सेंसेक्स 361 अंक उछला, 74,280 पर पहुँचा; वैश्विक तनाव के बीच FMCG और IT में तेज़ी
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स बुधवार, 10 जून को शुरुआती कारोबार में 361.29 अंक यानी 0.49 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,280.05 पर पहुँच गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी 50 भी 92.20 अंक (0.40 प्रतिशत) चढ़कर 23,334.30 पर कारोबार करता दिखा। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक बाज़ारों के मिले-जुले संकेतों के बावजूद घरेलू बाज़ार ने उल्लेखनीय मज़बूती दिखाई।
बाज़ार का शुरुआती रुख
सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 73,918.76 से 69.51 अंक ऊपर 73,988.27 पर खुला, जबकि निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 23,242.10 से 8.15 अंक नीचे 23,233.95 पर खुला। हालाँकि शुरुआती कारोबार में दोनों प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला और दोनों हरे निशान पर आ गए।
व्यापक बाज़ार में तस्वीर थोड़ी भिन्न रही — निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.15 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.18 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्ज की गई, हालाँकि शुरुआती कारोबार में दोनों में हल्की बढ़त थी।
सेक्टरवार प्रदर्शन
निफ्टी FMCG इंडेक्स ने 1.6 प्रतिशत की बढ़त के साथ सभी सेक्टरों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। इसके अलावा निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी IT, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी प्राइवेट बैंक भी बढ़त में रहे।
दूसरी ओर, निफ्टी मेटल और निफ्टी मीडिया इंडेक्स में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी 50 में सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयरों में हिंडाल्को (3.13 प्रतिशत नीचे), TMPL, कोल इंडिया, Eternal, भारती एयरटेल, NTPC और M&M शामिल रहे।
बढ़त में रहने वाले शेयरों में HUL, नेस्ले इंडिया, टाटा कंज्यूमर, कोटक महिंद्रा बैंक, Trent, Infosys, ICICI बैंक, TCS और एशियन पेंट्स प्रमुख रहे।
वैश्विक दबाव और भू-राजनीतिक जोखिम
एक बाज़ार विशेषज्ञ के अनुसार, एशिया-प्रशांत बाज़ारों में कमज़ोरी, अमेरिकी प्रौद्योगिकी शेयरों में बिकवाली और ईरान पर अमेरिकी हमलों के बाद उभरे भू-राजनीतिक तनाव का असर भारतीय बाज़ारों पर भी देखा जा सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में अस्थिरता वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों और निवेशकों की जोखिम-भूख दोनों को प्रभावित कर रही है।
विशेषज्ञों का नज़रिया और आगे का रास्ता
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक निफ्टी 23,100–23,000 के महत्वपूर्ण सपोर्ट ज़ोन के ऊपर बना रहता है, तब तक रिकवरी की संभावना बनी रहेगी। ऊपर की ओर 23,500–23,600 का स्तर प्रमुख प्रतिरोध (resistance) माना जा रहा है। यदि निफ्टी इस दायरे को पार कर मज़बूती से टिकता है, तो आने वाले दिनों में 23,800 से 24,000 तक की तेज़ी संभव है।
गौरतलब है कि बाज़ार की अस्थिरता मापने वाला इंडिया VIX 8.53 प्रतिशत गिरकर 15.57 पर आ गया, जो निवेशकों की घबराहट में कमी और बाज़ार में बढ़ते भरोसे का संकेत है। हालाँकि विशेषज्ञों का कहना है कि तेज़ी का ठोस माहौल बनने के लिए VIX का 15 से नीचे टिकना ज़रूरी होगा।