चीन की 77वीं स्थापना वर्षगांठ: शी चिनफिंग ने बीजिंग में दिया राष्ट्रीय पुनरुत्थान का संदेश
सारांश
मुख्य बातें
चीन लोक गणराज्य की 77वीं स्थापना वर्षगांठ के अवसर पर 30 सितंबर को बीजिंग स्थित पेइचिंग जन वृहद भवन में एक भव्य सत्कार समारोह आयोजित किया गया। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने इस समारोह में भाग लेकर एक महत्वपूर्ण भाषण दिया, जिसमें उन्होंने चीनी राष्ट्र के अपरिहार्य पुनरुत्थान और समाजवादी व्यवस्था की उपलब्धियों पर बल दिया। इस अवसर पर करीब 800 देशी-विदेशी अतिथियों ने एकत्र होकर राष्ट्रीय स्थापना दिवस का उत्सव मनाया।
समारोह का आयोजन और नेतृत्व
इस सत्कार समारोह की अध्यक्षता चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने की। पेइचिंग जन वृहद भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में देश-विदेश के गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। यह आयोजन प्रतिवर्ष 1 अक्टूबर को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय दिवस से एक दिन पूर्व आयोजित होने वाली परंपरागत गतिविधि का हिस्सा है।
शी चिनफिंग के भाषण के मुख्य बिंदु
राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अपने संबोधन में कहा कि दशकों की अथक कोशिशों और व्यावहारिक अनुभव के बल पर चीनी विशेषता वाली समाजवादी व्यवस्था ने विशाल लाभ अर्जित किए हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि राष्ट्रीय शासन व्यवस्था और शासन क्षमता का आधुनिकीकरण निरंतर गति से आगे बढ़ रहा है।
शी ने दृढ़ता के साथ कहा कि 'चीनी राष्ट्र का महान पुनरुत्थान रोका नहीं जा सकता' और यदि देश विश्वास को सुदृढ़ कर लक्ष्यों पर अडिग रहते हुए कदम-दर-कदम आगे बढ़ता रहेगा, तो सफलता निश्चित रूप से चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी), चीनी जनता और चीन लोक गणराज्य की होगी।
अर्थव्यवस्था और आंतरिक प्रगति
शी ने बताया कि इस वर्ष की शुरुआत से विभिन्न क्षेत्रों में कार्य मजबूती से आगे बढ़ाए जा रहे हैं। उनके अनुसार, चीनी अर्थव्यवस्था बाहरी दबावों के बावजूद नवाचार और बेहतरी की दिशा में आगे बढ़ रही है, जिसमें मजबूत लचीलापन और जीवंत ऊर्जा स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है। उन्होंने कहा कि पार्टी और देश के कार्य में नई प्रगति हासिल हुई है।
वैश्विक कूटनीति पर रुख
राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने वैश्विक मंच पर चीन की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि चीन स्वतंत्र एवं शांतिपूर्ण कूटनीति पर कायम रहेगा। उन्होंने चार वैश्विक पहलों के क्रियान्वयन को आगे बढ़ाने और मानवता के साझे भविष्य वाले समुदाय के निर्माण को प्रोत्साहित करने का संकल्प दोहराया। शी के अनुसार, परिवर्तन और अनिश्चितता से भरे विश्व में चीन अधिक स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा।
आगे का परिदृश्य
यह समारोह ऐसे समय में आयोजित हुआ है जब वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच चीन अपनी आंतरिक एकजुटता और बाहरी कूटनीतिक सक्रियता दोनों को प्रदर्शित कर रहा है। गौरतलब है कि राष्ट्रीय दिवस से पूर्व आयोजित यह सत्कार समारोह चीनी नेतृत्व के लिए अपने नीतिगत संदेश देने का एक महत्वपूर्ण मंच रहा है। आने वाले महीनों में चीन की आर्थिक नीतियों और वैश्विक कूटनीतिक पहलों पर दुनिया की नजर बनी रहेगी।