च्यांग त्सेमिन की 100वीं जयंती: बीजिंग में भव्य महासभा, शी चिनफिंग ने दिया महत्वपूर्ण भाषण
सारांश
मुख्य बातें
चीन के पूर्व राष्ट्रपति च्यांग त्सेमिन की 100वीं जयंती के अवसर पर 17 अगस्त 2026 को बीजिंग के पेइचिंग जन वृहद भवन में एक भव्य महासभा का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने मुख्य भाषण दिया और च्यांग त्सेमिन के जीवन तथा योगदान को देश के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
महासभा का आयोजन और मुख्य क्षण
सोमवार की सुबह आयोजित इस महासभा में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के शीर्ष नेतृत्व, सेना के अधिकारी और विभिन्न जातीय समुदायों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। महासभा से पूर्व शी चिनफिंग सहित वरिष्ठ नेताओं ने च्यांग त्सेमिन के परिजनों से स्नेहपूर्वक भेंट की और उनके साथ सामूहिक फोटो भी खिंचवाई।
शी चिनफिंग का संबोधन: च्यांग का योगदान अविस्मरणीय
अपने भाषण में शी चिनफिंग ने कहा कि च्यांग त्सेमिन का जीवन गौरवपूर्ण और संघर्षशील रहा। उन्होंने राष्ट्र की स्वतंत्रता, जन मुक्ति, राष्ट्रीय समृद्धि और जनता की खुशहाली के लिए आजीवन समर्पण के साथ संघर्ष किया।
शी ने यह भी रेखांकित किया कि 70 वर्षों से अधिक के क्रांतिकारी जीवन में — विशेष रूप से 13वीं सीपीसी कांग्रेस के चौथे पूर्णाधिवेशन के बाद — च्यांग त्सेमिन ने एक सच्चे मार्क्सवादी राजनीतिज्ञ की महान प्रतिभा, साहसिक दृष्टि, नेतृत्वकारी कला और उत्तम आचरण का परिचय दिया, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
सीपीसी की एकजुटता का आह्वान
शी चिनफिंग ने अपने संबोधन में समग्र पार्टी, सेना और विभिन्न जातियों की जनता से आग्रह किया कि वे सीपीसी केंद्रीय कमेटी के इर्द-गिर्द और अधिक घनिष्ठता से एकजुट हों। उन्होंने कहा कि चीनी विशेषता वाले समाजवाद का महान झंडा थामे हुए, चीनी आधुनिकीकरण के माध्यम से एक शक्तिशाली राष्ट्र के निर्माण और राष्ट्रीय महान पुनरुत्थान के लक्ष्य की ओर निरंतर संघर्ष जारी रखना चाहिए।
च्यांग त्सेमिन: एक संक्षिप्त परिचय
च्यांग त्सेमिन 1989 से 2002 तक चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव और 1993 से 2003 तक चीन के राष्ट्रपति रहे। उनके कार्यकाल में चीन ने आर्थिक सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी उपस्थिति को सुदृढ़ किया। नवंबर 2022 में उनका निधन हुआ था। यह महासभा उनकी विरासत को आधिकारिक रूप से स्मरण करने का अवसर है।
आगे का संदर्भ
यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब चीन अपने दीर्घकालिक राजनीतिक लक्ष्यों — विशेषकर 2049 तक 'चीनी राष्ट्र के महान पुनरुत्थान' — की ओर बढ़ रहा है। शी चिनफिंग ने च्यांग की विरासत को वर्तमान नीतिगत दिशा से जोड़ते हुए इसे निरंतरता और प्रेरणा का प्रतीक बताया। गौरतलब है कि इस प्रकार की जयंती महासभाएँ सीपीसी की राजनीतिक वैधता को सुदृढ़ करने की एक स्थापित परंपरा रही हैं।