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सीएम योगी का निर्देश: सभी थानों की CCTV मॉनिटरिंग के लिए बने सेंट्रल डैशबोर्ड, पुलिस रेडियो नेटवर्क होगा हाईटेक

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सीएम योगी का निर्देश: सभी थानों की CCTV मॉनिटरिंग के लिए बने सेंट्रल डैशबोर्ड, पुलिस रेडियो नेटवर्क होगा हाईटेक

सारांश

सीएम योगी ने यूपी के सभी थानों की CCTV फुटेज की लाइव निगरानी के लिए सेंट्रल डैशबोर्ड बनाने का आदेश दिया। ₹47 करोड़ से 12 जनपदों में डिजिटल वायरलेस नेटवर्क और 5जी फिल्टर-आधारित संचार व्यवस्था का प्रस्ताव — यूपी पुलिस के व्यापक तकनीकी कायाकल्प की दिशा में बड़ा कदम।

मुख्य बातें

सीएम योगी आदित्यनाथ ने 24 मई को उच्चस्तरीय बैठक में सभी थानों की CCTV फुटेज की लाइव मॉनिटरिंग के लिए सेंट्रल डैशबोर्ड विकसित करने का निर्देश दिया।
पुलिस की लोकेशन, मूवमेंट और संचार की गोपनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता घोषित; तकनीकी सेंधमारी की संभावना शून्य करने का आदेश।
वित्त वर्ष 2026-27 में ₹47 करोड़ की लागत से 12 जनपदों में डिजिटल वायरलेस सेवाएँ शुरू करने की योजना।
गत वर्ष रिवर्स ऑक्शन से उपकरण खरीद में ₹1.23 करोड़ की बचत; 275 फ्लैट बेस मास्ट , 5,322 बैटरियाँ और 120 बैकपैक सेट खरीदे गए।
डीआईजी रेडियो पूर्वी का मुख्यालय आजमगढ़ और डीआईजी रेडियो पश्चिमी का मुख्यालय अलीगढ़ में स्थापित करने का प्रस्ताव।
सभी कार्मिकों का डेटा मानव सम्पदा पोर्टल पर अद्यतन करने और सेवा-संबंधी कार्य पूरी तरह डिजिटल करने के निर्देश।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार, 24 मई को लखनऊ में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में पुलिस रेडियो विभाग को अत्याधुनिक तकनीक से सशक्त करने के व्यापक निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेश के सभी पुलिस थानों की सीसीटीवी फुटेज की लाइव निगरानी के लिए एक सेंट्रल डैशबोर्ड विकसित करने का आदेश दिया, ताकि कानून-व्यवस्था की निगरानी अधिक पारदर्शी और प्रभावी हो सके।

मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश

मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट किया कि पुलिस की लोकेशन, मूवमेंट और संचार गतिविधियों की गोपनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की तकनीकी सेंधमारी की गुंजाइश नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने पुलिस रेडियो नेटवर्क को अत्याधुनिक तकनीकों से लैस करने तथा दूरस्थ क्षेत्रों तक निर्बाध संचार सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

बेहतर पर्यवेक्षण के लिए विभागीय ढाँचे को पुनर्गठित करने पर भी विचार हुआ। इसके तहत डीआईजी रेडियो पूर्वी का मुख्यालय आजमगढ़ और डीआईजी रेडियो पश्चिमी का मुख्यालय अलीगढ़ में स्थापित किए जाने का प्रस्ताव रखा गया।

संचार उपकरणों की खरीद और बचत

बैठक में बताया गया कि गत वित्तीय वर्ष में थानों के लिए 275 फ्लैट बेस मास्ट, 5,322 बैटरियाँ, 120 बैकपैक सेट तथा केबल, चार्जर और एंटीना सहित अन्य सहायक उपकरण खरीदे गए। आधुनिकीकरण योजना के अंतर्गत 50 पीए सिस्टम भी स्थापित किए गए। उल्लेखनीय है कि रिवर्स ऑक्शन प्रक्रिया अपनाने से उपकरणों की खरीद में लगभग ₹1.23 करोड़ की बचत हुई।

वित्त वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना

वित्तीय वर्ष 2026-27 की समीक्षा में बताया गया कि ₹47 करोड़ की लागत से 12 जनपदों में डिजिटल वायरलेस सेवाएँ शुरू करने की योजना है। इसके अतिरिक्त मापक उपकरण, पोर्टेबल संचार के लिए 5जी फिल्टर, दूरस्थ थानों के लिए सेल्फ-सपोर्टेड मास्ट तथा पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के लिए हैंड-हेल्ड वायरलेस संचार व्यवस्था विकसित किए जाने का प्रस्ताव है।

रेडियो कार्मिकों की चरित्र पंजिका संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों के माध्यम से सत्यापित कराने तथा वायरलेस सेटों को निष्प्रयोजन घोषित करने से पहले अनिवार्य तकनीकी परीक्षण सुनिश्चित करने पर भी सहमति बनी।

मानव संसाधन का डिजिटलीकरण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभागीय मानव संसाधन प्रबंधन को भी तकनीक-आधारित बनाने पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कार्मिकों का डेटा मानव सम्पदा पोर्टल पर अद्यतन किया जाए और चरित्र पंजिका, अवकाश तथा अन्य सेवा-संबंधी कार्य पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित हों। कर्मचारियों को नवीनतम तकनीकों, कंप्यूटर प्रशिक्षण और संचार संदेशों की गुणवत्ता सुधार से जुड़े प्रशिक्षण दिए जाने पर भी विशेष जोर दिया गया।

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार पुलिस बल के व्यापक आधुनिकीकरण को अपनी प्राथमिकता के रूप में पेश कर रही है। सेंट्रल डैशबोर्ड के लागू होने से थाना स्तर की जवाबदेही में उल्लेखनीय बदलाव आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल क्रियान्वयन की गति और जवाबदेही का है। यूपी में पहले भी तकनीकी आधुनिकीकरण की योजनाएँ बनी हैं, जो ज़मीनी स्तर पर अपेक्षित गति नहीं पकड़ पाईं। ₹47 करोड़ का डिजिटल वायरलेस प्रस्ताव और रिवर्स ऑक्शन से बचत जैसे कदम सकारात्मक संकेत हैं, किंतु 12 जनपदों तक सीमित दायरा और दूरस्थ थानों की वास्तविक कनेक्टिविटी चुनौती अभी भी बड़ी है। थाना स्तर की पारदर्शिता तभी सार्थक होगी जब डैशबोर्ड का डेटा केवल प्रशासनिक उपयोग तक सीमित न रहे।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम योगी का सेंट्रल CCTV डैशबोर्ड क्या है?
यह एक प्रस्तावित केंद्रीय निगरानी प्रणाली है जिसके ज़रिए उत्तर प्रदेश के सभी पुलिस थानों की CCTV फुटेज को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाइव देखा जा सकेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 24 मई को हुई उच्चस्तरीय बैठक में इसे विकसित करने का निर्देश दिया।
यूपी पुलिस रेडियो आधुनिकीकरण योजना में क्या शामिल है?
वित्त वर्ष 2026-27 में ₹47 करोड़ की लागत से 12 जनपदों में डिजिटल वायरलेस सेवाएँ शुरू करने की योजना है। इसमें 5जी फिल्टर, सेल्फ-सपोर्टेड मास्ट और पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के लिए हैंड-हेल्ड वायरलेस संचार व्यवस्था भी शामिल है।
डीआईजी रेडियो के मुख्यालय कहाँ स्थानांतरित किए जाएँगे?
बैठक में डीआईजी रेडियो पूर्वी का मुख्यालय आजमगढ़ और डीआईजी रेडियो पश्चिमी का मुख्यालय अलीगढ़ में स्थापित करने पर विचार किया गया। यह निर्णय बेहतर क्षेत्रीय पर्यवेक्षण और संचार समन्वय के उद्देश्य से प्रस्तावित है।
रिवर्स ऑक्शन से यूपी पुलिस को कितनी बचत हुई?
गत वित्तीय वर्ष में संचार उपकरणों की खरीद में रिवर्स ऑक्शन प्रक्रिया अपनाने से लगभग ₹1.23 करोड़ की बचत हुई। इसी अवधि में 275 फ्लैट बेस मास्ट, 5,322 बैटरियाँ और 120 बैकपैक सेट खरीदे गए।
मानव सम्पदा पोर्टल पर क्या बदलाव होंगे?
सीएम योगी ने निर्देश दिया कि पुलिस रेडियो विभाग के सभी कार्मिकों का डेटा मानव सम्पदा पोर्टल पर अद्यतन किया जाए। चरित्र पंजिका, अवकाश और अन्य सेवा-संबंधी कार्य पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित करने के भी निर्देश दिए गए।
राष्ट्र प्रेस
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