18 जुलाई 2026
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हैदराबाद युवा सम्मेलन से पहले बीआरएस नेता सबिता इंद्रा रेड्डी और प्रवीण कुमार नजरबंद, पुलिस कार्रवाई पर विवाद

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हैदराबाद युवा सम्मेलन से पहले बीआरएस नेता सबिता इंद्रा रेड्डी और प्रवीण कुमार नजरबंद, पुलिस कार्रवाई पर विवाद

सारांश

हैदराबाद में बीआरएस की 'युवा संग्राम सभा' से ठीक पहले तेलंगाना पुलिस ने दो वरिष्ठ नेताओं को नजरबंद कर दिया — यह तब हुआ जब उच्च न्यायालय ने सभा को हरी झंडी दे दी थी। सरूरनगर स्टेडियम का चुनाव प्रतीकात्मक है: यहीं कांग्रेस ने 2023 में युवाओं से वादे किए थे, जिन्हें बीआरएस अब अधूरा बता रही है।

मुख्य बातें

18 जुलाई को 'युवा संग्राम सभा' से पहले तेलंगाना पुलिस ने बीआरएस नेताओं सबिता इंद्रा रेड्डी और आरएस प्रवीण कुमार को नजरबंद किया।
तेलंगाना उच्च न्यायालय ने 17 जुलाई को बीआरएस को सरूरनगर स्टेडियम में सभा की सशर्त अनुमति दी थी।
बीआरएस नेताओं ने नजरबंदी को असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक बताया।
कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की सभा रोकने की कोशिश नाकाम हुई।
सभा में करीब 10,000 लोगों के भाग लेने की उम्मीद थी; बीआरएस ने कांग्रेस पर युवा घोषणापत्र के वादे न निभाने का आरोप लगाया।

तेलंगाना पुलिस ने 18 जुलाई को हैदराबाद में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की 'युवा संग्राम सभा' से कुछ घंटे पहले पार्टी की डिप्टी फ्लोर लीडर सबिता इंद्रा रेड्डी और वरिष्ठ नेता आरएस प्रवीण कुमार को नजरबंद कर दिया। बीआरएस नेताओं ने इस कार्रवाई को असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक करार देते हुए कड़ी आपत्ति जताई, विशेष रूप से इसलिए क्योंकि तेलंगाना उच्च न्यायालय ने एक दिन पहले ही इस सभा को सशर्त अनुमति दी थी।

नजरबंदी का घटनाक्रम

बीआरएस नेता आरएस प्रवीण कुमार ने एक वीडियो संदेश में बताया कि पुलिस ने उन्हें 'युवा संग्राम सदस्सु' में शामिल होने से रोकने के लिए नजरबंद किया। दोनों नेताओं ने सवाल उठाया कि जब उच्च न्यायालय ने जनसभा की अनुमति दे दी है, तब भी उन्हें किस आधार पर घर में बंद रखा जा सकता है। उन्होंने इस कदम को मनमाना और नागरिक अधिकारों का उल्लंघन बताया।

हाईकोर्ट की सशर्त अनुमति

शुक्रवार, 17 जुलाई को तेलंगाना उच्च न्यायालय ने बीआरएस को सरूरनगर स्टेडियम में 'युवा संग्राम सभा' आयोजित करने की सशर्त अनुमति प्रदान की। न्यायालय ने आयोजकों को निर्देश दिया कि पूरे कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, सड़कें जाम न हों और वक्ता भड़काऊ भाषण से परहेज करें। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने पहले इस सभा की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।

केटीआर की प्रतिक्रिया और राजनीतिक संदर्भ

बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव (केटीआर) ने उच्च न्यायालय के आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की बेरोजगार युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश नाकाम हो गई है। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने लोकतांत्रिक अधिकारों को बरकरार रखा। केटीआर ने आरोप लगाया कि छात्र और बेरोजगार युवा चुनाव से पहले किए गए वादों को लागू करने में सरकार की विफलता पर लगातार सवाल उठा रहे हैं।

सरूरनगर स्टेडियम का प्रतीकात्मक महत्व

बीआरएस ने सभा के लिए सरूरनगर स्टेडियम का चुनाव सोच-समझकर किया — यह वही स्थल है जहाँ कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने 2023 के विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी का युवा घोषणापत्र जारी किया था। बीआरएस का आरोप है कि सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार उस घोषणापत्र में युवाओं और बेरोजगारों से किए गए वादों को पूरा करने में विफल रही है। इस सभा में करीब 10,000 लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई गई थी।

आगे क्या

यह टकराव तेलंगाना में सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी बीआरएस के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव की एक और कड़ी है। नजरबंदी की वैधता और पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल आने वाले दिनों में विधानसभा और न्यायालय दोनों में गूँज सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह लोकतांत्रिक स्वास्थ्य के लिए चिंताजनक संकेत है। सरूरनगर स्टेडियम का प्रतीकात्मक चुनाव बताता है कि बीआरएस इसे सीधे कांग्रेस के 2023 के वादों की जवाबदेही की लड़ाई के रूप में पेश कर रही है — जो आने वाले चुनावी चक्र में एक धारदार कथा बन सकती है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हैदराबाद में बीआरएस नेताओं को नजरबंद क्यों किया गया?
तेलंगाना पुलिस ने 18 जुलाई को बीआरएस की 'युवा संग्राम सभा' से पहले नेताओं सबिता इंद्रा रेड्डी और आरएस प्रवीण कुमार को नजरबंद किया ताकि वे सभा में शामिल न हो सकें। पुलिस ने आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया, जबकि बीआरएस ने इसे राजनीतिक दमन बताया।
तेलंगाना हाईकोर्ट ने बीआरएस सभा पर क्या फैसला दिया?
तेलंगाना उच्च न्यायालय ने 17 जुलाई को बीआरएस को सरूरनगर स्टेडियम में सभा की सशर्त अनुमति दी। शर्तें थीं कि सड़कें जाम न हों, कानून-व्यवस्था बनी रहे और वक्ता भड़काऊ भाषण न दें।
बीआरएस की 'युवा संग्राम सभा' किस बारे में थी?
यह सभा कांग्रेस सरकार पर 2023 के विधानसभा चुनावों से पहले युवाओं और बेरोजगारों से किए गए वादे न निभाने का आरोप लगाने के लिए बुलाई गई थी। इसमें करीब 10,000 लोगों के शामिल होने की उम्मीद थी।
केटीआर ने पुलिस कार्रवाई पर क्या कहा?
बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की सभा बाधित करने और युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश नाकाम हो गई। उन्होंने उच्च न्यायालय के आदेश को लोकतांत्रिक अधिकारों की जीत बताया।
सरूरनगर स्टेडियम को सभा के लिए क्यों चुना गया?
बीआरएस ने यह स्थल प्रतीकात्मक रूप से चुना क्योंकि 2023 के विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने यहीं पार्टी का युवा घोषणापत्र जारी किया था। बीआरएस का कहना है कि उस घोषणापत्र के वादे अभी तक पूरे नहीं हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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