महेंद्रगढ़ में कुख्यात अपराधी लकी उर्फ भवानी की गिरफ्तारी, एनबीडब्ल्यू जारी
सारांश
मुख्य बातें
महेंद्रगढ़, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। द्वारका की विशेष स्टाफ टीम ने एक बार फिर अपने साहस और तत्परता का परिचय दिया है। लकी उर्फ भवानी, जो कुख्यात कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग का शार्प शूटर माने जाते हैं, को नंगल शालू, निझामपुर, महेन्द्रगढ़ (हरियाणा) से गिरफ्तार किया गया है। वह पहले से ही कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है और जेल से रिहा होने के बाद फिर से अपने पुराने कामों में लौटने की कोशिश कर रहा था।
अदालत ने उसके खिलाफ एनबीडब्ल्यू और प्रोक्लेमेशन जारी किया था क्योंकि वह ट्रायल से भाग रहा था।
लकी उर्फ भवानी, पहले भी दिल्ली के उजवा गांव में दिन-दहाड़े हत्या का आरोपी रह चुका है। यह हत्या कपिल सांगवान उर्फ नंदू के इशारे पर की गई थी। इसके अतिरिक्त, बीजवासन क्षेत्र में फिरौती के लिए फायरिंग की घटना में भी वह शामिल रहा है। जेल से रिहा होने के बाद उसने अपने पुराने सहयोगियों के संपर्क बनाए रखा और फिर से आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का प्रयास किया।
द्वारका जिले के डीसीपी ने विशेष रूप से स्पेशल स्टाफ को निर्देश दिया था कि हाल ही में जेल से रिहा हुए अपराधियों पर नजर रखी जाए। विशेष ध्यान उन पर हो जो कोर्ट या जेल जाकर अपने पुराने गैंग सहयोगियों से मिलते हैं या जो अवैध हथियारों के साथ अपराध करने की कोशिश करते हैं। इसी दिशा में इंस्पेक्टर कमलेश कुमार की देखरेख में एक टीम बनाई गई, जिसमें एसआई दिनेश कुमार, एएसआई विजय सिंह, एचसी जैराम, एचसी नरेश कुमार, एचसी राजेश और एचसी जगत सिंह शामिल थे। टीम ने हाल ही में रिहा हुए अपराधियों के डेटा को इकट्ठा किया और गैंग से जुड़े लोगों पर निगरानी रखी।
11 मार्च 2026 को टीम को सूचना मिली कि लकी उर्फ भवानी जेल से बाहर है और वह अपने पुराने सहयोगी धर्मेन्दर राणा से मिलने के लिए अंबाला जेल गया था। टीम ने सूचना की पुष्टि की और पता लगाया कि वह अपने पैतृक गांव नंगल शालू में रह रहा है। उसके खिलाफ कोर्ट ने पहले से ही गैर जमानती वारंट और प्रोक्लेमेशन जारी किया हुआ था और वह ट्रायल से भाग रहा था।
टीम ने जुटाई गई जानकारी के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज थे, जिनमें दिल्ली और राजस्थान के अपराध शामिल हैं। गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत में पेश किया गया और फिर से जेल भेज दिया गया।
पूछताछ में लकी ने बताया कि उसने केवल आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की है और बाद में बुरी आदतों के कारण स्कूल छोड़ दिया। वह पवन शेरावत के संपर्क में आया, जो कपिल सांगवान का करीबी सहयोगी था। पवन के जरिए उसने कपिल और धर्मेन्दर राणा से संपर्क किया और धीरे-धीरे गैंग के शूटर के रूप में काम करने लगा।
2021 में कपिल सांगवान के आदेश पर उसने उजवा गांव, दिल्ली में दिन-दहाड़े हत्या की, जिसमें विपक्षी गैंग का सदस्य मनोज मारा गया। इसके बाद बीजवासन इलाके में फिरौती के लिए फायरिंग की घटना में भी लकी शामिल रहा। दोनों घटनाओं के दौरान पुलिस टीम पर भी गोली चली थी।
2023 में वह जेल से रिहा हुआ, लेकिन राजस्थान पुलिस ने उसे फिर गिरफ्तार किया और जयपुर जेल भेजा। दिसंबर 2025 में रिहा होने के बाद उसने अंबाला में अपने पुराने सहयोगी धर्मेन्दर राणा से मिलने का प्रयास किया और कपिल सांगवान से पैसे जुटाने के लिए संपर्क करने लगा।
लकी (26 वर्ष) नंगल शालू, निझामपुर, महेन्द्रगढ़, हरियाणा का निवासी है। वह एक आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ दिल्ली और राजस्थान में कुल सात-आठ मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, फायरिंग, धमकी, लूट, फिरौती और हथियार कानून के तहत मामले शामिल हैं।