23 सितंबर 2026
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कर्नाटक भाजपा का विधान सौधा पर प्रदर्शन, ₹8 लाख करोड़ कर्ज पर श्वेत पत्र की मांग

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कर्नाटक भाजपा का विधान सौधा पर प्रदर्शन, ₹8 लाख करोड़ कर्ज पर श्वेत पत्र की मांग

सारांश

कर्नाटक भाजपा ने विधान सौधा पर सड़क पर उतरकर दिखा दिया कि विपक्ष कांग्रेस सरकार को वित्तीय मोर्चे पर घेरने की रणनीति पर है। ₹8 लाख करोड़ के कर्ज और पेंशन भुगतान में देरी के आरोपों के साथ भाजपा ने श्वेत पत्र की माँग को नई धार दी है।

मुख्य बातें

कर्नाटक भाजपा ने 23 सितंबर 2026 को विधान सौधा , बेंगलुरु में कांग्रेस सरकार के खिलाफ़ प्रदर्शन किया।
भाजपा अध्यक्ष बी.वाई.
विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि राज्य पर कुल कर्ज ₹8 लाख करोड़ तक पहुँच गया है, जिसमें ₹4 लाख करोड़ का नया कर्ज शामिल है।
भाजपा ने मुख्यमंत्री डी.के.
शिवकुमार से राज्य की आर्थिक स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करने की माँग की।
विजयेंद्र ने दावा किया कि दिव्यांग , वृद्धावस्था और विधवा पेंशन समय पर नहीं दी जा रही और शिक्षकों की भर्ती अटकी है।
प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष आर.
अशोक और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष चलवाड़ी नारायणस्वामी समेत भाजपा विधायक उपस्थित रहे।

कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 23 सितंबर 2026 को बेंगलुरु के विधान सौधा परिसर में केंगल हनुमंथैया की प्रतिमा के समीप कांग्रेस सरकार के खिलाफ़ बड़ा प्रदर्शन किया। भाजपा ने राज्य की बिगड़ती वित्तीय स्थिति और विकास कार्यों में कथित विफलता का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से राज्य की आर्थिक स्थिति पर तत्काल श्वेत पत्र जारी करने की माँग की।

मुख्य आरोप और माँगें

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने के बाद से ₹4 लाख करोड़ से अधिक का नया कर्ज लिया है, जिससे राज्य पर कुल कर्ज का बोझ बढ़कर करीब ₹8 लाख करोड़ हो गया है। उन्होंने कहा, 'राज्य में कर्ज लेने के अलावा कोई विकास दिखाई नहीं दे रहा है।'

विजयेंद्र ने यह भी दावा किया कि वित्त विभाग ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पर्याप्त वित्तीय संसाधन सुनिश्चित किए बिना नई घोषणाएँ न करने की सलाह दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की हालिया तटीय क्षेत्र की यात्रा के दौरान भी सरकार के पास नई घोषणाओं और सूखा राहत के लिए पर्याप्त धन नहीं था।

सरकार पर 'दिवालिया' होने का आरोप

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस सरकार को 'आईसीयू में पड़ी सरकार' बताते हुए कहा कि विकास कार्यों, किसानों और गरीबों को राहत देने के लिए सरकार के पास धन नहीं है। उनके अनुसार राज्य की आर्थिक स्थिति 'दिवालिया' जैसी हो गई है, जबकि सरकार विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है।

विजयेंद्र ने दावा किया कि सरकार दिव्यांग पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन और विधवा पेंशन समय पर देने में असमर्थ है। इसके अलावा उन्होंने शिक्षा विभाग में छात्रों के लिए जूते और मोजे की खरीद में कथित भ्रष्टाचार का भी उल्लेख किया।

रोज़गार और शिक्षा पर सवाल

विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि वित्तीय संकट के कारण सरकार शिक्षकों की भर्ती और उनका समय पर वेतन देने में विफल रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोज़गार उपलब्ध कराने में भी असफल रही है। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक सरकार पर अपनी गारंटी योजनाओं को लागू करने के लिए वित्तीय दबाव बढ़ता जा रहा है।

केंद्र पर दोष मढ़ने का आरोप

भाजपा अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार विशेष विधानसभा सत्र बुलाकर राज्य की आर्थिक समस्याओं का ठीकरा केंद्र सरकार पर फोड़ने की कोशिश कर रही है। उनका कहना था कि सरकार को अपनी कमियों का जवाब देना चाहिए, न कि केंद्र को दोष देना चाहिए।

प्रदर्शन में शामिल प्रमुख नेता

इस प्रदर्शन में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष चलवाड़ी नारायणस्वामी समेत भाजपा के विधायक और विधान परिषद सदस्य उपस्थित रहे। गौरतलब है कि यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ जब कर्नाटक में बजट की कमी को लेकर राजनीतिक तनाव चरम पर है। आने वाले दिनों में विपक्ष के दबाव के बीच सरकार की वित्तीय प्रबंधन नीति पर और अधिक सवाल उठने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या इन आँकड़ों को आधिकारिक बजट दस्तावेज़ों से सत्यापित किया गया है। कर्नाटक सरकार की गारंटी योजनाओं — जैसे मुफ्त बिजली और नकद हस्तांतरण — पर व्यय दबाव एक स्वीकृत तथ्य है, लेकिन 'दिवालिया' जैसे शब्दों का इस्तेमाल तथ्य और अतिशयोक्ति के बीच की रेखा को धुंधला करता है। असली जवाबदेही श्वेत पत्र से ही आएगी — अगर सरकार ने वह जारी किया। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है वह यह है कि केंद्र-राज्य राजकोषीय संबंध और GST हिस्सेदारी की शिकायतें दोनों पक्षों के लिए असुविधाजनक सच्चाई हैं।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक भाजपा ने विधान सौधा पर प्रदर्शन क्यों किया?
भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन और ₹8 लाख करोड़ के कर्ज का आरोप लगाते हुए विधान सौधा पर 23 सितंबर 2026 को प्रदर्शन किया। पार्टी ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से राज्य की आर्थिक स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करने की माँग की।
भाजपा के अनुसार कर्नाटक पर कितना कर्ज है?
भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र के अनुसार कांग्रेस सरकार ने ₹4 लाख करोड़ से अधिक का नया कर्ज लिया है, जिससे राज्य पर कुल कर्ज करीब ₹8 लाख करोड़ तक पहुँच गया है। हालाँकि ये आँकड़े भाजपा के दावे हैं और सरकार की ओर से इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
श्वेत पत्र की माँग क्यों की जा रही है?
भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस सरकार राज्य की वास्तविक वित्तीय स्थिति जनता से छुपा रही है और विज्ञापनों के ज़रिए गुमराह कर रही है। श्वेत पत्र से राज्य की आय, व्यय, कर्ज और योजनाओं की पारदर्शी जानकारी सामने आएगी।
प्रदर्शन में भाजपा के कौन-से प्रमुख नेता शामिल थे?
इस प्रदर्शन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष चलवाड़ी नारायणस्वामी समेत कई भाजपा विधायक और विधान परिषद सदस्य शामिल रहे।
कर्नाटक सरकार पर और क्या आरोप लगाए गए?
विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि सरकार दिव्यांग, वृद्धावस्था और विधवा पेंशन समय पर नहीं दे पा रही, शिक्षकों की भर्ती रुकी है और युवाओं को रोज़गार नहीं मिल रहा। शिक्षा विभाग में छात्रों के लिए जूते-मोजे खरीद में कथित भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया गया।
राष्ट्र प्रेस
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