ओमान तट पर लापता भारतीय नाविक की खोज जारी, विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्रालय (MEA) ने मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को पुष्टि की कि ओमान के तट के निकट रविवार को एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले के बाद एक भारतीय नाविक अभी भी लापता है और उसे ढूंढने का अभियान जारी है। जहाज पर सवार 14 भारतीय नागरिकों में से 13 को सुरक्षित बचा लिया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
नई दिल्ली में आयोजित मीडिया ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि यह हमला पनामा के झंडे वाले जहाज पर हुआ, जिस पर 14 भारतीय नाविक सवार थे। उन्होंने कहा, 'इनमें से 13 को बचा लिया गया है और हम अपने नागरिकों को बचाने के लिए ओमान के अधिकारियों का बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं। एक भारतीय नागरिक लापता है — वह नाविक जहाज पर ही था। ओमान के अधिकारियों की मदद से खोज और बचाव अभियान जारी है।'
जायसवाल ने यह भी बताया कि ओमान स्थित भारतीय दूतावास स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहा है और चल रहे बचाव अभियान में ओमान के अधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से समन्वय कर रहा है।
जहाज पर हमले का विवरण
रविवार को हुए इस हमले में एमटी ईआई जीएआईए नामक सुपर ऑयल टैंकर नौसैनिक बारूदी सुरंगों (नेवल माइन्स) की चपेट में आया, जिससे विस्फोट हुआ और जहाज में आग लग गई। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने कहा कि यह टैंकर जलमार्ग के दक्षिण में 'वर्जित' रास्ते से होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने की कोशिश कर रहा था।
IRGC के आधिकारिक समाचार माध्यम 'सेपाह न्यूज़' के अनुसार, जहाज पर लगी आग को बुझाने के प्रयास विफल रहे और पूरा जहाज आग की लपटों में घिर गया। बयान में यह भी दावा किया गया कि रणनीतिक जलमार्ग में 'गैर-कानूनी' रास्ते के उपयोग को लेकर पहले से चेतावनी जारी की गई थी और IRGC ने जोर दिया कि यह जलडमरूमध्य बंद है तथा ईरानी नौसेना बलों के नियंत्रण में है।
भारत की आधिकारिक प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए क्षेत्र में तनाव घटाने की अपील की है। प्रवक्ता जायसवाल ने कहा, 'हम तनाव को तुरंत कम करने और इलाके में शांति लाने के लिए बातचीत और कूटनीति अपनाने की अपनी अपील दोहराते हैं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि 'इस इलाके में वाणिज्यिक शिपिंग, नाविकों, आम नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाना हमें मंजूर नहीं है।'
भारत ने यह भी माँग की है कि अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय जलमार्गों से स्वतंत्र एवं सुरक्षित आवाजाही और व्यापार का प्रवाह जल्द से जल्द बहाल किया जाए। गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है, जिससे दुनिया का एक बड़ा हिस्सा ऊर्जा आपूर्ति के लिए निर्भर है।
आम जनता और व्यापार पर असर
यह घटना ऐसे समय में आई है जब फारस की खाड़ी में तनाव पहले से ही उच्च स्तर पर है और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद रहने या अस्थिर होने की स्थिति में वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो सकती है, जिसका सीधा असर भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों पर पड़ता है।
क्या होगा आगे
फिलहाल ओमान के अधिकारियों के साथ मिलकर लापता नाविक की खोज का अभियान जारी है। ओमान में भारतीय दूतावास लगातार स्थिति पर नज़र बनाए हुए है। विशेषज्ञों के अनुसार इस घटना के कूटनीतिक असर भी देखे जा सकते हैं, क्योंकि भारत इस क्षेत्र में व्यापार और ऊर्जा हितों के लिहाज़ से गहराई से जुड़ा हुआ है।