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ममता बनर्जी का आरोप: किताबों की रॉयल्टी नहीं मिली, BJP की भूमिका संभव

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ममता बनर्जी का आरोप: किताबों की रॉयल्टी नहीं मिली, BJP की भूमिका संभव

सारांश

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने फेसबुक लाइव पर दावा किया कि इस वर्ष उन्हें अपनी किताबों की रॉयल्टी नहीं मिली और BJP इसके पीछे हो सकती है। साथ ही उन्होंने TMC के बैंक खाते फ्रीज होने और राजनीतिक गतिविधियों पर रोक के भी आरोप लगाए।

मुख्य बातें

ममता बनर्जी ने 4 अगस्त 2026 को फेसबुक लाइव पर कहा कि इस वर्ष उन्हें अपनी पुस्तकों की रॉयल्टी नहीं मिली ।
उन्होंने कथित तौर पर BJP पर रॉयल्टी रुकवाने में भूमिका होने का आरोप लगाया।
ममता ने दावा किया कि TMC के सभी बैंक खाते जानबूझकर फ्रीज किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि रैली के लिए अदालत से अनुमति लेनी पड़ रही है और राजनीतिक कार्यक्रमों पर रोक है।
ममता ने मुख्यमंत्री पद पर रहते वेतन और सांसद पेंशन न लेने का दावा दोहराया।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार, 4 अगस्त 2026 को आरोप लगाया कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद से उन्हें अपनी लिखी पुस्तकों की रॉयल्टी मिलनी बंद हो गई है। उन्होंने कहा कि इस रुकावट के पीछे भारतीय जनता पार्टी (BJP) की भूमिका हो सकती है। यह बयान उन्होंने फेसबुक लाइव के माध्यम से दिया।

रॉयल्टी पर क्या बोलीं ममता

ममता बनर्जी ने अपने फेसबुक लाइव संदेश में कहा, 'कुछ लोग मेरे बारे में तरह-तरह के झूठ फैलाते हैं। वे जानते हैं कि मुख्यमंत्री रहते हुए मैंने कभी एक भी पैसा वेतन के रूप में नहीं लिया। आज तक मैंने सांसद पेंशन का भी एक पैसा नहीं लिया है। मैं अपनी किताबों की रॉयल्टी से जीवनयापन करती हूं लेकिन इस वर्ष मुझे रॉयल्टी नहीं मिली।' उन्होंने यह भी जोड़ा, 'पुस्तक मेले में लोगों ने मेरी किताबें खरीदीं, लेकिन आज तक मुझे उसकी रॉयल्टी नहीं मिली। निश्चित तौर पर इसके पीछे कोई खेल है।'

राजनीतिक गतिविधियों पर रोक के आरोप

ममता बनर्जी ने BJP-शासित व्यवस्था पर यह भी आरोप लगाया कि उनकी राजनीतिक गतिविधियों में जानबूझकर बाधाएं डाली जा रही हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे सड़कों पर निकलने नहीं दिया जा रहा है। मुझे राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। रैली निकालने के लिए मुझे अदालत से अनुमति लेनी पड़ती है।' उन्होंने यह भी कहा कि अन्य राजनीतिक दलों को उनके कार्यक्रम करने की अनुमति दी जा रही है, जबकि TMC को नहीं।

TMC बैंक खातों पर भी आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस ने कभी विदेशी फंड स्वीकार नहीं किया, फिर भी पार्टी के सभी बैंक खाते जानबूझकर फ्रीज कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिला परिषदों और पंचायतों पर जबरन कब्जा किया जा रहा है और संवैधानिक तथा लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। गौरतलब है कि ये आरोप ऐसे समय में आए हैं जब पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद TMC और BJP के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है।

ममता का संकल्प

तमाम आरोपों के बीच ममता बनर्जी ने अपने संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा, 'वे मुझे जितना रोकने की कोशिश करेंगे, मैं उतना ही मजबूती से वापसी करूंगी। उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि मैंने छात्र राजनीति की है, युवा राजनीति की है। मुझे कुर्सी की परवाह नहीं है, मुझे केवल लोगों की परवाह है।' हाल के दिनों में ममता ने मीडिया से सीधी बातचीत कम कर दी है और अपनी बात रखने के लिए फेसबुक लाइव को प्राथमिकता दे रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बैंक खाते फ्रीज होना, रैलियों पर अदालती अनुमति की बाध्यता — सत्ता से बाहर हुई एक बड़ी क्षेत्रीय पार्टी के संघर्ष की तस्वीर पेश करते हैं। लेकिन ये दावे अब तक एकतरफा हैं; BJP या राज्य प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक खंडन या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। फेसबुक लाइव को मंच बनाना यह भी दर्शाता है कि विपक्षी भूमिका में TMC की मीडिया पहुँच सीमित हो गई है। असली सवाल यह है कि क्या ये आरोप सत्यापन योग्य साक्ष्यों पर टिके हैं या केवल राजनीतिक आख्यान का हिस्सा हैं — यह जाँच का विषय है।
RashtraPress
5 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ममता बनर्जी ने किताबों की रॉयल्टी को लेकर क्या कहा?
ममता बनर्जी ने कहा कि वे अपनी पुस्तकों की रॉयल्टी से जीवनयापन करती हैं, लेकिन इस वर्ष उन्हें रॉयल्टी नहीं मिली। उन्होंने कथित तौर पर BJP की भूमिका होने की आशंका जताई और कहा कि पुस्तक मेले में किताबें बिकीं फिर भी भुगतान नहीं आया।
TMC के बैंक खाते क्यों फ्रीज हुए हैं?
ममता बनर्जी के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस ने कभी विदेशी फंड स्वीकार नहीं किया, फिर भी पार्टी के सभी बैंक खाते जानबूझकर फ्रीज कर दिए गए हैं। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि या सरकारी पक्ष का स्पष्टीकरण अभी उपलब्ध नहीं है।
ममता बनर्जी ने राजनीतिक गतिविधियों पर रोक के क्या आरोप लगाए?
उन्होंने कहा कि उन्हें सड़कों पर निकलने, राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करने और रैली निकालने की अनुमति नहीं दी जा रही है। रैली के लिए उन्हें अदालत से अनुमति लेनी पड़ती है, जबकि अन्य दलों को यह सुविधा मिल रही है।
ममता बनर्जी अपनी बात किस माध्यम से रख रही हैं?
हाल के दिनों में ममता बनर्जी ने मीडिया से सीधी बातचीत कम कर दी है और फेसबुक लाइव को अपना प्राथमिक संवाद माध्यम बना लिया है। 4 अगस्त 2026 को भी उन्होंने इसी माध्यम से ये आरोप लगाए।
ममता बनर्जी ने अपनी आय के बारे में क्या दावा किया?
ममता बनर्जी ने कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने कभी वेतन नहीं लिया और आज तक सांसद पेंशन का एक पैसा भी नहीं लिया। उनके अनुसार, पुस्तकों की रॉयल्टी ही उनकी आजीविका का एकमात्र स्रोत है।
राष्ट्र प्रेस
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