27 जून 2026
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क्या तमिलनाडु में कानून व्यवस्था ध्वस्त है? बीजेपी नेता का गंभीर आरोप

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क्या तमिलनाडु में कानून व्यवस्था ध्वस्त है? बीजेपी नेता का गंभीर आरोप

सारांश

क्या तमिलनाडु में कानून व्यवस्था की स्थिति इतनी खराब है? बीजेपी नेता नारायणन तिरुपति ने एक हालिया पुलिस कार्रवाई के माध्यम से कई गंभीर सवाल उठाए हैं। जानिए पूरी कहानी और इसके पीछे की सच्चाई।

मुख्य बातें

तमिलनाडु में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं।
एक सुरक्षा गार्ड की पुलिस हिरासत में मौत हुई है।
परिवार ने बर्बर पिटाई का आरोप लगाया।
नारायणन तिरुपति ने सीबीआई जांच की मांग की है।
सरकार पर आरोप है कि वह मामले को दबाने का प्रयास कर रही है।

चेन्नई, 4 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। बीजेपी नेता नारायणन तिरुपति ने तमिलनाडु में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उन्होंने हाल ही में हुई एक पुलिस कार्रवाई को बर्बर और अमानवीय करार दिया।

तमिलनाडु के शिवगंगा जिले में 27 वर्षीय मंदिर सुरक्षा गार्ड अजीत कुमार की पुलिस हिरासत में मौत ने व्यापक विवाद खड़ा कर दिया है। अजीत को 27 जून को तिरुप्पुवनम पुलिस ने एक भक्त की गाड़ी से 9.5 सोने के आभूषण चोरी के आरोप में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था।

परिवार का आरोप है कि पुलिस की बर्बर पिटाई से उनकी मौत हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 44 बाहरी चोटें, सिगरेट से जलने के निशान और मिर्च पाउडर के इस्तेमाल की पुष्टि हुई। घटना के बाद एआईएडीएमके और बीजेपी ने डीएमके सरकार की आलोचना की। इस मामले में पांच पुलिसकर्मियों को एक युवक पर कथित क्रूरता के लिए पहले निलंबित कर गिरफ्तार किया गया।

इसी मामले को लेकर नारायणन तिरुपति ने उठाया कि इन पुलिसकर्मियों को इस तरह की कार्रवाई का आदेश किसने दिया, क्योंकि वे अपने आप ऐसा नहीं कर सकते।

उन्होंने इस घटना के पीछे की सच्चाई को उजागर करने की मांग की। तिरुपति ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि क्या पुलिस को यह पता था कि मामला कथित गहना चोरी से जुड़ा था या नहीं। शिकायतकर्ता कौन था और किसने पुलिस पर दबाव डाला, यह अभी तक सामने नहीं आया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार और मुख्यमंत्री इस मामले को जल्दबाजी में दबाने की कोशिश कर रहे हैं। तिरुपति ने पूछा, "जब कुछ गलत नहीं है, तो सरकार को सच्चाई छिपाने और जल्दबाजी में कार्रवाई करने की क्या आवश्यकता है?"

उन्होंने एक स्थानीय डीएमके नेता पर 50 लाख रुपये देकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

तिरुपति ने सवाल उठाया कि एक स्थानीय नेता इतनी बड़ी रकम कहां से ला सकता है और इसकी शुरुआत किसने की। उन्होंने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में अखबारों में हत्याओं की खबरें छाई हुई हैं। हाल ही में एक पेट्रोल बंकर मालिक की हत्या सिर्फ इसलिए कर दी गई, क्योंकि उसके सीसीटीवी फुटेज की वजह से एक अपराधी पकड़ा गया था। इसी तरह, किशागिरी जिले में एक बच्चे को इसलिए मार दिया गया, क्योंकि उसने दो लोगों को एक साथ देख लिया था।

तिरुपति ने इसे सामाजिक बुराई और सरकारी व्यवस्था की विफलता का परिणाम बताया।

उन्होंने डीएमके सरकार पर कानून-व्यवस्था को पूरी तरह विफल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार अपराध रोकने में नाकाम रही है और केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई का दावा करती है। डीएमके के नए प्रोटोकॉल अभियान को नाटक करार दिया और कहा कि जनता अब सरकार की नाकामी को समझ चुकी है। तिरुपति ने दावा किया कि डीएमके को अगले चुनाव में जनता करारा जवाब देगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु में कानून व्यवस्था की स्थिति क्या है?
बीजेपी नेता नारायणन तिरुपति ने इसे गंभीर बताया है, खासकर एक हालिया पुलिस कार्रवाई के बाद युवक की मौत के कारण।
क्या पुलिस ने युवक के साथ बर्बरता की?
परिवार का आरोप है कि पुलिस की बर्बर पिटाई के कारण युवक की मौत हुई।
क्या इस मामले की जांच होगी?
नारायणन तिरुपति ने सीबीआई से जांच कराने की मांग की है।
क्या राज्य सरकार कुछ छुपा रही है?
तिरुपति का आरोप है कि राज्य सरकार इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
इस मामले के बारे में और अधिक जानकारी आने की संभावना है, और जनता की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी।
राष्ट्र प्रेस
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