ली छ्यांग की अध्यक्षता में राज्य परिषद बैठक, शी चिनफिंग के भाषण और पार्टी विचारधारा का अध्ययन
सारांश
मुख्य बातें
चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने 1 जुलाई 2025 को राज्य परिषद के पार्टी समूह की एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का केंद्र चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की स्थापना की 105वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित समारोह में सीपीसी केंद्रीय समिति के महासचिव शी चिनफिंग द्वारा दिया गया भाषण और शी चिनफिंग की पार्टी निर्माण की विचारधारा का गहन अध्ययन रहा।
बैठक में क्या हुआ
बैठक में शी चिनफिंग के भाषण की मुख्य बातों की समीक्षा की गई, जिसमें पिछले 105 वर्षों में सीपीसी के नेतृत्व में चीन के विभिन्न जातीय समुदायों के सामूहिक प्रयासों से अर्जित उपलब्धियों का सिंहावलोकन किया गया था। भाषण में सुधार, विकास और स्थिरता जैसे व्यापक विषयों को समाहित किया गया था।
इसके अतिरिक्त भाषण में घरेलू राजनीति, विदेश नीति, प्रतिरक्षा तथा पार्टी, देश एवं सेना के शासन से जुड़े अहम पहलुओं को भी रेखांकित किया गया। बैठक में इसे चीनी नागरिकों के लिए नई विकास-यात्रा में योगदान का मार्गदर्शक दस्तावेज़ माना गया।
पार्टी निर्माण की विचारधारा का महत्व
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि शी चिनफिंग की पार्टी निर्माण की विचारधारा नए युग में 'चीनी विशेषता वाले समाजवाद' की व्यापक विचारधारा का एक अभिन्न और महत्वपूर्ण अंग है। इसे मज़बूत पार्टी और मज़बूत राष्ट्र के निर्माण की दिशा में व्यावहारिक एवं दीर्घकालिक दृष्टि से अत्यंत प्रासंगिक बताया गया।
गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई जब सीपीसी अपनी स्थापना की शताब्दी के बाद के दौर में पार्टी अनुशासन और वैचारिक एकजुटता को प्रमुखता दे रही है। पार्टी के आंतरिक प्रशिक्षण अभियान इस वर्ष विशेष रूप से तेज़ हुए हैं।
राज्य परिषद को निर्देश
बैठक में राज्य परिषद के पार्टी समूह और उसके अधीन विभिन्न विभागों को निर्देश दिया गया कि वे शी चिनफिंग की पार्टी निर्माण की विचारधारा का सावधानीपूर्वक और गहन अध्ययन करें। यह निर्देश केंद्रीय नेतृत्व की उस प्रवृत्ति को दर्शाता है जिसमें नीति-निर्माण को वैचारिक ढाँचे से जोड़ा जाता है।
आगे की दिशा
इस बैठक के बाद राज्य परिषद के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में अध्ययन सत्रों की एक श्रृंखला आयोजित किए जाने की संभावना है। सीपीसी के 105वें स्थापना वर्ष के उपलक्ष्य में शुरू हुई यह वैचारिक पुनर्पुष्टि प्रक्रिया आने वाले महीनों में और विस्तार पाएगी, ऐसा माना जा रहा है।