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ममता बनर्जी का ऐलान: राजनीतिक संन्यास नहीं, BJP को रिटायर कराना है मेरा लक्ष्य

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ममता बनर्जी का ऐलान: राजनीतिक संन्यास नहीं, BJP को रिटायर कराना है मेरा लक्ष्य

सारांश

ममता बनर्जी ने सोमवार को दो-टूक कहा — संन्यास नहीं, BJP को ही रिटायर कराना है। अन्नपूर्णा भंडार में 75% महिलाओं का भत्ता बंद होने और जनगणना को NRC की 'गुप्त कोशिश' बताने के आरोपों के साथ TMC ने बंगाल में नई BJP सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

मुख्य बातें

पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 24 अगस्त 2026 को कहा कि वह राजनीति से संन्यास नहीं लेंगी और BJP को सत्ता से बाहर करना उनका लक्ष्य है।
बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव के बाद लगभग 75 प्रतिशत महिलाओं को अन्नपूर्णा भंडार का मासिक भत्ता मिलना बंद हो गया है।
उनकी सरकार ने 2 करोड़ 42 लाख महिलाओं को लक्ष्मी भंडार योजना का लाभ दिया था; BJP पर धर्म-जाति के आधार पर भेदभाव का आरोप।
बनर्जी ने जनगणना प्रक्रिया को NRC लागू करने की 'गुप्त कोशिश' बताते हुए लोगों को सावधानी बरतने की चेतावनी दी।
BJP पर चुनाव-पूर्व वादे का उल्लंघन करने और लाभार्थियों की संख्या घटाने का आरोप।

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार, 24 अगस्त 2026 को स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह राजनीति से संन्यास नहीं लेंगी और तब तक सक्रिय रहेंगी, जब तक भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सत्ता से बाहर करने पर मजबूर नहीं कर देतीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि पश्चिम बंगाल की जनता ने सरकार बदलने के महज चार महीने के भीतर ही BJP का असली चेहरा पहचान लिया है।

अन्नपूर्णा भंडार विवाद: ममता का BJP पर सीधा हमला

बनर्जी ने फेसबुक लाइव के ज़रिये BJP सरकार पर आरोप लगाया कि वह 'अन्नपूर्णा भंडार' वित्तीय सहायता योजना के तहत मासिक भत्ता देने में जानबूझकर देरी कर रही है और अयोग्यता का बहाना बनाकर लाभार्थियों की संख्या घटाई जा रही है। उन्होंने कहा, 'राज्य में महिलाओं को अन्नपूर्णा योजना के लिए सड़कों पर रोते-बिलखते घूमना पड़ रहा है।'

बनर्जी ने अपने कार्यकाल की 'लक्ष्मी भंडार' योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार लगभग 2 करोड़ 42 लाख माताओं और बहनों को इस योजना का लाभ देती थी और मार्च 2026 में विधानसभा चुनाव से पहले भी भुगतान किया गया था। उनके अनुसार, चुनाव के बाद लगभग 75 प्रतिशत महिलाओं को भत्ता मिलना बंद हो गया है।

BJP पर धर्म-जाति के आधार पर भेदभाव का आरोप

बनर्जी ने आरोप लगाया कि BJP 'अन्नपूर्णा भंडार' का पैसा देने के लिए धर्म और जाति को आधार बना रही है, जो चुनाव-पूर्व वादे का उल्लंघन है। उन्होंने कहा, 'वादा करते समय कोई शर्त नहीं रखी गई थी। लेकिन अब जब आप आवेदन करने जाते हैं, तो कहा जाता है कि आपने पात्रता मानदंड पूरे नहीं किए हैं। असल में यह पूरी तरह से धोखाधड़ी है।' उन्होंने कहा कि वह उन महिलाओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की कोशिश करेंगी जो इस योजना से वंचित रह गई हैं।

जनगणना पर चेतावनी: NRC की 'गुप्त कोशिश' का आरोप

बनर्जी ने जनगणना प्रक्रिया को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (NRC) को लागू करने की एक और गुप्त कोशिश है और इसे राजनीतिक दलों से सलाह किए बिना थोपा गया है। उन्होंने लोगों को जनगणना फॉर्म पर हस्ताक्षर करने और निजी जानकारी साझा करने से पहले सावधानी बरतने की चेतावनी दी, यह कहते हुए कि इससे उनकी निजी बचत पर असर पड़ सकता है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में नई BJP सरकार के शुरुआती महीनों में कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर राज्यभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, ममता बनर्जी की यह आक्रामक मुद्रा तृणमूल कांग्रेस (TMC) को विपक्ष में पुनर्स्थापित करने की रणनीति का हिस्सा है। गौरतलब है कि बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद यह पहला बड़ा जन-आंदोलन है जिसे TMC ने हवा देने की कोशिश की है।

आने वाले हफ्तों में TMC के विरोध प्रदर्शन और तेज होने की संभावना है, खासकर यदि अन्नपूर्णा भंडार के लाभार्थियों की स्थिति में सुधार नहीं हुआ।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक सुनियोजित पुनर्वापसी की रणनीति लगती है — खासकर तब जब TMC को सत्ता गँवाने के बाद संगठनात्मक पुनर्निर्माण की ज़रूरत है। अन्नपूर्णा भंडार विवाद असली है, लेकिन यह ध्यान देने वाली बात है कि लक्ष्मी भंडार के क्रियान्वयन में भी अपने समय में अनियमितताओं के आरोप लगे थे। जनगणना को NRC से जोड़ने का दाँव भावनात्मक रूप से प्रभावी है, लेकिन इसके लिए ठोस साक्ष्य की ज़रूरत है जो अभी सार्वजनिक नहीं हुए। असली सवाल यह है कि क्या TMC बंगाल में संस्थागत विपक्ष बन पाएगी, या यह लड़ाई सिर्फ एक नेता के इर्द-गिर्द सिमटी रहेगी।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ममता बनर्जी ने राजनीतिक संन्यास को लेकर क्या कहा?
ममता बनर्जी ने 24 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि वह राजनीति से संन्यास नहीं लेंगी और तब तक सक्रिय रहेंगी जब तक BJP को सत्ता से बाहर नहीं कर देतीं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने सरकार बदलने के चार महीने के भीतर ही BJP का असली चेहरा पहचान लिया है।
अन्नपूर्णा भंडार योजना विवाद क्या है?
अन्नपूर्णा भंडार पश्चिम बंगाल की BJP सरकार की महिला वित्तीय सहायता योजना है। ममता बनर्जी का आरोप है कि चुनाव के बाद लगभग 75% महिलाओं को मासिक भत्ता मिलना बंद हो गया है और सरकार अयोग्यता का बहाना बनाकर लाभार्थियों की संख्या घटा रही है।
लक्ष्मी भंडार और अन्नपूर्णा भंडार में क्या अंतर है?
लक्ष्मी भंडार ममता बनर्जी की TMC सरकार की योजना थी, जिसके तहत लगभग 2 करोड़ 42 लाख महिलाओं को लाभ दिया जाता था। अन्नपूर्णा भंडार BJP सरकार की इसी तरह की योजना है, लेकिन बनर्जी का आरोप है कि इसमें धर्म और जाति के आधार पर भेदभाव किया जा रहा है।
ममता बनर्जी ने जनगणना को लेकर क्या चेतावनी दी?
बनर्जी ने आरोप लगाया कि जनगणना प्रक्रिया NRC लागू करने की एक गुप्त कोशिश है और इसे राजनीतिक दलों से सलाह किए बिना थोपा गया है। उन्होंने लोगों को जनगणना फॉर्म पर हस्ताक्षर करने से पहले सावधानी बरतने की चेतावनी दी।
पश्चिम बंगाल में अन्नपूर्णा भंडार के विरोध प्रदर्शन क्यों हो रहे हैं?
राज्यभर में महिलाएं अन्नपूर्णा भंडार के तहत मासिक भत्ता मिलने में देरी और लाभार्थियों की संख्या घटाए जाने के विरोध में प्रदर्शन कर रही हैं। TMC का आरोप है कि BJP ने चुनाव-पूर्व किए गए वादों का उल्लंघन किया है।
राष्ट्र प्रेस
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