दिल्ली पुलिस ने नंदू गैंग से जुड़े एक शार्प शूटर को पकड़ा
सारांश
Key Takeaways
- सुमित पुनिया को नंदू गैंग से गिरफ्तार किया गया।
- उसके पास से पिस्टल और कारतूस बरामद हुए।
- गिरफ्तारी से गैंग के अवैध हथियारों का नेटवर्क उजागर हुआ।
- सुमित और बदर सैफी दोनों गैंग की गतिविधियों में शामिल थे।
- क्राइम ब्रांच ने आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।
नई दिल्ली, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। पुलिस ने सुमित पुनिया नामक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो प्रसिद्ध गैंगस्टर कपिल संगवान उर्फ नंदू गैंग से संबंधित बताया जा रहा है। इस आरोपी के पास से एक पिस्टल और पांच कारतूस बरामद किए गए हैं।
सुमित पुनिया (२५) हरियाणा के महेन्द्रगढ़ जिले का निवासी है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि वह नंदू गैंग से जुड़ा हुआ था और दोनों एक-दूसरे को बचपन से जानते थे। वर्ष २०२०-२१ के दौरान, वह कपिल संगवान उर्फ नंदू के गिरोह में शामिल हो गया और एक सक्रिय शूटर बन गया। उसने बताया कि नवंबर २०२५ में उसे हरियाणा के महेन्द्रगढ़ जिले के निजामपुर पुलिस स्टेशन में अवैध हथियारों के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था, जहाँ वह न्यायिक हिरासत में भी रहा। वह पहले से ही दिल्ली और हरियाणा के विभिन्न पुलिस थानों में तीन अन्य आपराधिक मामलों में शामिल रहा है।
आरोपी सुमित की जानकारी पर हथियार सप्लायर बदर सैफी को भी बुलंदशहर से गिरफ्तार किया गया। उसके पास से भी एक देसी पिस्तौल बरामद की गई। यह आरोपी गैंग को अवैध हथियारों की आपूर्ति करने में शामिल था। इन हथियारों का इस्तेमाल गैंग के सदस्यों द्वारा उन लोगों को धमकाने के लिए किया जा रहा था, जिन्होंने नंदू गैंग को रंगदारी देने से मना कर दिया था।
इस गिरफ्तारी में क्राइम ब्रांच की टीम ने एक महीने की मेहनत की। हेडकांस्टेबल पवन कुमार ने गुप्त सूचना प्राप्त की, जिसे एसआई रविभूषण ने तकनीकी जांच से सत्यापित किया। इसके बाद इंस्पेक्टर गौतम मलिक के नेतृत्व में एसआई रविभूषण, एसआई कुलदीप, एचसी सोनू, एचसी पवन कुमार और कांस्टेबल मुकेश की टीम ने कार्रवाई की। टीम ने आरोपी को द्वारका से गिरफ्तार किया। सुमित की गिरफ्तारी के साथ ही बदर इस्लाम की गिरफ्तारी ने गैंग से जुड़े आपराधिक गतिविधियों को उजागर किया।
क्राइम ब्रांच ने आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही, सुमित पर पहले से गंभीर धाराओं के अंतर्गत मामले दर्ज हैं। बदर इस्लाम पर भी यूपी के अमरोहा जिले में कई मामलों में एफआईआर दर्ज है।
सुमित ने अपनी शिक्षा केवल दसवीं कक्षा तक पूरी की और पढ़ाई में रुचि न होने के कारण स्कूल छोड़ दिया। वहीं, बदर इस्लाम भी दसवीं तक पढ़ा है और पैसों की लालच में अवैध कामों में शामिल हो गया। दोनों आरोपी गैंग की गतिविधियों में लंबे समय से शामिल थे और उनकी गिरफ्तारी से गैंग की हथियार आपूर्ति और आपराधिक नेटवर्क कमजोर होगा।