मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर! वित्त वर्ष के अंतिम सत्र में सेंसेक्स 1,635 अंक गिरा

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मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर! वित्त वर्ष के अंतिम सत्र में सेंसेक्स 1,635 अंक गिरा

सारांश

भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को भारी गिरावट आई, जहाँ सेंसेक्स 1,635 अंक और निफ्टी 488 अंक गिर गए। यह गिरावट मध्य पूर्व में तनाव के बढ़ने के कारण हुई है।

Key Takeaways

  • सेंसेक्स में **1,635 अंक** की गिरावट हुई।
  • निफ्टी में **488 अंक** की कमी आई।
  • मध्य पूर्व में तनाव का प्रभाव बाजार पर पड़ा।
  • बाजार में अधिकांश सूचकांक **लाल निशान** में बंद हुए।
  • बाजार का कुल मार्केटकैप **10 लाख करोड़ रुपए** कम हुआ।

मुंबई, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चालू वित्त वर्ष (2025-26) के अंतिम कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार में महत्वपूर्ण गिरावट आई। दिन के अंत में सेंसेक्स 1,635.67 अंक या 2.22 प्रतिशत की कमी के साथ 71,947.55 और निफ्टी 488.20 अंक या 2.14 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 22,331.40 पर बंद हुआ।

बाजार में चौतरफा गिरावट देखने को मिली। लगभग सभी सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी पीएसयू बैंक (4.56 प्रतिशत), निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस (3.49 प्रतिशत), निफ्टी प्राइवेट बैंक (3.37 प्रतिशत), निफ्टी रियल्टी (2.84 प्रतिशत), निफ्टी इंडिया डिफेंस (2.80 प्रतिशत), निफ्टी सर्विसेज (2.72 प्रतिशत), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (2.58 प्रतिशत), निफ्टी मीडिया (2.50 प्रतिशत) और निफ्टी ऑटो (2.39 प्रतिशत) की कमजोरी के साथ बंद हुए।

लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,447.80 अंक या 2.68 प्रतिशत की कमी के साथ 52,650 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 416.20 अंक या 2.66 प्रतिशत की गिरावट के साथ 15,203.80 पर था।

सेंसेक्स पैक में 30 में से केवल दो शेयर हरे निशान में बंद हुए।

बजाज फाइनेंस, एसबीआई, इंडिगो, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक, ट्रेंट, भारती एयरटेल, अल्ट्राटेक सीमेंट, एमएंडएम, आईटीसी, आईसीआईसीआई बैंक, सन फार्मा और एशियन पेंट्स लूजर्स रहे। केवल टेक महिंद्रा और पावर ग्रिड ही हरे निशान में बंद हो सके।

शेयर बाजार में महत्वपूर्ण गिरावट के कारण बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का मार्केटकैप लगभग 10 लाख करोड़ रुपए कम होकर 412 लाख करोड़ रुपए हो गया, जो कि शुक्रवार को 422 लाख करोड़ रुपए था।

बाजार में गिरावट की मुख्य वजह मध्य पूर्व में तनाव का बढ़ना है, जिसके समाप्त होने के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं। इससे बाजार में निवेशकों की धारणा कमजोर हुई है।

एसबीआई सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स प्रमुख सुदीप शाह ने कहा कि वित्त वर्ष 26 के अंतिम दिन बाजार की शुरुआत गैप डाउन के साथ हुई और हालांकि, बाद में हल्की रिकवरी हुई, लेकिन ऊपरी स्तर से लगातार बिकवाली ने बाजार में गिरावट को बढ़ावा दिया। इससे दिन के अंत में निफ्टी 2.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।

उन्होंने आगे कहा कि निफ्टी के लिए सपोर्ट 22,200 से 22,150 के आसपास है और अगर यहां से गिरावट बढ़ती है तो निफ्टी 22,000 और फिर 21,800 तक जा सकता है। हालांकि, 22,450-22,500 रुकावट का स्तर है।

Point of View

क्योंकि बाजार में गिरावट के संकेत स्पष्ट हैं। मध्य पूर्व की स्थिति ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है, जिससे बाजार में अस्थिरता बढ़ी है।
NationPress
01/04/2026

Frequently Asked Questions

सेंसेक्स में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
सेंसेक्स में गिरावट का मुख्य कारण मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव हैं।
क्या निफ्टी भी गिरा है?
हाँ, निफ्टी में भी गिरावट आई है, जो 488 अंक तक पहुंची।
अब बाजार में निवेश करना सुरक्षित है?
निवेशकों को वर्तमान स्थिति को देखकर सतर्क रहना चाहिए।
कौन से सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट आई?
निफ्टी पीएसयू बैंक में सबसे ज्यादा गिरावट, करीब 4.56 प्रतिशत देखी गई।
क्या स्थिति में सुधार की संभावना है?
मध्य पूर्व की स्थिति के स्पष्ट संकेतों के बिना सुधार की संभावना कम है।
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