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योगी कैबिनेट ने जलालाबाद का नाम बदला, परशुरामपुरी होगा नया नाम; 28 प्रस्तावों को मंजूरी

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योगी कैबिनेट ने जलालाबाद का नाम बदला, परशुरामपुरी होगा नया नाम; 28 प्रस्तावों को मंजूरी

सारांश

योगी कैबिनेट ने एक बैठक में शाहजहांपुर के जलालाबाद को परशुरामपुरी नाम देने से लेकर ₹1,000 करोड़ के स्टार्टअप फंड और 1.60 लाख होमगार्डों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा तक — 28 फैसले एक साथ लिए। मदरसा शिक्षा प्रस्ताव स्थगित रहा।

मुख्य बातें

शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी किया गया; केंद्र की एनओसी के बाद अंतिम मंजूरी।
योगी कैबिनेट ने 6 जुलाई 2026 को कुल 28 प्रस्ताव पारित किए; मदरसा शिक्षा प्रस्ताव स्थगित।
उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 को मंजूरी; ₹1,000 करोड़ का स्टार्टअप फंड और डेटा सेंटर नीति पुनः लागू।
करीब 1.60 लाख होमगार्डों को ₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा।
पशुधन बीमा योजना में प्रीमियम का 85% सरकार, 15% पशुपालक वहन करेंगे।
वाराणसी में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज और गोरखपुर-मुरादाबाद में 100-100 बेड के अस्पताल के लिए भूमि आवंटन को मंजूरी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 6 जुलाई 2026 को लखनऊ में हुई राज्य कैबिनेट बैठक में शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी करने के प्रस्ताव सहित कुल 28 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में कुल 29 प्रस्ताव रखे गए थे, जिनमें से मदरसा शिक्षा से संबंधित एक प्रस्ताव फिलहाल स्थगित कर दिया गया।

जलालाबाद से परशुरामपुरी: नामकरण का आधार

कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद को भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रूप में मान्यता प्राप्त है, इसी धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व के आधार पर यह नामकरण किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) मिलने के बाद ही राज्य मंत्रिमंडल ने इस प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति दी। यह उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा की गई नाम-परिवर्तन की श्रृंखला में नवीनतम कदम है — इससे पहले इलाहाबाद, फैजाबाद और मुगलसराय जैसे शहरों के नाम भी बदले जा चुके हैं।

स्टार्टअप नीति-2026 और ₹1,000 करोड़ का फंड

कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 और उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन के गठन को भी मंजूरी दी। सोसायटी पंजीकरण अधिनियम के तहत बनने वाले इस मिशन की संचालन समिति की अध्यक्षता मुख्य सचिव करेंगे। नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए ₹1,000 करोड़ के स्टार्टअप फंड का प्रावधान किया गया है, साथ ही प्रोटोटाइप और सीड कैपिटल सहायता तथा इनक्यूबेटरों को वार्षिक अनुदान भी दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त समाप्त हो चुकी डेटा सेंटर नीति को पुनः लागू करने का निर्णय भी लिया गया।

होमगार्ड और पशुपालकों को राहत

राज्य के करीब 1.60 लाख होमगार्डों और उनके आश्रितों को ₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली। इसके अलावा मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना के तहत पशुओं का बीमा किया जाएगा — प्रीमियम का 85 प्रतिशत सरकार और 15 प्रतिशत पशुपालक वहन करेंगे। प्राकृतिक आपदा, बीमारी या दुर्घटना में पशु की मृत्यु होने पर बीमा राशि का लाभ मिलेगा।

स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए बड़े फैसले

श्रम विभाग के प्रस्ताव के तहत वाराणसी में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए निःशुल्क भूमि आवंटित की जाएगी, जिसमें आधी सीटें श्रमिकों के बच्चों के लिए आरक्षित रहेंगी। गोरखपुर और मुरादाबाद में 100-100 बेड के ईएसआईसी अस्पताल स्थापित करने के लिए भी भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। कैबिनेट ने बिल्हौर में महर्षि महेश योगी इंटरनेशनल एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय, गाजियाबाद में अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय और फतेहपुर में ठाकुर युगराज सिंह विश्वविद्यालय — तीन नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को भी स्वीकृति दी।

अन्य प्रमुख निर्णय

अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेता खिलाड़ियों की सीधी भर्ती के नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई — अब पात्र खिलाड़ियों को समूह 'ख' और 'ग' के पदों पर सीधे नियुक्ति मिल सकेगी। रायबरेली में उद्यान महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र की स्थापना, लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की पेंशन में संशोधन, तथा गोरखपुर और मुरादाबाद नगर निगम के लिए म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करने के प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की गई। आने वाले दिनों में इन निर्णयों के क्रियान्वयन की दिशा तय होगी, जिस पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

संदेश अधिक लगता है। ₹1,000 करोड़ का स्टार्टअप फंड महत्वाकांक्षी है, लेकिन उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम की परिपक्वता और पिछली औद्योगिक नीतियों के क्रियान्वयन की गति को देखते हुए, असली कसौटी धन आवंटन नहीं बल्कि संस्थागत क्षमता होगी।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जलालाबाद का नाम परशुरामपुरी क्यों रखा गया?
शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद को भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रूप में मान्यता प्राप्त है, इसी धार्मिक-सांस्कृतिक आधार पर योगी कैबिनेट ने यह नामकरण किया। केंद्र सरकार से एनओसी मिलने के बाद 6 जुलाई 2026 को इसे अंतिम मंजूरी दी गई।
योगी कैबिनेट की बैठक में कुल कितने प्रस्ताव पारित हुए?
6 जुलाई 2026 की कैबिनेट बैठक में कुल 29 प्रस्ताव रखे गए थे, जिनमें से 28 को मंजूरी मिली। मदरसा शिक्षा से जुड़ा एक प्रस्ताव फिलहाल स्थगित कर दिया गया।
उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 में क्या प्रावधान हैं?
इस नीति के तहत ₹1,000 करोड़ का स्टार्टअप फंड बनाया जाएगा और प्रोटोटाइप व सीड कैपिटल सहायता दी जाएगी। उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन सोसायटी पंजीकरण अधिनियम के तहत गठित होगा, जिसकी संचालन समिति की अध्यक्षता मुख्य सचिव करेंगे।
होमगार्डों को मिलने वाली कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा का लाभ किसे मिलेगा?
प्रदेश के करीब 1.60 लाख होमगार्डों और उनके आश्रितों को ₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी। यह प्रस्ताव 6 जुलाई 2026 की कैबिनेट बैठक में पारित किया गया।
पशुधन बीमा योजना में पशुपालकों को कितना प्रीमियम देना होगा?
मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना के तहत प्रीमियम का 85 प्रतिशत राज्य सरकार और केवल 15 प्रतिशत पशुपालक वहन करेंगे। प्राकृतिक आपदा, बीमारी या दुर्घटना में पशु की मृत्यु होने पर बीमा का लाभ मिलेगा।
राष्ट्र प्रेस
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