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सेंसेक्स 361 अंक उछला, 74,280 पर पहुँचा; वैश्विक तनाव के बीच FMCG और IT में तेज़ी

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सेंसेक्स 361 अंक उछला, 74,280 पर पहुँचा; वैश्विक तनाव के बीच FMCG और IT में तेज़ी

सारांश

वैश्विक अनिश्चितता और पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद सेंसेक्स 361 अंक उछलकर 74,280 पर पहुँचा। FMCG ने 1.6% की बढ़त के साथ बाज़ार का नेतृत्व किया, जबकि India VIX 8.53% गिरकर 15.57 पर आया — निवेशकों के भरोसे का संकेत।

मुख्य बातें

BSE सेंसेक्स 10 जून को 361.29 अंक (0.49%) चढ़कर 74,280.05 पर पहुँचा।
NSE निफ्टी 50 92.20 अंक (0.40%) की बढ़त के साथ 23,334.30 पर कारोबार करता दिखा।
निफ्टी FMCG ने 1.6% की बढ़त के साथ सभी सेक्टरों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया; निफ्टी मेटल और मीडिया सबसे अधिक गिरे।
हिंडाल्को निफ्टी 50 में सबसे बड़ा गिरावट वाला शेयर रहा — 3.13% नीचे।
India VIX 8.53% गिरकर 15.57 पर; विशेषज्ञों के अनुसार तेज़ी के लिए 15 से नीचे टिकना ज़रूरी।
निफ्टी के लिए प्रमुख सपोर्ट 23,100–23,000 , प्रतिरोध 23,500–23,600 ; ऊपर टिकने पर 24,000 तक संभावना।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स बुधवार, 10 जून को शुरुआती कारोबार में 361.29 अंक यानी 0.49 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,280.05 पर पहुँच गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी 50 भी 92.20 अंक (0.40 प्रतिशत) चढ़कर 23,334.30 पर कारोबार करता दिखा। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक बाज़ारों के मिले-जुले संकेतों के बावजूद घरेलू बाज़ार ने उल्लेखनीय मज़बूती दिखाई।

बाज़ार का शुरुआती रुख

सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 73,918.76 से 69.51 अंक ऊपर 73,988.27 पर खुला, जबकि निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 23,242.10 से 8.15 अंक नीचे 23,233.95 पर खुला। हालाँकि शुरुआती कारोबार में दोनों प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला और दोनों हरे निशान पर आ गए।

व्यापक बाज़ार में तस्वीर थोड़ी भिन्न रही — निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.15 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.18 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्ज की गई, हालाँकि शुरुआती कारोबार में दोनों में हल्की बढ़त थी।

सेक्टरवार प्रदर्शन

निफ्टी FMCG इंडेक्स ने 1.6 प्रतिशत की बढ़त के साथ सभी सेक्टरों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। इसके अलावा निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी IT, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी प्राइवेट बैंक भी बढ़त में रहे।

दूसरी ओर, निफ्टी मेटल और निफ्टी मीडिया इंडेक्स में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी 50 में सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयरों में हिंडाल्को (3.13 प्रतिशत नीचे), TMPL, कोल इंडिया, Eternal, भारती एयरटेल, NTPC और M&M शामिल रहे।

बढ़त में रहने वाले शेयरों में HUL, नेस्ले इंडिया, टाटा कंज्यूमर, कोटक महिंद्रा बैंक, Trent, Infosys, ICICI बैंक, TCS और एशियन पेंट्स प्रमुख रहे।

वैश्विक दबाव और भू-राजनीतिक जोखिम

एक बाज़ार विशेषज्ञ के अनुसार, एशिया-प्रशांत बाज़ारों में कमज़ोरी, अमेरिकी प्रौद्योगिकी शेयरों में बिकवाली और ईरान पर अमेरिकी हमलों के बाद उभरे भू-राजनीतिक तनाव का असर भारतीय बाज़ारों पर भी देखा जा सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में अस्थिरता वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों और निवेशकों की जोखिम-भूख दोनों को प्रभावित कर रही है।

विशेषज्ञों का नज़रिया और आगे का रास्ता

बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक निफ्टी 23,100–23,000 के महत्वपूर्ण सपोर्ट ज़ोन के ऊपर बना रहता है, तब तक रिकवरी की संभावना बनी रहेगी। ऊपर की ओर 23,500–23,600 का स्तर प्रमुख प्रतिरोध (resistance) माना जा रहा है। यदि निफ्टी इस दायरे को पार कर मज़बूती से टिकता है, तो आने वाले दिनों में 23,800 से 24,000 तक की तेज़ी संभव है।

गौरतलब है कि बाज़ार की अस्थिरता मापने वाला इंडिया VIX 8.53 प्रतिशत गिरकर 15.57 पर आ गया, जो निवेशकों की घबराहट में कमी और बाज़ार में बढ़ते भरोसे का संकेत है। हालाँकि विशेषज्ञों का कहना है कि तेज़ी का ठोस माहौल बनने के लिए VIX का 15 से नीचे टिकना ज़रूरी होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे व्यापक बाज़ार की कमज़ोरी के संदर्भ में देखना ज़रूरी है — मिडकैप और स्मॉलकैप दोनों लाल निशान पर रहे, जो दर्शाता है कि तेज़ी चुनिंदा हेवीवेट शेयरों तक सीमित है। ईरान पर अमेरिकी हमलों के बाद उभरा भू-राजनीतिक जोखिम अभी पूरी तरह बाज़ार में नहीं उतरा है, और कच्चे तेल की कीमतों में कोई भी उछाल भारत के आयात बिल व मुद्रास्फीति दोनों पर दबाव बना सकता है। India VIX का 15.57 पर आना राहत की बात है, पर 15 की दहलीज़ पार किए बिना यह तेज़ी कमज़ोर नींव पर खड़ी है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

10 जून को सेंसेक्स कितना बढ़ा?
10 जून को BSE सेंसेक्स 361.29 अंक यानी 0.49 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,280.05 पर पहुँचा। यह बढ़त FMCG, IT और बैंकिंग शेयरों की अगुवाई में आई।
आज के कारोबार में कौन-से सेक्टर सबसे आगे रहे?
निफ्टी FMCG ने 1.6 प्रतिशत की बढ़त के साथ सभी सेक्टरों में शीर्ष प्रदर्शन किया। इसके अलावा निफ्टी ऑयल एंड गैस, IT, फाइनेंशियल सर्विसेज और प्राइवेट बैंक भी हरे निशान पर रहे, जबकि मेटल और मीडिया सेक्टर में गिरावट दर्ज हुई।
India VIX में गिरावट का क्या मतलब है?
India VIX 8.53 प्रतिशत गिरकर 15.57 पर आ गया, जो बाज़ार में निवेशकों की घबराहट कम होने का संकेत है। विशेषज्ञों के अनुसार तेज़ी का ठोस माहौल बनने के लिए VIX का 15 से नीचे टिकना ज़रूरी होगा।
वैश्विक तनाव का भारतीय बाज़ार पर क्या असर पड़ सकता है?
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान पर अमेरिकी हमलों के बाद बढ़े भू-राजनीतिक तनाव, एशिया-प्रशांत बाज़ारों की कमज़ोरी और अमेरिकी टेक शेयरों में बिकवाली का असर भारतीय बाज़ारों पर भी दिखाई दे सकता है। पश्चिम एशिया में अस्थिरता कच्चे तेल की कीमतों को प्रभावित कर सकती है, जो भारत के लिए एक प्रमुख आयात है।
निफ्टी के लिए आगे के प्रमुख स्तर कौन-से हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी के लिए 23,100–23,000 का ज़ोन प्रमुख सपोर्ट है, जबकि 23,500–23,600 पर मज़बूत प्रतिरोध है। यदि निफ्टी इस प्रतिरोध को पार कर टिकता है, तो 23,800 से 24,000 तक की तेज़ी संभव है।
राष्ट्र प्रेस
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