भारत-श्रीलंका टेस्ट सीरीज 2025: महरूफ बोले — स्पिन कमज़ोरी के बावजूद भारत की तैयारी बेहतर
सारांश
मुख्य बातें
श्रीलंका के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ परवेज़ महरूफ ने कहा है कि स्पिन गेंदबाज़ी के सामने भारतीय बल्लेबाज़ी की ज्ञात कमज़ोरियों के बावजूद, भारत मेज़बान श्रीलंका की तुलना में कहीं अधिक तैयारी के साथ 15 अगस्त से शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ में उतरेगा। सीरीज़ का पहला मैच गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में और दूसरा 23 अगस्त से कोलंबो के सिंहलीज़ स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा।
मुख्य घटनाक्रम
इस सीरीज़ में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के 24 अहम अंक दांव पर हैं, जो जून 2027 के फाइनल की दौड़ में दोनों टीमों के लिए निर्णायक हो सकते हैं। भारत ने सीरीज़ से पहले श्रीलंका क्रिकेट इलेवन के खिलाफ तीन दिवसीय वार्म-अप मैच 6 विकेट से जीता। इसके विपरीत, श्रीलंका ने समय की कमी के कारण कोई प्रैक्टिस मैच नहीं खेला।
महरूफ का विश्लेषण — भारत को क्यों है बढ़त
सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क की ओर से आयोजित एक ऑनलाइन बातचीत में महरूफ ने कहा, 'भारतीय बल्लेबाज़ी क्रम की कमज़ोरी और इसे लेकर फैली नकारात्मकता, खासकर घरेलू मैदान पर दक्षिण अफ्रीका से हारने के बाद, ऐसी स्थिति है जिसका श्रीलंका फायदा उठा सकता है — अगर वे अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाएं।' उन्होंने यह भी कहा कि श्रीलंका के कुछ गेंदबाज़ वेस्टइंडीज़ सीरीज़ के बाद से कोई मैच नहीं खेले हैं, जिससे उनकी वर्कलोड तैयारी पर सवाल उठता है।
महरूफ ने भारतीय टीम प्रबंधन की उस रणनीतिक समझदारी की सराहना की जिसमें वार्म-अप मैच को चार से घटाकर तीन दिन किया गया। उन्होंने बताया, 'चौथे दिन उसी पिच पर भारतीय बल्लेबाज़ों ने स्पिनर्स का रफ हिस्से पर सामना करने की प्रैक्टिस की — जो तीसरे या चौथे दिन असली चुनौती होगी।' उनके अनुसार, अगर मैच पाँचवें दिन तक जाता है, तो तैयारी के लिहाज़ से भारत का पलड़ा भारी रहेगा।
श्रीलंका की गेंदबाज़ी में अनिश्चितताएं
महरूफ ने दोनों टीमों की गेंदबाज़ी की तुलना करते हुए कहा कि कुलदीप यादव, रवींद्र जडेजा और मोहम्मद सिराज के साथ भारत की गेंदबाज़ी लाइन-अप काफी मज़बूत है। दूसरी ओर, श्रीलंका के दूसरे स्पिन विकल्प रमेश मेंडिस को लेकर उन्होंने चिंता जताई, क्योंकि मेंडिस ने लंबे समय से रेड-बॉल क्रिकेट नहीं खेला था। उन्होंने कहा, 'श्रीलंका काफी हद तक असिथा फर्नांडो और प्रभात जयसूर्या पर निर्भर रहेगा, लेकिन रमेश मेंडिस को लेकर बहुत सारे सवाल हैं जिनके जवाब 15 तारीख को ही मिलेंगे।'
गैरी कर्स्टन का प्रभाव
भारत के प्रैक्टिस मैच के दौरान श्रीलंका के नए हेड कोच गैरी कर्स्टन तीनों दिन मैदान पर मौजूद रहे। सनथ जयसूर्या के जाने के बाद कर्स्टन ने यह ज़िम्मेदारी संभाली है — वही कर्स्टन जिनके मार्गदर्शन में भारत ने वनडे विश्व कप 2011 जीता था। महरूफ ने कहा, 'गैरी एक हैंड्स-ऑन कोच हैं। ड्रेसिंग रूम से जो फीडबैक मिल रहा है, उसके मुताबिक सभी खिलाड़ी उनका सम्मान करते हैं। अपने अनुभव से वह इस टीम पर बहुत बड़ा असर डालेंगे।'
महरूफ ने पूर्व भारतीय कोच रवि शास्त्री का उदाहरण देते हुए कहा कि कर्स्टन की मुख्य भूमिका श्रीलंका के युवा खिलाड़ियों में सही मानसिकता विकसित करने की होगी — खासकर तब, जब चोटों के कारण कुसल मेंडिस और पथुम निसंका टीम से बाहर हैं।
आर्द्रता और WTC अंकों की चुनौती
महरूफ ने कहा कि भारत के लिए गाले की अत्यधिक आर्द्रता एक अतिरिक्त चुनौती होगी। उन्होंने कहा, 'श्रीलंका में, खासकर गाले में, नमी बहुत ज़्यादा हो सकती है। भारतीय थिंक टैंक का तीन दिन का मैच खेलने का फैसला बहुत बढ़िया था ताकि वे वहां के माहौल के हिसाब से ढल सकें।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि अंत में यह एक गेंद और एक बल्लेबाज़ के बीच का मुकाबला होता है, और प्रोसेस पर भरोसा ही सफलता की कुंजी है। WTC अंकों की दृष्टि से यह सीरीज़ दोनों टीमों के लिए 2027 फाइनल की राह तय कर सकती है।