जालौन के एट टोल प्लाजा पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: दो गिरफ्तार, 3 अवैध पिस्टल और 12 कारतूस बरामद
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के थाना एट क्षेत्र में 19 सितंबर 2026 की रात पुलिस ने एट टोल प्लाजा के पास चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तीन अवैध .32 बोर पिस्टल और 12 जिंदा कारतूस बरामद किए। दोनों आरोपी काले रंग की दो फॉर्च्यूनर वाहनों में सवार थे और पुलिस को देखकर भागने का प्रयास कर रहे थे, जिसके बाद उन्हें घेराबंदी कर काबू किया गया।
कैसे हुई गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, 19 सितंबर की रात थाना एट क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों की चेकिंग जारी थी। इसी दौरान एक मुखबिर से सूचना मिली कि झांसी की ओर से आ रही दो काली फॉर्च्यूनर गाड़ियों में अवैध हथियार हो सकते हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने एट टोल प्लाजा के पास नाकाबंदी की।
जैसे ही दोनों वाहन टोल प्लाजा पर पहुँचे, उनमें सवार लोगों ने पुलिस को देखते ही भागने की कोशिश की। पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों वाहनों को रोक लिया। हालाँकि, वाहनों में सवार कुछ अन्य व्यक्ति मौके से निकलने में कामयाब रहे।
आरोपियों की पहचान और बरामदगी
पूछताछ में पकड़े गए दोनों आरोपियों की पहचान आशुतोष मिश्रा, निवासी डिप्टीखेड़ा, थाना पारा, लखनऊ और नितीश श्रीवास्तव उर्फ विक्की, निवासी कृष्णापल्ली, थाना आलमबाग, लखनऊ के रूप में हुई।
तलाशी के दौरान आशुतोष मिश्रा के पास से तीन .32 बोर पिस्टल बरामद हुईं, जबकि नितीश श्रीवास्तव के कब्जे से 12 जिंदा कारतूस मिले। इसके अलावा दोनों के पास से तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। नकदी के रूप में आशुतोष से ₹3,620 और नितीश से ₹53,580 — यानी कुल ₹57,200 बरामद किए गए।
हथियारों के स्रोत का दावा
एफआईआर में दर्ज विवरण के अनुसार, आशुतोष मिश्रा ने कथित तौर पर बताया कि उसके पास पहले से एक पिस्टल थी, जबकि दो अन्य पिस्टल नितीश ने उसे दी थीं। नितीश श्रीवास्तव से पूछताछ में हथियारों के मध्य प्रदेश से किसी अज्ञात व्यक्ति के जरिए मंगाए जाने की बात सामने आई है। हालाँकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि जाँच का विषय है।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश पुलिस राज्य में अवैध हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने के लिए लगातार अभियान चला रही है। अंतर्राज्यीय हथियार तस्करी के मार्गों पर अधिकारियों की पैनी नज़र बनी हुई है।
कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने दोनों आरोपियों पर मु.अ.सं. 135/2026 के तहत धारा 3/25 आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज किया है। दस्तावेज प्रस्तुत न कर पाने पर दोनों फॉर्च्यूनर वाहनों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई है। बरामद हथियारों और कारतूसों को कब्जे में लेकर सील कर दिया गया है।
मामले की विवेचना उपनिरीक्षक बृजेश कुमार को सौंपी गई है। पुलिस अब बरामद हथियारों के स्रोत, उनसे जुड़े अन्य व्यक्तियों और मौके से फरार हुए संदिग्धों की पहचान में जुटी है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।