क्या बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटीआर एसआईटी के सामने फोन-टैपिंग मामले में पेश हुए?
सारांश
Key Takeaways
- केटीआर ने एसआईटी के सामने पेश होकर बयान दिया।
- पुलिस ने जुबली हिल्स में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी।
- फोन टैपिंग का मामला मार्च 2024 में सामने आया।
- बीआरएस ने पुलिस के 'ओवरएक्शन' की आलोचना की।
- इस मामले में कई अन्य राजनीतिक हस्तियों से भी पूछताछ की जाती रही है।
हैदराबाद, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव (केटीआर) ने शुक्रवार को फोन टैपिंग मामले की जांच कर रही एसआईटी के सामने पेश होकर अपना बयान दिया।
बीआरएस नेता सुबह 11 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच जुबली हिल्स पुलिस स्टेशन के कार्यालय पहुंचे।
जांच अधिकारी, सहायक पुलिस आयुक्त पी. वेंकटगिरी ने गुरुवार को केटीआर को नोटिस जारी कर उन्हें उपस्थित होने का निर्देश दिया था।
दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 160 के तहत जारी नोटिस में कहा गया है कि जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि केटीआर मामले के तथ्यों और परिस्थितियों से भलीभांति परिचित हैं, इसलिए उनकी व्यक्तिगत पूछताछ आवश्यक है।
इससे पहले, बीआरएस नेता पार्टी मुख्यालय, तेलंगाना भवन पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता समर्थन दिखाने के लिए एकत्र हुए थे। तेलंगाना भवन के बाहर हल्का तनाव उत्पन्न हुआ, जब कुछ बीआरएस कार्यकर्ताओं की पुलिसकर्मियों के साथ बहस हुई।
बीआरएस ने आरोप लगाया कि पुलिस ने 'ओवरएक्शन' किया, जिसके कारण पार्टी कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की।
बीआरएस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री टी. हरीश राव तथा कुछ अन्य पार्टी नेता केटीआर के साथ जुबली हिल्स पुलिस स्टेशन पहुंच गए। पुलिस ने पुलिस स्टेशन के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। बीआरएस कार्यकर्ताओं को परिसर के करीब आने से रोकने के लिए बैरिकेड लगाए गए थे।
केटीआर को नोटिस हरीश राव से एसआईटी की ओर से पूछताछ किए जाने के दो दिन बाद जारी किया गया था।
यह मामला पिछली बीआरएस सरकार के कार्यकाल में राजनीतिक विरोधियों, व्यवसायियों, पत्रकारों और यहां तक कि न्यायाधीशों के फोन टैप करने के कथित मामले से जुड़ा हुआ है।
एसआईटी ने पहले इसी मामले में बीआरएस एमएलसी के. नवीन राव और पूर्व विधायकों जयपाल यादव तथा सी. लिंगैया से पूछताछ की थी।
इसने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय और भाजपा सांसदों ईटाला राजेंदर और एम. रघुनंदन राव, तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बी. महेश कुमार गौड़ और मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के कोंडल रेड्डी से भी गवाह/पीड़ित के तौर पर पूछताछ की।
फोन टैपिंग का मामला मार्च 2024 में सामने आया। हैदराबाद के पंजागुट्टा पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से बचाने वाले कानून एक्ट और सूचना प्रौद्योगिकी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई।