सीएम डैशबोर्ड जुलाई रैंकिंग: रामपुर फिर अव्वल, 9.58 अंक के साथ UP में नंबर-1
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले ने मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की जुलाई 2025 की रैंकिंग में 10 में से 9.58 अंक हासिल कर पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। शाहजहांपुर (9.43 अंक) दूसरे और बरेली (9.40 अंक) तीसरे स्थान पर रहे। यह रामपुर के लिए लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन की कड़ी है, क्योंकि जिला पिछले कई माह से शीर्ष 10 में बना हुआ है।
मूल्यांकन के मानक और रामपुर का प्रदर्शन
रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि सीएम डैशबोर्ड पर जिलों का मूल्यांकन जनशिकायतों के समयबद्ध निस्तारण, प्राप्त शिकायतों पर कार्रवाई, फीडबैक की गुणवत्ता और योजनाओं के क्रियान्वयन जैसे पहलुओं पर किया जाता है।
जुलाई माह में जिले की 59 योजनाओं की डैशबोर्ड के माध्यम से मॉनीटरिंग की गई, जिनमें से 56 कार्यक्रमों में रामपुर ने 'ए' ग्रेड प्राप्त किया। वैकल्पिक ऊर्जा, कृषि, समाज कल्याण, पंचायती राज, लोक निर्माण, स्वास्थ्य, पशुपालन, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा, मत्स्य, उद्योग, सहकारिता और सिंचाई विभागों में जिले ने शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किए।
शाहजहांपुर और बरेली का योगदान
शाहजहांपुर के जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सीएम डैशबोर्ड उन जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करता है, जिन्होंने प्रशासनिक दक्षता, विकास कार्यों और राजस्व प्रबंधन में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप शाहजहांपुर में विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है, साथ ही शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है।
बरेली ने 9.40 अंक के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया। तीनों जिलाधिकारियों ने एकमत से कहा कि यह उपलब्धि जनशिकायतों के प्रभावी निस्तारण, बेहतर फीडबैक और प्रशासनिक सुधारात्मक पहल का परिणाम है।
शीर्ष 10 जिलों की पूरी सूची
जुलाई रैंकिंग में शीर्ष 10 जिलों का विवरण इस प्रकार रहा — अंबेडकरनगर ने 9.34 अंक के साथ चौथा, मैनपुरी ने 9.30 अंक के साथ पाँचवाँ, आजमगढ़ ने 9.27 अंक के साथ छठा और महाराजगंज ने 9.25 अंक के साथ सातवाँ स्थान प्राप्त किया।
बुलंदशहर और बागपत दोनों ने 9.23 अंक हासिल कर संयुक्त रूप से आठवाँ स्थान प्राप्त किया। लखीमपुर खीरी ने 9.20 अंक के साथ नौवाँ, जबकि सुल्तानपुर और सोनभद्र ने बराबर-बराबर 9.18 अंक प्राप्त कर शीर्ष 10 में अपनी जगह बनाई।
सुशासन की व्यापक तस्वीर
यह रैंकिंग ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश सरकार साढ़े नौ वर्षों से जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और प्रशासनिक पारदर्शिता को प्राथमिकता दे रही है। गौरतलब है कि सीएम डैशबोर्ड प्रणाली जिलों को एक प्रतिस्पर्धी ढाँचे में रखती है, जिससे प्रशासनिक जवाबदेही और योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन में सुधार का दबाव बना रहता है। आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या शीर्ष जिले इस प्रदर्शन को बनाए रख पाते हैं और अन्य जिले इनसे प्रेरणा लेकर अपनी रैंकिंग सुधारते हैं।