तमिलनाडु में कानून-व्यवस्था पर BJP का हमला: नारायणन तिरुपति बोले — TVK सरकार में हालात बिगड़े
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) तमिलनाडु के मुख्य प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने 26 सितंबर 2026 को तमिलनाडु में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर तमिलनाडु विजयम् कषगम (TVK) सरकार पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने 12वीं कक्षा की एक छात्रा से जुड़े पॉक्सो मामले, मदुरै में एक कार्यक्रम के दौरान हुई बिजली कटौती और बिजली मीटर रीडिंग को निजी कंपनियों को आउटसोर्स करने की सरकारी योजना — तीनों मुद्दों पर एक साथ प्रतिक्रिया दी। तिरुपति का कहना है कि TVK सरकार के आने के बाद से राज्य में अपराध और प्रशासनिक लापरवाही दोनों बढ़ी हैं।
पॉक्सो मामला और बच्चों की सुरक्षा
नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीड़न के मामले पर तिरुपति ने कहा कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) नेता एम. के. स्टालिन सहित कई दलों ने इसकी निंदा की है। मुख्यमंत्री विजय ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से समझौता न करने का वादा किया है, लेकिन BJP प्रवक्ता के अनुसार ज़मीनी हकीकत इससे उलट है।
तिरुपति के अनुसार, तमिलनाडु में ऐसी घटनाएँ अब रोज़ की बात हो गई हैं, खासकर स्कूली बच्चों के साथ। उन्होंने कहा, 'लड़कियों या स्कूली बच्चों को बाइक पर अगवा करना और ऐसी हरकतें करने की कोशिश करना दिखाता है कि कानून-व्यवस्था बिल्कुल भी नहीं है, इसलिए पुलिस को और अधिक सतर्क रहने की ज़रूरत है।' उन्होंने इन घटनाओं की ज़िम्मेदारी पुलिस, सरकार, अभिभावकों और समाज सभी पर डाली।
चेकपॉइंट हटे, नियम उल्लंघन बढ़ा
तिरुपति ने TVK सरकार के कार्यकाल में पुलिस चेकपॉइंट की संख्या में भारी कमी का आरोप लगाया। उनके अनुसार, राज्य में दोपहिया वाहनों पर तीन-तीन सवारियाँ आम हो गई हैं और यातायात नियमों का खुला उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने कहा कि इन सब चीज़ों को रोकने के लिए दीर्घकालिक दृष्टि वाली नीति होनी चाहिए, लेकिन सबसे पहले समाज को खुद बदलाव लाना होगा।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब विपक्ष ने तमिलनाडु में कानून-व्यवस्था को लेकर सत्तारूढ़ दल को घेरा हो। आलोचकों का कहना है कि राज्य में महिलाओं और नाबालिगों से जुड़े अपराधों में वृद्धि गंभीर चिंता का विषय है।
बिजली मीटर रीडिंग आउटसोर्सिंग पर आपत्ति
तमिलनाडु सरकार की उस योजना पर जिसमें घरेलू बिजली मीटरों की मासिक रीडिंग का काम निजी कंपनियों को सौंपा जाएगा, तिरुपति ने कहा कि बिजली विभाग में पहले से पर्याप्त कर्मचारी हैं। उनके अनुसार यदि सरकार दावा करती है कि उसके पास कार्यबल नहीं है तो यह हैरानी की बात है।
हालांकि उन्होंने यह भी माना कि केंद्र सरकार स्मार्ट मीटरिंग को बढ़ावा दे रही है और तमिलनाडु सरकार ने भी इसकी घोषणा की है। उनके अनुसार, 'अगर स्मार्ट मीटरिंग लागू हो जाती है, तो यह समस्या अपने आप हल हो जाएगी।'
मदुरै बिजली कटौती पर सरकार को सलाह
मदुरै में एक कार्यक्रम के दौरान बिजली कटौती की घटना पर तिरुपति ने तमिलनाडु सरकार को सुझाव दिया कि वह वरिष्ठ अधिकारियों से परामर्श करे और भविष्य में इस तरह की कटौती न हो, यह सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे सुविधाएँ बढ़ती हैं, बिजली की माँग भी बढ़ती है, इसलिए सरकार को इस दिशा में तेज़ी से काम करना चाहिए।
आगे क्या
BJP के इस हमले के बाद TVK सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है। पॉक्सो मामले में पुलिस जाँच जारी बताई जा रही है, जबकि बिजली मीटर आउटसोर्सिंग योजना पर अंतिम निर्णय अभी नहीं हुआ है। यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ रहा है।