5 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

लाल सागर में भारतीय जहाज पर हूती हमला: 'फैजे नूरे ओलिया' डूबा, सभी 13 भारतीय नागरिक सुरक्षित

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
लाल सागर में भारतीय जहाज पर हूती हमला: 'फैजे नूरे ओलिया' डूबा, सभी 13 भारतीय नागरिक सुरक्षित

सारांश

लाल सागर में भारतीय ध्वजवाहक जहाज 'फैजे नूरे ओलिया' हूती हमले के बाद डूब गया — लेकिन सभी 13 भारतीय नागरिक सुरक्षित बचाए गए। भारत ने कड़ी निंदा करते हुए समुद्री मार्गों पर हमले तुरंत बंद करने की माँग की। यह घटना वैश्विक व्यापार के लिए अहम इस मार्ग पर बढ़ते खतरे की गंभीर याद दिलाती है।

मुख्य बातें

भारतीय ध्वजवाहक मालवाहक जहाज 'फैजे नूरे ओलिया' पर मंगलवार को लाल सागर में हूती विद्रोहियों ने विस्फोटक नाव से हमला किया, जहाज डूब गया।
हमला हूती नियंत्रित बंदरगाह होदेइदाह से लगभग 13 समुद्री मील दक्षिण में हुआ।
जहाज पर सवार सभी 13 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाया गया; किसी के हताहत होने की सूचना नहीं।
नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज (एनआरएफ) की तटरक्षक और नौसेना इकाइयों ने संयुक्त अभियान में सभी 14 चालक दल सदस्यों को बचाया और चिकित्सकीय सहायता दी।
विदेश मंत्रालय ने हमले की निंदा की और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर निर्बाध आवाजाही बहाल करने की माँग की।
रियाद स्थित भारतीय दूतावास यमन के अधिकारियों के साथ सक्रिय समन्वय में है।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने 4 अगस्त को लाल सागर में भारतीय ध्वजवाहक मालवाहक जहाज 'फैजे नूरे ओलिया' पर हूती विद्रोहियों के हमले की कड़ी निंदा की। विस्फोटकों से लदी एक नाव के ज़रिए किए गए इस हमले के बाद जहाज यमन के पश्चिमी तट के निकट लाल सागर में डूब गया। जहाज पर सवार सभी 13 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है।

हमले का घटनाक्रम

मालवाहक जहाज 'फैजे नूरे ओलिया' पर यह हमला मंगलवार को हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले बंदरगाह शहर होदेइदाह से लगभग 13 समुद्री मील दक्षिण में हुआ। हूती विद्रोहियों ने विस्फोटकों से भरी एक नाव से हमला किया, जिसके बाद जहाज डूब गया। यह हमला उस क्षेत्र में हुआ जहाँ पिछले कई महीनों से वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है।

चालक दल का बचाव

सरकार समर्थित नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज (एनआरएफ) के अनुसार, तटरक्षक बल और नौसेना की इकाइयों ने संयुक्त अभियान चलाकर जहाज पर मौजूद सभी 14 लोगों को सुरक्षित बचाया और सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया। बचाए गए लोगों को चिकित्सकीय सहायता भी प्रदान की गई। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। रियाद स्थित भारतीय दूतावास स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है और चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यमन के अधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से संपर्क और समन्वय कर रहा है।

भारत सरकार की प्रतिक्रिया

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमले बेहद चिंताजनक हैं और व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना तुरंत बंद होना चाहिए। मंत्रालय ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप समुद्री मार्गों पर बिना किसी रुकावट के आवाजाही और व्यापार जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए। मंत्रालय ने यमन के अधिकारियों द्वारा दिए गए सहयोग और सहायता के लिए उनका आभार भी व्यक्त किया।

हूतियों की भूमिका और अंतरराष्ट्रीय संदर्भ

एनआरएफ ने इस हमले के लिए यमन के हूती समूह को जिम्मेदार ठहराया है, हालाँकि अभी तक हूतियों की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब लाल सागर में हूती हमलों की वजह से वैश्विक समुद्री व्यापार पहले से ही बाधित है और कई बड़ी शिपिंग कंपनियाँ इस मार्ग से बचने के लिए मजबूर हो रही हैं। भारत के लिए यह मामला विशेष रूप से संवेदनशील है क्योंकि लाल सागर मार्ग यूरोप और पश्चिम एशिया के साथ भारत के व्यापार की एक प्रमुख धमनी है।

आगे की स्थिति

भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय स्थिति पर निरंतर नज़र रखे हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से लाल सागर में सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करने की अपील की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक यमन संघर्ष का राजनीतिक समाधान नहीं निकलता, इस क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर खतरा बना रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या भारत केवल बयानबाज़ी से आगे बढ़कर बहुपक्षीय समुद्री सुरक्षा प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाएगा। लाल सागर मार्ग भारत के यूरोप और पश्चिम एशिया के साथ व्यापार की जीवनरेखा है, और इस मार्ग पर बार-बार होने वाले हमले भारतीय निर्यात लागत और आपूर्ति श्रृंखला पर सीधा असर डालते हैं — जिसकी चर्चा सरकारी बयानों में प्रायः अनुपस्थित रहती है।
RashtraPress
5 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लाल सागर में किस भारतीय जहाज पर हूती हमला हुआ?
भारतीय ध्वजवाहक मालवाहक जहाज 'फैजे नूरे ओलिया' पर मंगलवार को लाल सागर में हूती विद्रोहियों ने विस्फोटकों से भरी नाव से हमला किया। हमले के बाद जहाज यमन के पश्चिमी तट के पास डूब गया।
क्या जहाज पर सवार भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं?
हाँ, जहाज पर मौजूद सभी 13 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज के अनुसार कुल 14 चालक दल सदस्यों को बचाया गया, उन्हें चिकित्सकीय सहायता दी गई और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
हमला कहाँ और कैसे हुआ?
हमला हूती नियंत्रित बंदरगाह शहर होदेइदाह से लगभग 13 समुद्री मील दक्षिण में हुआ। हूती विद्रोहियों ने विस्फोटकों से भरी एक नाव का इस्तेमाल कर जहाज को निशाना बनाया।
भारत सरकार ने इस हमले पर क्या रुख अपनाया?
विदेश मंत्रालय ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए व्यापारिक जहाजों पर हमले तुरंत बंद करने की माँग की। मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप समुद्री मार्गों पर निर्बाध आवाजाही बहाल करने पर जोर दिया और यमन के अधिकारियों के सहयोग के लिए आभार जताया।
लाल सागर में हूती हमलों का भारत पर क्या असर पड़ रहा है?
लाल सागर भारत के यूरोप और पश्चिम एशिया के साथ व्यापार का प्रमुख समुद्री मार्ग है। इस क्षेत्र में बार-बार होने वाले हूती हमलों से शिपिंग लागत बढ़ रही है, कई कंपनियाँ लंबे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने पर मजबूर हो रही हैं, जिससे भारतीय आयात-निर्यात पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 14 घंटे पहले
  3. 14 घंटे पहले
  4. 14 घंटे पहले
  5. 2 सप्ताह पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 1 साल पहले