11 अगस्त 2026
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कुत्ते पढ़ सकते हैं इंसानी चेहरे की भावनाएँ: MRI स्कैन में वियना विश्वविद्यालय का चौंकाने वाला खुलासा

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कुत्ते पढ़ सकते हैं इंसानी चेहरे की भावनाएँ: MRI स्कैन में वियना विश्वविद्यालय का चौंकाने वाला खुलासा

सारांश

वियना विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने MRI स्कैन से पता लगाया कि कुत्तों का मस्तिष्क इंसानी चेहरे पर खुशी को नकारात्मक भावों से अलग पहचानता है — और डर, गुस्से व उदासी में भी आंशिक अंतर कर सकता है। यह पहला ऐसा अध्ययन है जो एक ही भावात्मक श्रेणी में कुत्तों की विभेदन क्षमता को सामने लाता है।

मुख्य बातें

यूनिवर्सिटी ऑफ विएना के शोधकर्ताओं ने MRI स्कैन के जरिए पालतू कुत्तों के मस्तिष्क की गतिविधियों का अध्ययन किया।
पहले चरण में 8 कुत्तों और दूसरे चरण में 12 कुत्तों पर प्रयोग किए गए; अधिकांश बॉर्डर कॉली नस्ल के थे।
कुत्तों के दिमाग ने खुश चेहरे को नकारात्मक भावों से स्पष्ट रूप से अलग पहचाना।
पूरे मस्तिष्क के विश्लेषण में डर और उदासी तथा डर और गुस्से के बीच अंतर के संकेत मिले।
लौरा कुआया के अनुसार यह पहला अध्ययन है जो एक भावात्मक श्रेणी के भीतर कुत्तों की विभेदन क्षमता दर्शाता है।
छोटे नमूने और एकल नस्ल की सीमा के कारण बड़े अध्ययन की आवश्यकता बताई गई है।

यूनिवर्सिटी ऑफ विएना के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक नए अध्ययन के अनुसार, कुत्ते न केवल इंसानी चेहरों की भावनाएँ पहचान सकते हैं, बल्कि उनका मस्तिष्क डर, गुस्से और उदासी जैसे अलग-अलग नकारात्मक भावों में भी अंतर करने में सक्षम है। 11 अगस्त को सामने आए इस शोध ने मनुष्य और उसके सबसे वफादार साथी के बीच के भावनात्मक संबंध को लेकर नई समझ विकसित की है।

शोध की पद्धति

शोधकर्ताओं ने पालतू कुत्तों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया ताकि वे जागते हुए और बिना किसी बंधन के एमआरआई स्कैनर में शांत होकर लेट सकें। अध्ययन में शामिल अधिकांश कुत्ते बॉर्डर कॉली नस्ल के थे, जो अपनी बुद्धिमत्ता के लिए जानी जाती है।

पहले चरण में 8 कुत्तों को खुश और सामान्य भाव वाले इंसानी चेहरों की तस्वीरें दिखाई गईं। स्कैन में पाया गया कि खुश चेहरे देखने पर कुत्तों के मस्तिष्क के उन हिस्सों में गतिविधि बढ़ी जो दृष्टि, सामाजिक संकेतों की पहचान और सकारात्मक अनुभव से जुड़े माने जाते हैं।

मुख्य निष्कर्ष

दूसरे चरण में 12 कुत्तों को खुश, उदास, डरे हुए और गुस्से वाले चेहरों की तस्वीरें दिखाई गईं। शोधकर्ताओं ने मशीन लर्निंग की सहायता से मस्तिष्क की गतिविधियों का विश्लेषण किया।

परिणाम उल्लेखनीय रहे — कुत्तों के दिमाग ने खुश चेहरे को नकारात्मक भाव वाले चेहरों से स्पष्ट रूप से अलग पहचाना। पूरे मस्तिष्क की गतिविधि का विश्लेषण करने पर संकेत मिले कि कुत्ते डर और उदासी तथा डर और गुस्से के बीच अंतर कर सकते हैं। हालाँकि, गुस्से और उदासी को एक-दूसरे से अलग पहचानने में वे उतने सफल नहीं रहे।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

यूनिवर्सिटी ऑफ विएना की शोधकर्ता डॉ. लौरा कुआया के अनुसार, यह पहला ऐसा अध्ययन है जिसमें संकेत मिले हैं कि कुत्तों का मस्तिष्क एक ही भावात्मक श्रेणी के भीतर अलग-अलग मानवीय भावनाओं में अंतर कर सकता है।

शोधकर्ताओं का मानना है कि गुस्से और उदासी को अलग न पहचान पाने की एक संभावित वजह यह हो सकती है कि इन दोनों भावों को समझने के लिए केवल चेहरा पर्याप्त नहीं होता — शरीर की मुद्रा और अन्य सामाजिक संकेत भी कुत्तों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

अध्ययन की सीमाएँ

शोधकर्ताओं ने स्वयं स्वीकार किया कि इस अध्ययन की कुछ सीमाएँ हैं। नमूना आकार छोटा था और अधिकांश कुत्ते एक ही नस्ल — बॉर्डर कॉली — के थे। इसके अलावा, सभी कुत्ते पूर्णतः स्वस्थ थे और उनमें व्यवहार संबंधी कोई समस्या नहीं थी। इसलिए इन निष्कर्षों को सभी नस्लों पर समान रूप से लागू करने से पहले बड़े पैमाने पर शोध की आवश्यकता होगी।

आगे की दिशा

यह अध्ययन मनुष्य और कुत्ते के बीच हजारों वर्षों के साहचर्य की वैज्ञानिक पुष्टि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भविष्य में विभिन्न नस्लों और बड़े नमूनों पर किए जाने वाले शोध यह स्पष्ट कर सकते हैं कि क्या यह क्षमता सभी कुत्तों में समान रूप से पाई जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी सीमाएँ उतनी ही महत्वपूर्ण हैं जितने इसके निष्कर्ष। मात्र 8 से 12 कुत्तों पर और लगभग एकल नस्ल — बॉर्डर कॉली — पर आधारित शोध को सार्वभौमिक सत्य की तरह प्रस्तुत करना जल्दबाजी होगी। गौरतलब है कि बॉर्डर कॉली असाधारण रूप से बुद्धिमान नस्ल है और उसके परिणाम औसत पालतू कुत्ते पर लागू नहीं हो सकते। साथ ही, मशीन लर्निंग-आधारित मस्तिष्क गतिविधि विश्लेषण 'अंतर' और 'समझ' के बीच की रेखा को धुँधला कर सकता है — कुत्ते का मस्तिष्क अलग प्रतिक्रिया देना और उसे सचेत रूप से 'समझना' दो अलग बातें हैं।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या कुत्ते सच में इंसानों की भावनाएँ पहचान सकते हैं?
यूनिवर्सिटी ऑफ विएना के MRI अध्ययन के अनुसार, कुत्तों का मस्तिष्क खुशी को नकारात्मक भावों से अलग पहचानता है और डर, गुस्से व उदासी में आंशिक अंतर कर सकता है। हालाँकि यह क्षमता 'सचेत समझ' है या केवल मस्तिष्क की अलग प्रतिक्रिया, यह अभी शोध का विषय है।
वियना विश्वविद्यालय के इस अध्ययन में क्या तरीका अपनाया गया?
शोधकर्ताओं ने कुत्तों को MRI स्कैनर में शांत लेटने के लिए प्रशिक्षित किया और उन्हें विभिन्न भावों वाले इंसानी चेहरों की तस्वीरें दिखाईं। मशीन लर्निंग की मदद से मस्तिष्क की गतिविधियों का विश्लेषण किया गया।
कुत्ते गुस्से और उदासी में अंतर क्यों नहीं कर पाए?
शोधकर्ताओं के अनुसार, गुस्से और उदासी को समझने के लिए केवल चेहरा पर्याप्त नहीं होता। कुत्तों के लिए शरीर की मुद्रा और अन्य सामाजिक संकेत भी इन भावों की पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस शोध की सीमाएँ क्या हैं?
अध्ययन में नमूना आकार छोटा था — केवल 8 से 12 कुत्ते — और अधिकांश बॉर्डर कॉली नस्ल के थे। शोधकर्ताओं ने स्वयं कहा कि इन निष्कर्षों को सभी नस्लों पर लागू करने के लिए बड़े पैमाने पर अध्ययन आवश्यक है।
डॉ. लौरा कुआया का इस शोध में क्या योगदान है?
डॉ. लौरा कुआया यूनिवर्सिटी ऑफ विएना की शोधकर्ता हैं जिन्होंने इस अध्ययन का नेतृत्व किया। उनके अनुसार यह पहला अध्ययन है जो दर्शाता है कि कुत्तों का मस्तिष्क एक ही भावात्मक श्रेणी के भीतर अलग-अलग मानवीय भावनाओं में अंतर कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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