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राजकोट में खाद्य मिलावट के खिलाफ एक साल का अभियान, 8 टीमें और 8 फूड लैब होंगी तैनात: नगर आयुक्त तुषार सुमेरा

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राजकोट में खाद्य मिलावट के खिलाफ एक साल का अभियान, 8 टीमें और 8 फूड लैब होंगी तैनात: नगर आयुक्त तुषार सुमेरा

सारांश

राजकोट नगर निगम ने मिलावटी खाने के खिलाफ एक साल का बड़ा अभियान छेड़ा है। 8 जांच टीमें और 8 फूड लैब के साथ, नगर आयुक्त तुषार सुमेरा ने स्पष्ट किया — छोटी गुमटी से लेकर बड़े प्रतिष्ठान तक कोई नहीं बचेगा, और उल्लंघन पर सीलिंग तक की कार्रवाई होगी।

मुख्य बातें

राजकोट नगर आयुक्त तुषार सुमेरा ने 15 जून 2026 को एक साल के व्यापक खाद्य जांच अभियान की घोषणा की।
अभियान के तहत 8 विशेष जांच टीमें गठित की जाएंगी जो शहर के हर खाद्य प्रतिष्ठान का निरीक्षण करेंगी।
नमूनों की वैज्ञानिक जांच के लिए 8 फूड लैब स्थापित की जा रही हैं।
नियम उल्लंघन पर प्रतिष्ठान को सील करने तक की कार्रवाई की जाएगी।
अभियान का मुख्य लक्ष्य राजकोट के नागरिकों को मिलावट-रहित और दूषण-मुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है।

राजकोट नगर निगम ने 15 जून 2026 को शहर में खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक एक-वर्षीय जांच अभियान की घोषणा की। नगर आयुक्त तुषार सुमेरा ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि इस अभियान के तहत राजकोट में बिकने वाले हर खाद्य पदार्थ की जांच की जाएगी — चाहे वह किसी छोटी गुमटी से हो या बड़े प्रतिष्ठान से।

अभियान की रूपरेखा

नगर आयुक्त सुमेरा के अनुसार, इस अभियान का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नागरिकों को मिलावट-रहित और दूषण-मुक्त खाद्य पदार्थ मिलें। उन्होंने बताया कि इसके लिए 8 विशेष जांच टीमें गठित की जाएंगी, जो शहर के हर उस प्रतिष्ठान का निरीक्षण करेंगी जहाँ खाद्य पदार्थों की खरीद-बिक्री होती है। अभियान के तहत कोई भी दुकान जांच के दायरे से बाहर नहीं रहेगी।

उन्होंने यह भी बताया कि निगम द्वारा 8 फूड लैब स्थापित की जा रही हैं, जहाँ संदिग्ध खाद्य नमूनों की वैज्ञानिक जांच की जाएगी। यह ढाँचा अभियान को केवल औपचारिक निरीक्षण तक सीमित न रखकर प्रयोगशाला-आधारित सत्यापन से जोड़ता है।

उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई

सुमेरा ने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान यदि कोई व्यापारी या प्रतिष्ठान नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नगर निगम के पास संबंधित प्रतिष्ठान को सील करने की भी शक्तियाँ हैं, जिनका उपयोग आवश्यकता पड़ने पर किया जाएगा। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में ऐसी स्थितियाँ दोबारा न उत्पन्न हों।

आम जनता पर असर

यह अभियान ऐसे समय में शुरू हो रहा है जब देशभर में खाद्य मिलावट की घटनाएँ चिंता का विषय बनी हुई हैं। राजकोट जैसे बड़े शहरी केंद्र में, जहाँ सड़क किनारे खाद्य व्यापार व्यापक पैमाने पर होता है, इस पहल से आम उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। गौरतलब है कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में नगर निकायों की भूमिका राज्य खाद्य सुरक्षा विभाग के समानांतर और पूरक होती है।

आगे क्या होगा

नगर आयुक्त ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में इस अभियान के तहत और भी कदम उठाए जाएंगे। 8 टीमों की तैनाती और फूड लैब के संचालन की समयसीमा शीघ्र घोषित होने की संभावना है। यह एक-वर्षीय अभियान राजकोट में खाद्य सुरक्षा के दीर्घकालिक मानक स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी। देशभर में नगर निकायों द्वारा ऐसे अभियान समय-समय पर चलाए जाते हैं, परंतु संसाधनों की कमी और राजनीतिक दबाव के चलते अक्सर ये कुछ महीनों में ही दम तोड़ देते हैं। 8 फूड लैब की स्थापना एक सकारात्मक संरचनात्मक कदम है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इनका संचालन किस एजेंसी द्वारा और किस बजट से होगा। जब तक परिणामों की सार्वजनिक रिपोर्टिंग और स्वतंत्र निगरानी सुनिश्चित नहीं होती, यह अभियान भी पूर्ववर्ती घोषणाओं की तरह सुर्खियों तक सीमित रह सकता है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजकोट में खाद्य जांच अभियान क्या है?
यह राजकोट नगर निगम द्वारा शुरू किया गया एक साल का अभियान है, जिसके तहत शहर के हर खाद्य प्रतिष्ठान में मिलावट और दूषित पदार्थों की जांच की जाएगी। नगर आयुक्त तुषार सुमेरा ने 15 जून 2026 को इसकी घोषणा की।
इस अभियान में कितनी टीमें और लैब शामिल होंगी?
अभियान के तहत 8 विशेष जांच टीमें गठित की जाएंगी और 8 फूड लैब स्थापित की जा रही हैं। ये लैब खाद्य नमूनों की वैज्ञानिक जांच करेंगी।
मिलावट पाए जाने पर क्या कार्रवाई होगी?
नगर आयुक्त के अनुसार, नियम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम के पास संबंधित प्रतिष्ठान को सील करने की भी शक्तियाँ हैं, जिनका उपयोग आवश्यकता पड़ने पर किया जाएगा।
क्या केवल बड़े प्रतिष्ठान ही जांच के दायरे में आएंगे?
नहीं, नगर आयुक्त तुषार सुमेरा ने स्पष्ट किया है कि छोटी दुकानों से लेकर बड़े प्रतिष्ठानों तक सभी जांच के दायरे में होंगे। कोई भी खाद्य व्यापार स्थल इस अभियान से अछूता नहीं रहेगा।
यह अभियान राजकोट के नागरिकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
खाद्य मिलावट सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। यह अभियान नागरिकों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने की दिशा में एक संरचनात्मक प्रयास है, जिसमें प्रयोगशाला-आधारित परीक्षण और कानूनी कार्रवाई दोनों शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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