भाजपा ने डीएमके सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उठाए सवाल, सीएम स्टालिन की भूमिका पर उठे सवाल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भाजपा ने डीएमके सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उठाए सवाल, सीएम स्टालिन की भूमिका पर उठे सवाल

सारांश

तमिलनाडु में महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर भाजपा ने डीएमके सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। प्रवक्ता सीआर केसवन ने सीएम स्टालिन की अनदेखी पर तीखी टिप्पणी की।

मुख्य बातें

महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भाजपा ने डीएमके सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
सीआर केसवन ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की अनदेखी की आलोचना की।
राज्य में यौन अपराधों की बढ़ती घटनाएं चिंता का विषय हैं।
विपक्षी दलों की चुप्पी पर सवाल उठाए गए हैं।
भाजपा का यह बयान आगामी चुनावों से जुड़ा हुआ है।

चेन्नई, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं। भाजपा ने रविवार को डीएमके सरकार पर कटाक्ष करते हुए इसे 'अयोग्य, असंवेदनशील और गैर-जिम्मेदार' करार दिया।

भाजपा के प्रवक्ता सीआर केसवन ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि चुनावी माहौल के बीच तमिलनाडु में महिलाओं के खिलाफ बढ़ती घटनाओं को लेकर राज्य सरकार की प्रतिक्रिया बेहद निराशाजनक है। उन्होंने डीएमके सरकार की तुलना रोमन सम्राट नीरो से करते हुए कहा कि जैसे नीरो के समय रोम जल रहा था और वह बांसुरी बजा रहा था, उसी प्रकार जब तमिलनाडु में महिलाओं पर हिंसक हमले और दुष्कर्म हो रहे हैं, मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, जो राज्य के गृह मंत्री भी हैं, रील बनाने में व्यस्त हैं।

केसवन ने कहा कि डीएमके सरकार तमिलनाडु की महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने में पूर्ण रूप से नाकाम रही है। उन्होंने कहा, "सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह असफल रही है। राज्य की महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रही हैं। महिलाओं के साथ हो रहे यौन हमलों ने पूरे देश की अंतरात्मा को झकझोर दिया है। तमिलनाडु की स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो गई है।"

भाजपा नेता ने इस मुद्दे पर विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि डीएमके के सहयोगी दल इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। केसवन ने सवाल उठाते हुए कहा कि सोनिया गांधी, ममता बनर्जी और प्रियंका गांधी वाड्रा जैसे नेता जब दूसरे देशों में महिलाओं की समस्याओं पर बयान देते हैं, तो तमिलनाडु में ऐसी घटनाओं पर चुप क्यों हैं?

उन्होंने इसे विपक्षी दलों की 'दोहरेपन की राजनीति' बताया। सीआर केसवन ने हाल ही में तूतीकोरिन (अब थूथुकुडी) जिले के कुलाथुर इलाके में हुई एक घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वहां 12वीं कक्षा की 17 वर्षीय छात्रा का शव मिलने का मामला अत्यंत दुखद है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यदि लड़की के लापता होने की शिकायत पर पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की होती, तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी।

उन्होंने यह भी बताया कि जब सांसद कनिमोझी करुणानिधि अन्य डीएमके नेताओं के साथ वहां पहुंचीं, तो स्थानीय लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा। नाराज लोगों ने नारेबाजी की।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और वह दिन दूर नहीं जब तमिलनाडु की जनता डीएमके सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा ने डीएमके सरकार पर क्या आरोप लगाए?
भाजपा ने डीएमके सरकार को 'अयोग्य, असंवेदनशील और गैर-जिम्मेदार' कहा है, खासकर महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर।
सीआर केसवन ने किसका उदाहरण दिया?
उन्होंने रोमन सम्राट नीरो का उदाहरण दिया, जब रोम जल रहा था और नीरो बांसुरी बजा रहा था।
क्या विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर कुछ कहा?
केसवन ने बताया कि विपक्षी दल इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं, जबकि अन्य राज्यों में महिलाओं के मुद्दों पर बयान देते हैं।
तमिलनाडु में स्थिति कितनी गंभीर है?
महिलाओं के प्रति बढ़ते यौन हमलों ने पूरे देश की अंतरात्मा को झकझोर दिया है और स्थिति चिंताजनक हो गई है।
क्या भाजपा का यह बयान चुनावी राजनीति से जुड़ा है?
जी हां, भाजपा ने विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही यह मुद्दा उठाया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले