रूस का ट्रंप के ईरान अल्टीमेटम पर स्पष्ट दृष्टिकोण: राजनीतिक और रणनीतिक समाधान बेहतर

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रूस का ट्रंप के ईरान अल्टीमेटम पर स्पष्ट दृष्टिकोण: राजनीतिक और रणनीतिक समाधान बेहतर

सारांश

रूस ने ट्रंप के ईरान को दिए गए अल्टीमेटम पर अपनी चिंताओं को व्यक्त किया है और तनाव को कम करने का आग्रह किया है। क्या राजनीतिक और रणनीतिक समाधान ही सही रास्ता है?

Key Takeaways

  • रूस ने ट्रंप के अल्टीमेटम पर राजनीतिक समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।
  • तेहरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
  • बुशहर परमाणु प्लांट पर हमले की धमकी को रूस ने गलत बताया।
  • ईरान का नतांज परिसर अंतरराष्ट्रीय विवाद का केंद्र बना हुआ है।

मास्को, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है, जिसके बाद तेहरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। इस स्थिति से दुनिया चिंतित है, क्योंकि यदि बुशहर परमाणु संयंत्र पर हमला होता है, तो इससे गंभीर मानवता संकट उत्पन्न हो सकता है। रूस का मानना है कि तनाव को कम करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा, "हमारा मानना है कि इस मुद्दे का समाधान राजनीतिक और रणनीतिक तरीके से होना चाहिए।" उन्होंने यह भी कहा, "यह वही तरीके हैं, जिनसे क्षेत्र में व्याप्त तनाव को प्रभावी ढंग से कम किया जा सकता है।"

रूस ने बुशहर परमाणु पावर प्लांट पर हमले की धमकी को गलत बताते हुए कहा है कि ईरान में स्थित इस न्यूक्लियर प्लांट के आसपास यूएस-इजरायली हमले अत्यंत खतरनाक हो सकते हैं। पेसकोव ने स्पष्ट किया कि रूस ने अपनी चिंताओं को अमेरिका तक पहुंचा दिया है और ऐसे हमलों के परिणाम भीषण हो सकते हैं, जिनकी भरपाई नहीं हो सकेगी।

पेसकोव ने आगे कहा, "हमारा मानना है कि न्यूक्लियर फैसिलिटी पर हमले अत्यंत गंभीर हो सकते हैं... इसीलिए, रूस ने इस मुद्दे पर जिम्मेदार रुख अपनाते हुए बार-बार अपनी चिंताओं को व्यक्त किया है।"

हाल ही में ईरान के नतांज परमाणु परिसर पर भी हमला किया गया था, जिसे रूस ने अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया। इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (आईएईए) ने भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि रेडियोएक्टिव रिसाव नहीं हुआ, लेकिन सतर्कता बरतना आवश्यक है।

यह हमला नतांज पर शुरू होने के बाद दूसरा था। 2 मार्च को भी इस प्लांट को निशाना बनाया गया था। यह ईरान का सबसे बड़ा परमाणु केंद्र है, जहां यूरेनियम एनरिचमेंट किया जाता है। इस्फहान में स्थित इस केंद्र की विशेषता यह है कि इसका अधिकांश हिस्सा जमीन के नीचे बना हुआ है।

2 मार्च को हुए हमले के बाद, 3 मार्च को आईएईए ने पुष्टि की थी कि नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी के प्रवेश द्वार के पास स्थित इमारतों को थोड़ा नुकसान पहुंचा है।

नतांज फैसिलिटी को जून में इजरायल और ईरान के बीच हुए 12-दिन के युद्ध में मुख्य लक्ष्य बनाया गया था, जिसमें अमेरिका भी शामिल हो गया था।

Point of View

जहां वह तनाव को राजनीतिक और रणनीतिक तरीके से सुलझाने की आवश्यकता पर जोर दे रहा है। यह दृष्टिकोण न केवल ईरान के लिए बल्कि क्षेत्रीय शांति के लिए भी आवश्यक है।
NationPress
23/03/2026

Frequently Asked Questions

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को क्या अल्टीमेटम दिया?
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है, जिसके बाद तेहरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
रूस का इस संदर्भ में क्या कहना है?
रूस का मानना है कि इस मुद्दे का समाधान राजनीतिक और रणनीतिक तरीके से होना चाहिए, जिससे तनाव को कम किया जा सके।
नतांज परमाणु परिसर पर हमले के बारे में क्या जानकारी है?
नतांज परमाणु परिसर पर हाल ही में हमले हुए हैं, जिन्हें रूस ने अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।
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