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जडेजा का श्रीलंका अनुभव टीम इंडिया के लिए 'ट्रम्प कार्ड': दीप दासगुप्ता

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जडेजा का श्रीलंका अनुभव टीम इंडिया के लिए 'ट्रम्प कार्ड': दीप दासगुप्ता

सारांश

जब अधिकांश भारतीय खिलाड़ी पहली बार श्रीलंका के टर्निंग ट्रैक पर उतरेंगे, तब जडेजा का 2017 का 3-0 क्लीन स्वीप वाला अनुभव टीम का सबसे बड़ा अदृश्य हथियार होगा। दीप दासगुप्ता का मानना है कि स्पिन पिचों पर सफलता रफ़्तार से नहीं, बल्कि लाइन-लेंथ की कला से मिलती है।

मुख्य बातें

दीप दासगुप्ता ने कहा कि रवींद्र जडेजा का श्रीलंका में स्पिन पिचों पर गेंदबाज़ी का अनुभव टीम के लिए बेहद अहम होगा।
मौजूदा दस्ते में जडेजा और केएल राहुल ही एकमात्र खिलाड़ी हैं जिन्होंने पहले श्रीलंका में टेस्ट क्रिकेट खेला है।
जडेजा 2017 की 3-0 की ऐतिहासिक जीत वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे; राहुल 2015 और 2017 दोनों दौरों पर गए थे।
सीरीज़ का पहला टेस्ट 15 अगस्त से गाले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में, दूसरा 23 अगस्त से कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब में होगा।
दासगुप्ता के अनुसार स्पिन पिचों पर सफलता के लिए गति, लाइन और लेंथ में बदलाव की कला ज़रूरी है — महज़ टर्न पर निर्भर नहीं रहा जा सकता।

भारत के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज दीप दासगुप्ता ने कहा है कि अनुभवी रवींद्र जडेजा की स्पिन-अनुकूल पिचों पर गेंदबाज़ी की गहरी समझ 15 अगस्त से शुरू होने वाली भारत-श्रीलंका टेस्ट सीरीज़ में टीम के लिए निर्णायक साबित हो सकती है। दासगुप्ता के अनुसार, मौजूदा दस्ते में अधिकांश खिलाड़ियों के लिए यह श्रीलंका का पहला टेस्ट दौरा है, जो जडेजा के अनुभव को और भी मूल्यवान बनाता है।

अनुभव का असंतुलन

मौजूदा भारतीय टेस्ट दस्ते में रवींद्र जडेजा और केएल राहुल ही ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने इससे पहले श्रीलंका में टेस्ट क्रिकेट खेला है। राहुल 2015 और 2017 के दौरों पर टीम का हिस्सा रहे थे, जबकि जडेजा 2017 की उस ऐतिहासिक सीरीज़ में शामिल थे जिसमें भारत ने 3-0 से क्लीन स्वीप किया था। बाकी खिलाड़ियों के लिए द्वीपीय परिस्थितियाँ और वहाँ की टर्निंग पिचें नई चुनौती पेश करेंगी।

दासगुप्ता का विश्लेषण

अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए दासगुप्ता ने कहा, 'अगर अनुभव की बात करें, तो कई खिलाड़ियों के लिए श्रीलंका में यह पहली टेस्ट सीरीज़ है। मुझे लगता है कि जडेजा ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने पहले यहाँ खेला है। स्पिन के लिए मददगार पिचों पर भी ऐसा नहीं है कि आप आएँ और गेंद को हिट करें और विकेट मिल जाए — वहाँ अच्छा प्रदर्शन करने के लिए गति, लाइन और लेंथ में बदलाव करने की ज़रूरत होती है।'

उन्होंने तेज़ गेंदबाज़ी से तुलना करते हुए जोड़ा, 'जैसा कि हमने पेस गेंदबाज़ी में देखा है — अगर कोई हरी पिच दिखती है, तो खिलाड़ी जोश में आकर शॉर्ट बॉल फेंकने लगते हैं। गेंद में लेटरल मूवमेंट तो होता है, लेकिन बल्लेबाज़ आउट नहीं होता। स्पिन-फ्रेंडली पिचों पर सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाज़ी करना एक कला है, जिससे गेंद टर्न होती है।'

जडेजा की भूमिका: सिर्फ गेंदबाज़ नहीं, मार्गदर्शक भी

दासगुप्ता ने जडेजा की नेतृत्व क्षमता पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा, 'जडेजा जानते हैं कि अपने अनुभव का इस्तेमाल कैसे करना है। उन्होंने पहले भी ऐसी पिचों पर खेला है और श्रीलंका में भी। मुझे लगता है कि उनके लिए अपना अनुभव साझा करना और उसे नए व युवा खिलाड़ियों तक पहुँचाना महत्वपूर्ण होगा।' यह टिप्पणी इस ओर इशारा करती है कि जडेजा का योगदान मैदान पर प्रदर्शन से परे ड्रेसिंग रूम में भी अहम होगा।

सीरीज़ का कार्यक्रम

भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ का पहला मुकाबला 15 अगस्त से गाले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। सीरीज़ का दूसरा और अंतिम टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर होगा। गाले की पिच परंपरागत रूप से स्पिनरों को भरपूर सहायता देती है, जो जडेजा जैसे अनुभवी बाएँ हाथ के स्पिनर के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें एक असुविधाजनक सच्चाई छिपी है — भारत एक ऐसे दौरे पर जा रहा है जहाँ की परिस्थितियाँ उसके अधिकांश खिलाड़ियों के लिए अपरिचित हैं। जब किसी टीम में सिर्फ दो खिलाड़ियों को उस मैदान का अनुभव हो, तो यह चयन की गहराई पर सवाल उठाता है। जडेजा का 2017 का प्रदर्शन शानदार था, लेकिन तब से श्रीलंकाई बल्लेबाज़ों ने स्पिन खेलने में काफी प्रगति की है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या जडेजा का अनुभव नई पीढ़ी के खिलाड़ियों में तेज़ी से स्थानांतरित हो पाता है — क्योंकि दो टेस्ट मैचों में सीखने का समय बेहद कम होता है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीप दासगुप्ता ने जडेजा के बारे में क्या कहा?
दीप दासगुप्ता ने कहा कि रवींद्र जडेजा को स्पिन-अनुकूल पिचों पर गेंदबाज़ी का गहरा अनुभव है और वे जानते हैं कि गति, लाइन व लेंथ में बदलाव कैसे करना है। उन्होंने यह भी कहा कि जडेजा के लिए यह अनुभव युवा खिलाड़ियों तक पहुँचाना उतना ही ज़रूरी होगा।
भारत-श्रीलंका टेस्ट सीरीज़ 2025 कब और कहाँ होगी?
दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ का पहला मुकाबला 15 अगस्त से गाले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में और दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर खेला जाएगा।
भारतीय दस्ते में श्रीलंका का टेस्ट अनुभव किन खिलाड़ियों के पास है?
मौजूदा दस्ते में केवल रवींद्र जडेजा और केएल राहुल को श्रीलंका में टेस्ट क्रिकेट खेलने का अनुभव है। जडेजा 2017 के 3-0 क्लीन स्वीप दौरे पर थे, जबकि राहुल 2015 और 2017 दोनों दौरों पर टीम का हिस्सा रहे।
स्पिन-फ्रेंडली पिचों पर सफल गेंदबाज़ी के लिए क्या ज़रूरी है?
दासगुप्ता के अनुसार, स्पिन पिचों पर महज़ गेंद को टर्न कराना पर्याप्त नहीं है — गति, लाइन और लेंथ में सोच-समझकर बदलाव करना पड़ता है। उन्होंने तेज़ गेंदबाज़ी से तुलना करते हुए कहा कि जोश में आकर एक ही तरह की गेंद डालते रहने से बल्लेबाज़ आउट नहीं होते।
जडेजा का 2017 का श्रीलंका दौरा कैसा रहा था?
2017 में भारत ने श्रीलंका को 3-0 से क्लीन स्वीप किया था, जिसमें जडेजा टीम के अहम सदस्य रहे थे। उस सीरीज़ में स्पिनरों ने मुख्य भूमिका निभाई थी और जडेजा ने अपनी लाइन-लेंथ की सटीकता से श्रीलंकाई बल्लेबाज़ों को परेशान किया था।
राष्ट्र प्रेस
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