तमिलनाडु: CM स्टालिन की अध्यक्षता में महिला-बाल सुरक्षा पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने सोमवार, 26 मई 2025 को चेन्नई सचिवालय में महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध बढ़ते अपराधों की रोकथाम को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने, मामलों की जाँच में तेज़ी लाने और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के उपायों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में उठाए गए मुख्य मुद्दे
बैठक में अधिकारियों ने स्वीकार किया कि कई मामलों में जाँच और कानूनी प्रक्रिया में देरी के कारण पीड़ितों को समय पर न्याय नहीं मिल पाता। इसे दूर करने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय और संसाधनों को मज़बूत करने पर ज़ोर दिया गया। साथ ही कानूनी प्रक्रियाओं को सरल और प्रभावी बनाने तथा जागरूकता बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा हुई।
कौन-कौन रहे उपस्थित
बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एम. साईकुमार (IAS), गृह, निषेध एवं आबकारी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. के. मनीवासन (IAS) तथा एडवोकेट जनरल विजय नारायण ने भाग लिया। इसके अलावा पुलिस विभाग और समाज कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपने-अपने विभागों की वर्तमान स्थिति और चुनौतियों की जानकारी दी।
सरकार की प्राथमिकता और आगे की योजना
सभी अधिकारियों ने इस बात पर सहमति जताई कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार की ओर से संकेत दिया गया कि आने वाले समय में जागरूकता अभियानों को और तेज़ किया जाएगा, ताकि समाज में संवेदनशीलता बढ़े और अपराधों की रोकथाम में सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
आम जनता पर असर
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब राज्य में महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों को लेकर सार्वजनिक चिंता बढ़ी है। गौरतलब है कि त्वरित जाँच और अंतर-विभागीय समन्वय की माँग लंबे समय से नागरिक समाज की ओर से उठती रही है। इस बैठक को राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मज़बूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।