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कोयंबटूर हत्याकांड के बाद CM विजय सख्त: अपराधियों पर तुरंत केस दर्ज करें, तेज जांच और कड़ी सजा सुनिश्चित करें

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कोयंबटूर हत्याकांड के बाद CM विजय सख्त: अपराधियों पर तुरंत केस दर्ज करें, तेज जांच और कड़ी सजा सुनिश्चित करें

सारांश

कोयंबटूर में नाबालिग की हत्या ने तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को सख्त कदम उठाने पर मजबूर किया। 25 मई को सचिवालय में समीक्षा बैठक कर उन्होंने जघन्य अपराधों में तत्काल केस, त्वरित जांच और कठोर सजा के निर्देश दिए — यह नवगठित सरकार का कानून-व्यवस्था पर पहला बड़ा संकेत है।

मुख्य बातें

जोसेफ विजय ने 25 मई 2025 को चेन्नई सचिवालय में समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
कोयंबटूर में नाबालिग बच्ची की हत्या के बाद जघन्य अपराधों में तत्काल केस दर्ज करने, तेज जांच और कड़ी सजा के निर्देश जारी किए गए।
23 मई को सरकार ने 100 से अधिक अल्पकालिक निविदाएं रद्द कीं, जो 13 से 22 मई के बीच कई विभागों में जारी हुई थीं।
निर्देशों का उल्लंघन करने वाले चेन्नई नगर निगम और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को कथित तौर पर निलंबित किया गया।
बैठक में पुलिस विभाग , समाज कल्याण विभाग और महाधिवक्ता कार्यालय के अधिकारी शामिल हुए।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कोयंबटूर में एक नाबालिग बच्ची की हत्या की घटना के बाद 25 मई 2025 को अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए — जघन्य अपराधों में तत्काल मामला दर्ज करना, त्वरित जांच, प्रभावी अभियोजन और कठोर सजा सुनिश्चित करना। चेन्नई स्थित सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए गए, जिसमें पुलिस, समाज कल्याण और महाधिवक्ता कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

समीक्षा बैठक में क्या हुआ

मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की अध्यक्षता में सोमवार, 25 मई को चेन्नई सचिवालय में बैठक हुई। इसमें महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध, कानूनी प्रक्रिया में तेजी, निवारक उपाय और जन-जागरूकता जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। पुलिस विभाग, समाज कल्याण विभाग और महाधिवक्ता कार्यालय के अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया।

मुख्यमंत्री की मुख्य चेतावनी

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यौन अपराध के मामलों में बिना देरी कार्रवाई होनी चाहिए और आरोपियों को कठोरतम सजा दिलाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मामलों का उचित संचालन और कड़ी सजा उन लोगों के लिए एक प्रभावी निवारक का काम करेगी जो आपराधिक गतिविधियों की योजना बनाते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब कोयंबटूर की घटना ने पूरे राज्य में आक्रोश उत्पन्न किया है।

निविदा रद्दीकरण — पारदर्शिता की दिशा में कदम

इससे पहले 23 मई को तमिलनाडु सरकार ने लोक निर्माण विभाग (PWD), विद्युत विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, परिवहन विभाग, चेन्नई नगर निगम, नगर प्रशासन विभाग और जल आपूर्ति विभाग सहित कई प्रमुख विभागों में जारी 100 से अधिक अल्पकालिक निविदाएं रद्द कर दीं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, 13 मई से 22 मई के बीच जारी इन निविदाओं की पहचान कर उन्हें प्रशासनिक कारणों से निरस्त किया गया।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विजय की नवगठित सरकार ने यह कदम लोक निर्माण अनुबंधों में पारदर्शिता लाने के व्यापक प्रयासों के तहत उठाया है। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित परियोजनाओं या उनसे जुड़ी वित्तीय राशि का तत्काल विस्तृत ब्यौरा उपलब्ध नहीं कराया गया।

अधिकारियों पर कार्रवाई

सरकार ने इससे पहले भी अल्पकालिक निविदाओं के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया था। चेन्नई नगर निगम और ग्रामीण विकास विभाग में निर्देशों के बावजूद कथित तौर पर ऐसी निविदाएं जारी करने वाले अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया था। यह नवगठित सरकार के प्रशासनिक अनुशासन के प्रति गंभीर इरादे का संकेत है।

आगे की राह

मुख्यमंत्री विजय के निर्देशों के बाद अब राज्य पुलिस और संबंधित विभागों पर यह सुनिश्चित करने का दबाव होगा कि महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों में कार्रवाई में कोई ढिलाई न बरती जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि निर्देशों के क्रियान्वयन की निगरानी ही इन उपायों की वास्तविक कसौटी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन तमिलनाडु में महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों की दर को देखते हुए असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी, न कि बैठकों की। निविदा रद्दीकरण और अधिकारियों का निलंबन दर्शाता है कि नई सरकार प्रशासनिक अनुशासन को गंभीरता से ले रही है — यह स्वागतयोग्य है। परंतु यौन अपराध मामलों में त्वरित न्याय के लिए केवल पुलिसिया निर्देश पर्याप्त नहीं; अदालतों में लंबित मामलों की संख्या और फास्ट-ट्रैक अदालतों की क्षमता पर ध्यान देना भी उतना ही ज़रूरी है। बिना जवाबदेही तंत्र के, ये निर्देश महज़ औपचारिकता बनकर रह सकते हैं।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अधिकारियों को क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री विजय ने 25 मई 2025 को निर्देश दिए कि जघन्य अपराधों में तत्काल मामले दर्ज किए जाएं, तेज जांच की जाए, प्रभावी अभियोजन चलाया जाए और आरोपियों को कड़ी सजा दिलाई जाए। उन्होंने कहा कि यह कदम भविष्य में आपराधिक गतिविधियों के लिए एक निवारक का काम करेगा।
कोयंबटूर में क्या घटना हुई जिसके बाद यह बैठक बुलाई गई?
कोयंबटूर में एक नाबालिग बच्ची की हत्या की घटना हुई, जिसके बाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सख्त रुख अपनाते हुए 25 मई को सचिवालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई। इस बैठक में महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों पर कार्रवाई की समीक्षा की गई।
तमिलनाडु सरकार ने 100 से अधिक निविदाएं क्यों रद्द कीं?
23 मई को सरकार ने 13 से 22 मई के बीच कई विभागों में जारी 100 से अधिक अल्पकालिक निविदाएं प्रशासनिक कारणों से रद्द कर दीं। यह कदम लोक निर्माण अनुबंधों में पारदर्शिता लाने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा बताया गया।
किन विभागों की निविदाएं रद्द की गई हैं?
रद्द की गई निविदाएं ग्रामीण विकास विभाग, परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग (PWD), विद्युत विभाग, चेन्नई नगर निगम, नगर प्रशासन विभाग और जल आपूर्ति विभाग से संबंधित हैं। प्रभावित परियोजनाओं की वित्तीय राशि का तत्काल विस्तृत ब्यौरा अधिकारियों ने उपलब्ध नहीं कराया।
निर्देशों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों पर क्या कार्रवाई हुई?
चेन्नई नगर निगम और ग्रामीण विकास विभाग में निर्देशों के बावजूद कथित तौर पर अल्पकालिक निविदाएं जारी करने वाले अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। यह मुख्यमंत्री विजय की नवगठित सरकार के प्रशासनिक अनुशासन के प्रति सख्त रवैये का संकेत है।
राष्ट्र प्रेस
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