श्रीलंका टेस्ट सीरीज: मुरली कार्तिक बोले — कुलदीप, सुथार और जैन तय करेंगे भारतीय स्पिन का भविष्य
सारांश
मुख्य बातें
भारत के पूर्व बाएं हाथ के स्पिनर मुरली कार्तिक ने कहा है कि श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज भारतीय क्रिकेट के लिए महज एक द्विपक्षीय मुकाबला नहीं, बल्कि अगली पीढ़ी के स्पिन गेंदबाजों की परीक्षा का मैदान है। उनके अनुसार, रवींद्र जडेजा के करियर के अंतिम पड़ाव पर होने के साथ, गॉल और कोलंबो की पिचों पर कुलदीप यादव, मानव सुथार और सारांश जैन का प्रदर्शन भारत की स्पिन विरासत की अगली कड़ी तय करेगा।
बदलाव के दौर में भारतीय टेस्ट टीम
रोहित शर्मा, विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे, चेतेश्वर पुजारा और रविचंद्रन अश्विन जैसे दिग्गजों के संन्यास के बाद भारतीय टेस्ट टीम एक बड़े संक्रमण काल से गुज़र रही है। जडेजा अभी भी टीम में हैं, किंतु वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) फाइनल तक पहुँचने की भारत की महत्वाकांक्षा इस बात पर भी टिकी है कि युवा स्पिनर इस सीरीज में कितना दम दिखाते हैं।
मुरली कार्तिक का विश्लेषण
एक मीडिया कार्यक्रम में कार्तिक ने कहा, 'सबसे पहले, अगर हम टेस्ट क्रिकेट को लेकर गंभीर हैं, तो यह एक अहम दौरा है — न सिर्फ स्पिनरों के नज़रिए से, बल्कि WTC के नज़रिए से भी। हाल के समय में लाल गेंद की क्रिकेट में नंबर पाँच पर हमारा प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा है, यह बात सब जानते हैं और इसका रिकॉर्ड भी मौजूद है।'
जडेजा की भूमिका पर कार्तिक ने कहा, 'रवींद्र जडेजा, जिन्होंने भारतीय क्रिकेट के लिए बहुत अच्छा काम किया है, वे अपने करियर के आखिरी दौर में हैं — एक तरह से अंतिम वर्षों में। उस नज़रिए से देखें तो मानव सुथार ने जिस तरह से अफगानिस्तान के खिलाफ गेंदबाजी की, वह किसी भी पुराने स्कूल के स्पिनर के लिए दिल को छू लेने वाला था।'
कुलदीप यादव: मौके की तलाश में एक मैच-विनर
कुलदीप यादव की स्थिति विरोधाभासी रही है। 2017 में टेस्ट डेब्यू के बाद से उन्होंने अब तक केवल 18 टेस्ट मैच खेले हैं। अश्विन के संन्यास के बाद भी उन्हें केवल 5 टेस्ट में मौका मिला और एक बार 5 विकेट का कारनामा किया, जबकि वॉशिंगटन सुंदर को प्राथमिकता दी जाती रही। अब युवा मानव सुथार — जिन्होंने जून में अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट में 7 विकेट झटके — उनके लिए नई चुनौती लेकर आए हैं।
कार्तिक ने कुलदीप को लेकर साफ शब्दों में कहा, 'कुलदीप यादव भारत के लिए मैच-विनर रहे हैं। दुर्भाग्य से उनके लिए चीजें अलग तरह से हुईं। इंग्लैंड के उन पाँच टेस्ट के दौरान हर कोई यही पूछता रहा — कुलदीप कहाँ है? और वह बाहर बैठे रहे।'
क्या कुलदीप बनेंगे भारत के स्पिन लीडर?
कार्तिक ने भारतीय स्पिन की विरासत का हवाला देते हुए कहा कि अनिल कुंबले, हरभजन सिंह, अश्विन और जडेजा के बाद हमेशा एक स्पिन लीडर रहा है। उनके शब्दों में, 'उनकी जगह लेना बहुत बड़ी चुनौती है। क्या कुलदीप यादव वह लीडर बन सकते हैं? मुझे लगता है कि हमें इस सीरीज के दौरान पता चल जाएगा।'
यह सीरीज भारतीय स्पिन गेंदबाजी के भविष्य की दिशा तय करने वाली साबित हो सकती है — और उत्तर गॉल तथा कोलंबो की पिचें देंगी।