकानों को सील किया। मकतंपुरा में मुन्ना चाइनीज एंड मुगलाई को 3 जून को स्वच्छता की कमी और शेड्यूल 4 के उल्लंघन के कारण सील किया गया। नवरंगपुरा में एक कॉफी स्टैंड को 6 जून को किचन में कीड़े मिलने पर बंद कराया गया।

काठवाड़ा में श्री मतांगी डेयरी एंड फूड प्रोडक्ट्स को 10 जून को बिना फूड सेफ्टी लाइसेंस के संचालन और स्वच्छता उल्लंघन के चलते सील किया गया। 20 जून को इसी क्षेत्र में श्री वृष्टि ट्रेडिंग — जो पार्सल चूने का कारोबार करती है — को लाइसेंस न होने और अस्वच्छ परिस्थितियों के कारण सील किया गया। अधिकारियों ने जून में 450 किलोग्राम (लगभग ₹22,500 मूल्य) पार्सल चूना और 508 किलोग्राम (लगभग ₹73,660 मूल्य) रिफा-कपासिया भी जब्त किया।

QR कोड से स्ट्रीट फूड की निगरानी

AMC ने स्ट्रीट फूड स्वच्छता की निगरानी के लिए QR कोड-आधारित पब्लिक फीडबैक सिस्टम लागू किया है। शहर के विभिन्न जोन में 10,000 से अधिक स्ट्रीट फूड वेंडर इस प्रणाली के तहत पंजीकृत हैं। प्रत्येक पंजीकृत विक्रेता को एक अद्वितीय QR कोड दिया जाता है, जिसे ग्राहक स्वच्छता पर फीडबैक देने के लिए स्कैन कर सकते हैं।

इस प्रणाली में अब तक सर्वश्रेष्ठ रेटिंग पाने वाले पाँच विक्रेताओं में सरदारनगर में आनंद पार्टी प्लॉट के पास फेसबुक पानीपुरी, शाहीबाग में दिल्ली दरवाजा के पास अग्रवाल कचोरी सेंटर, रामोल में जीवन सुपर मार्केट के पास कृष्णा पकोड़ी सेंटर, वटवा में गुजराती स्कूल के सामने टेस्ट ऑफ साउथ और खोखरा में भगवती ज्वैलर्स के सामने जय किशन पकोड़ी सेंटर शामिल हैं।

आगे क्या होगा

AMC के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जो विक्रेता QR कोड प्रदर्शित नहीं करते या बिना पंजीकरण के कारोबार चला रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। आने वाले हफ्तों में स्वच्छता मानकों, लाइसेंस और पंजीकरण की जाँच का यह सिलसिला नहीं थमेगा, जो संकेत देता है कि अहमदाबाद में खाद्य सुरक्षा प्रवर्तन अब एक नियमित और संस्थागत प्रक्रिया बन रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 46 फेल सैंपल में से केवल 2 के खिलाफ कोर्ट केस क्यों — शेष 44 के लिए 'निर्णायक अधिकारी' की प्रक्रिया कितनी सख्त होगी, यह स्पष्ट नहीं है। QR फीडबैक सिस्टम एक सराहनीय पहल है, परंतु 10,000 वेंडर्स की निगरानी के लिए नागरिक भागीदारी पर निर्भरता तब तक पर्याप्त नहीं, जब तक फीडबैक डेटा पारदर्शी रूप से सार्वजनिक न हो। गौरतलब है कि गर्मियों में जूस और दुग्ध उत्पादों की मिलावट सबसे अधिक होती है — यह अभियान मौसम की दृष्टि से सही समय पर है, लेकिन साल भर की निरंतरता ही इसकी वास्तविक कसौटी होगी।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद नगर निगम के फूड सेफ्टी अभियान में क्या पाया गया?
AMC ने जून 2026 में 709 फूड सैंपल जाँचे, जिनमें से 46 फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत असुरक्षित या घटिया गुणवत्ता के पाए गए। इनमें से 2 को असुरक्षित घोषित करते हुए संबंधित ऑपरेटर्स के खिलाफ कोर्ट केस दर्ज किए जाएंगे।
अहमदाबाद में कौन-सी चार दुकानें सील की गईं?
मकतंपुरा में मुन्ना चाइनीज एंड मुगलाई (3 जून), नवरंगपुरा में एक कॉफी स्टैंड (6 जून), काठवाड़ा में श्री मतांगी डेयरी एंड फूड प्रोडक्ट्स (10 जून) और काठवाड़ा में ही श्री वृष्टि ट्रेडिंग (20 जून) को सील किया गया। सभी मामलों में लाइसेंस का अभाव या स्वच्छता उल्लंघन कारण रहा।
AMC का QR कोड फीडबैक सिस्टम क्या है और यह कैसे काम करता है?
AMC ने स्ट्रीट फूड वेंडर्स की निगरानी के लिए QR कोड-आधारित पब्लिक फीडबैक सिस्टम लागू किया है, जिसमें 10,000 से अधिक पंजीकृत वेंडर शामिल हैं। प्रत्येक वेंडर को एक अद्वितीय QR कोड दिया जाता है जिसे ग्राहक स्कैन कर स्वच्छता पर फीडबैक दे सकते हैं, और इस डेटा के आधार पर वेंडर्स की निगरानी की जाती है।
फेल हुए सैंपल के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
46 फेल सैंपल में से 2 को असुरक्षित घोषित किया गया है और संबंधित फूड बिजनेस ऑपरेटर्स के खिलाफ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत न्यायालय में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। शेष 44 घटिया गुणवत्ता वाले सैंपल के मामले निर्णायक अधिकारी के समक्ष भेजे जाएंगे।
AMC ने जून में कितना जुर्माना वसूला और कितना स्टॉक नष्ट किया?
AMC ने जून 2026 में ₹10,29,500 का प्रशासनिक शुल्क वसूला। इसके अलावा 2,748 किलोग्राम और 1,269 लीटर अस्वच्छ खाद्य स्टॉक नष्ट किया गया, तथा 450 किलोग्राम पार्सल चूना और 508 किलोग्राम रिफा-कपासिया जब्त किया गया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले