वर्ल्ड टेनिस अंडर-14 फाइनल्स: सृष्टि किरण की जीत के बावजूद भारत को इटली से 1-2 से हार
सारांश
मुख्य बातें
वर्ल्ड टेनिस अंडर-14 जूनियर टीम फाइनल्स में कर्नाटक की युवा खिलाड़ी सृष्टि किरण ने लगातार दूसरा सिंगल्स मैच जीतकर अपनी उत्कृष्ट फॉर्म बरकरार रखी, लेकिन भारत को चेकिया के प्रोस्टेजॉव में ग्रुप 4 राउंड रॉबिन चरण में इटली के हाथों 1-2 से करीबी शिकस्त झेलनी पड़ी। 4 अगस्त को खेले गए इस मुकाबले में भारतीय टीम की हार का फैसला अंतिम डबल्स मैच में हुआ।
मुख्य घटनाक्रम
भारतीय टीम में सृष्टि किरण और पद्मप्रिया रमेश कुमार — दोनों कर्नाटक की खिलाड़ियाँ — शामिल थीं। पहले सिंगल्स मैच में पद्मप्रिया ने इटली की जूलिया लुचेटी के खिलाफ कड़ा संघर्ष किया, लेकिन 4-6, 4-6 से हारकर भारत को 0-1 से पिछड़ा दिया।
दूसरे सिंगल्स मुकाबले में सृष्टि ने शानदार वापसी करते हुए इटली की नंबर 1 जूनियर खिलाड़ी ओलिविया सेरेना कॉन्टिसेलो को 6-0, 6-3 से पराजित किया और भारत को 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया। यह जीत टूर्नामेंट के सबसे प्रभावशाली प्रदर्शनों में से एक रही।
निर्णायक डबल्स मुकाबले में सृष्टि और पद्मप्रिया की जोड़ी ने पूरी कोशिश की, लेकिन इटली की जोड़ी जूलिया लुचेटी और ओलिविया सेरेना कॉन्टिसेलो ने उन्हें 3-6, 4-6 से हराकर मैच और टाई अपने नाम कर लिया।
जापान के खिलाफ पहली हार का संदर्भ
इटली से पहले, भारत को अपने शुरुआती राउंड रॉबिन मुकाबले में जापान से भी 1-2 से हार का सामना करना पड़ा था। उस मैच में पद्मप्रिया अयाका इवासा से 1-6, 5-7 से हार गई थीं।
हालाँकि, सृष्टि ने उस मैच में भी अविश्वसनीय जज़्बा दिखाया — शिना ओकुयामा के खिलाफ पहले सेट में 1-5 से पिछड़ने के बाद उन्होंने वापसी करते हुए सेट 7-5 से जीता और दूसरा सेट 6-3 से अपने नाम किया। बावजूद इसके, डबल्स में अयाका इवासा और शिना ओकुयामा की जापानी जोड़ी ने भारतीय जोड़ी को 6-3, 6-1 से हराकर टाई जीत ली।
टूर्नामेंट में भारत की राह
कप्तान आशा शर्मा की अगुवाई में भारतीय टीम ने अप्रैल 2026 में कुचिंग, मलेशिया में आयोजित एशिया/ओशिनिया फाइनल क्वालीफाइंग इवेंट में चौथा स्थान हासिल कर वर्ल्ड फाइनल्स का टिकट पाया था। यह अपने आप में एक उल्लेखनीय उपलब्धि थी।
गौरतलब है कि ग्रुप 4 राउंड रॉबिन में अब तक दो हार झेल चुकी भारतीय टीम अपना आखिरी ग्रुप मुकाबला मोरक्को के खिलाफ खेलेगी, जो उनके आगे की राह तय करेगा।
सृष्टि किरण का प्रदर्शन
इस पूरे टूर्नामेंट में सृष्टि किरण भारत की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी के रूप में उभरी हैं। दोनों मुकाबलों में उन्होंने सिंगल्स में जीत दर्ज की — यह दर्शाता है कि बेंगलुरु की यह युवा खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़े दबाव में भी अपना सर्वश्रेष्ठ देने में सक्षम है। भारत की दोनों हारों में डबल्स निर्णायक रहा — यह वह क्षेत्र है जिस पर टीम को आगे ध्यान देना होगा।