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कोयंबटूर नाबालिग हत्याकांड: भाजपा ने तमिलनाडु सरकार पर साधा निशाना, कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

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कोयंबटूर नाबालिग हत्याकांड: भाजपा ने तमिलनाडु सरकार पर साधा निशाना, कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

सारांश

कोयंबटूर में नाबालिग की हत्या के बाद भाजपा ने DMK सरकार पर सीधा हमला बोला है। प्रवक्ता नारायणन तिरुपति का सवाल है कि सरकार बदलने के बाद भी तंत्र क्यों नहीं बदला — पुलिस तबादले, POCSO की देरी और महिलाओं पर अपराध, सब एक साथ कटघरे में।

मुख्य बातें

कोयंबटूर में एक नाबालिग लड़की की हत्या के मामले में तमिलनाडु भाजपा ने DMK सरकार की तीखी आलोचना की।
भाजपा प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने आरोप लगाया कि सरकार बदलने के बावजूद प्रशासन और कानून-व्यवस्था में कोई सुधार नहीं आया।
तिरुपति ने पिछले 10-15 दिनों में सरकार द्वारा उठाए गए ठोस कदमों पर सवाल उठाए।
पुलिस अधिकारियों के तबादलों को समस्या का समाधान बताने की प्रवृत्ति पर भी निशाना साधा गया।
POCSO के तहत लंबित मामलों और न्यायिक व्यवस्था में सुधार की माँग भी उठाई गई।

तमिलनाडु के कोयंबटूर में एक नाबालिग लड़की की हत्या के मामले में तमिलनाडु भाजपा के मुख्य प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने सोमवार, 25 मई को राज्य की द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) सरकार पर तीखा हमला बोला। तिरुपति ने आरोप लगाया कि सरकार बदलने के बावजूद प्रशासनिक ढाँचे और कानून-व्यवस्था की स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं आया है।

भाजपा का आरोप: बदली सरकार, नहीं बदला तंत्र

नारायणन तिरुपति ने कहा, 'भले ही सरकार बदल गई हो, लेकिन प्रशासन के मामले में कुछ भी नहीं बदला है। सरकार एक निरंतर प्रक्रिया है और सरकारी तंत्र को ठीक से काम करना चाहिए। व्यवस्था में बदलाव की ज़रूरत है — यह आसानी से किया जा सकता है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे यह नहीं मानते कि बदलाव रातोंरात संभव है, लेकिन सरकार को यह बताना होगा कि पिछले 10 से 15 दिनों में उसने क्या ठोस कदम उठाए हैं।

महिलाओं और बच्चों पर अपराध बेरोकटोक जारी

तिरुपति ने आरोप लगाया कि प्रदेश में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध बेरोकटोक जारी हैं। उन्होंने कहा, 'लगातार हत्याएँ हो रही हैं, बलात्कार हो रहे हैं। हम सभी जानते हैं कि इन घटनाओं के पीछे शराब और नशीले पदार्थ प्रमुख कारणों में से हैं, लेकिन व्यवस्था को बदलने की ज़रूरत है।' यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में महिला सुरक्षा को लेकर विपक्षी दल पहले से ही सरकार को घेरते रहे हैं।

पुलिस तबादलों पर सवाल

तिरुपति ने राज्य सरकार की उस रणनीति पर भी सवाल उठाए जिसमें घटनाओं के बाद पुलिस अधिकारियों के तबादले किए जाते हैं। उन्होंने कहा, 'अगर हम सिर्फ पुलिस अधिकारियों का तबादला करते रहेंगे तो इससे कुछ नहीं होने वाला। वे सभी आईपीएस अधिकारी और पुलिसकर्मी हैं — सिर्फ उन्हें ही दोष नहीं देते रह सकते।' गौरतलब है कि तमिलनाडु में इस तरह के मामलों के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के तबादले एक परिचित प्रशासनिक प्रतिक्रिया बन गई है, जिसे आलोचक 'ज़िम्मेदारी से बचने का तरीका' बताते हैं।

पोक्सो मामलों में देरी पर चिंता

पोक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत दर्ज मामलों के निपटारे में हो रही देरी पर भी तिरुपति ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अभी भी बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं और समस्या केवल कानून लागू करने वाली एजेंसियों तक सीमित नहीं है, बल्कि न्यायिक व्यवस्था में भी सुधार की आवश्यकता है। आलोचकों का कहना है कि POCSO के तहत त्वरित अदालतों की स्थापना के बावजूद लंबित मामलों की संख्या चिंताजनक बनी हुई है।

आगे क्या होगा

भाजपा के इस हमले के बाद राज्य सरकार पर दबाव बढ़ने की संभावना है। कोयंबटूर हत्याकांड की जाँच जारी है और विपक्षी दल इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने की तैयारी में हैं। राज्य में महिला सुरक्षा और बाल संरक्षण कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की माँग अब एक बड़े राजनीतिक मुद्दे का रूप लेती जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके केंद्र में एक असुविधाजनक सच्चाई भी है — तमिलनाडु में POCSO के तहत लंबित मामलों की संख्या और महिलाओं पर अपराध के आँकड़े वाकई चिंताजनक हैं। पुलिस तबादलों को जवाबदेही का विकल्प मानना एक पुरानी राजनीतिक आदत है जो किसी एक दल तक सीमित नहीं। असली सवाल यह है कि क्या विपक्ष केवल घटनाओं पर प्रतिक्रिया दे रहा है, या वह कोई ठोस संरचनात्मक सुधार का एजेंडा भी रखता है — जो अभी तक स्पष्ट नहीं है।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोयंबटूर नाबालिग हत्याकांड क्या है?
तमिलनाडु के कोयंबटूर में एक नाबालिग लड़की की हत्या का मामला सामने आया है, जिसने राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है। इस घटना के बाद भाजपा सहित विपक्षी दलों ने DMK सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
भाजपा ने तमिलनाडु सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
भाजपा प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने आरोप लगाया है कि सरकार बदलने के बावजूद प्रशासनिक तंत्र और कानून-व्यवस्था में कोई सुधार नहीं आया। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध बेरोकटोक जारी हैं और सरकार ने पिछले 10-15 दिनों में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
POCSO मामलों में देरी पर भाजपा ने क्या कहा?
नारायणन तिरुपति ने कहा कि POCSO अधिनियम के तहत अभी भी बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं। उनके अनुसार समस्या केवल पुलिस तक सीमित नहीं है, बल्कि न्यायिक व्यवस्था में भी सुधार की आवश्यकता है।
पुलिस तबादलों पर भाजपा का क्या रुख है?
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि घटनाओं के बाद केवल पुलिस अधिकारियों का तबादला करने से समस्या हल नहीं होगी। उन्होंने तर्क दिया कि आईपीएस अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को ही दोष देते रहना पर्याप्त नहीं है — व्यवस्थागत सुधार ज़रूरी है।
तमिलनाडु में महिला सुरक्षा की स्थिति को लेकर विपक्ष क्यों सक्रिय है?
कोयंबटूर हत्याकांड जैसी घटनाएँ राज्य में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की एक लंबी श्रृंखला का हिस्सा बन गई हैं। भाजपा का आरोप है कि शराब और नशीले पदार्थों की उपलब्धता इन अपराधों के प्रमुख कारणों में से है और सरकार इस पर अंकुश लगाने में विफल रही है।
राष्ट्र प्रेस
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