जडेजा अब हर गेंद से विकेट चाहते हैं: श्रीलंका टेस्ट से पहले पुजारा ने सराही मानसिक परिपक्वता
सारांश
मुख्य बातें
भारत के पूर्व टेस्ट बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने कहा है कि बाएं हाथ के स्पिनर रवींद्र जडेजा की गेंदबाजी सोच में आया आमूल बदलाव ही टेस्ट क्रिकेट में उनकी बढ़ती सफलता का मूल कारण है। भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज 15 अगस्त 2025 से शुरू होने से पहले पुजारा ने यह टिप्पणी की। उनके अनुसार जडेजा अब रन रोकने की रक्षात्मक सोच से आगे निकलकर हर गेंद पर विकेट लेने के इरादे से मैदान पर उतरते हैं।
मुख्य घटनाक्रम
जियो स्टार से बात करते हुए पुजारा ने जडेजा की पुरानी और नई गेंदबाजी मानसिकता के बीच का फर्क स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, 'पहले, जब रवींद्र जडेजा गेंदबाजी करते थे, तो उनकी सोच ज्यादा रन न देने की होती थी, खासकर रेड-बॉल क्रिकेट में। अगर पिच से थोड़ी मदद मिलती थी, तो वह विकेट लेने की कोशिश करते थे। लेकिन अगर पिच गेंदबाजों के अनुकूल नहीं होती थी, तो उनका ध्यान रन रोकने पर होता था — लेकिन अब, उन्होंने अपनी ताकत को समझ लिया है और उसी के हिसाब से गेंदबाजी कर रहे हैं। हर मैच में, वह स्टंप्स की लाइन में गेंद डालने और बल्लेबाज को आउट करने की कोशिश कर रहे हैं।'
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
पुजारा ने आगे बताया कि इस आक्रामक सोच के साथ जडेजा अब क्रीज का बेहतर उपयोग करते हैं, वाइड एंगल से गेंद डालते हैं और बल्लेबाज की कमज़ोरी के अनुसार लेंथ में बदलाव करते हैं। उनके शब्दों में, 'पहले उनकी सोच थोड़ी अधिक रक्षात्मक थी, लेकिन अब वह हर गेंद विकेट लेने के मकसद से फेंकते हैं। ऐसे में आप अपने खेल के बारे में थोड़ा ज्यादा सोचते हैं। खेल के लिए यह मानसिक बदलाव बहुत जरूरी है।' यह ऐसे समय में आया है जब श्रीलंका की पिचें ऐतिहासिक रूप से स्पिन गेंदबाज़ों के लिए अनुकूल रही हैं।
सीरीज का कार्यक्रम
दोनों देश 15 से 19 अगस्त के बीच गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में पहला टेस्ट मैच खेलेंगे। इसके बाद 23 से 27 अगस्त के बीच कोलंबो दूसरे मैच की मेजबानी करेगा। गौरतलब है कि श्रीलंका की स्पिन-अनुकूल परिस्थितियों में जडेजा की भूमिका भारत की रणनीति के केंद्र में रहने की उम्मीद है।
आम जनता और टीम पर असर
भारतीय टीम इस सीरीज में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल में अपनी जगह पक्की करने की कोशिश में है। ऐसे में जडेजा की मानसिक परिपक्वता और गेंदबाजी में आई आक्रामकता टीम के लिए एक बड़ी ताकत साबित हो सकती है। पुजारा का यह विश्लेषण संकेत देता है कि जडेजा अब एक ऑलराउंडर से आगे बढ़कर भारत के प्रमुख आक्रमण-स्तंभ के रूप में उभर रहे हैं।
क्या होगा आगे
श्रीलंका दौरे पर जडेजा के प्रदर्शन पर सभी की नज़रें होंगी — खासकर तब जब गाले और कोलंबो की पिचें उनकी नई आक्रामक गेंदबाजी सोच की असली परीक्षा लेंगी। यदि यह मानसिक बदलाव मैदान पर परिणाम देता है, तो यह WTC अंक तालिका में भारत की स्थिति को और मजबूत कर सकता है।