कोलंबो टेस्ट से पहले मांजरेकर की सलाह: कुलदीप की जगह ऑफ-स्पिनर खिलाना 'समझदारी भरा' कदम
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने 22 अगस्त को कहा कि कोलंबो में रविवार से शुरू हो रहे भारत-श्रीलंका दूसरे टेस्ट में टीम मैनेजमेंट का बाएं हाथ के रिस्ट-स्पिनर कुलदीप यादव की जगह ऑफ-स्पिनर को उतारने का फैसला 'समझ में आने वाला' होगा, क्योंकि श्रीलंकाई बल्लेबाजी क्रम बाएं हाथ के बल्लेबाजों पर भारी निर्भरता रखता है। यह सीरीज का निर्णायक और अंतिम मैच है।
गाले टेस्ट के आँकड़े क्या कहते हैं
गाले में खेले गए पहले टेस्ट में श्रीलंका को 165 रनों से हार झेलनी पड़ी, लेकिन मेजबान टीम के चार मुख्य बाएं हाथ के बल्लेबाजों ने दोनों पारियों में कुल 465 रनों में से 300 रन बनाए — यानी टीम के कुल स्कोर का लगभग 64.5 प्रतिशत। इसके विपरीत, भारत ने अपनी प्लेइंग इलेवन में तीन बाएं हाथ के स्पिनर उतारे थे, जिसमें कुलदीप ने 25 ओवरों में 103 रन देकर केवल 1 विकेट लिया।
मांजरेकर का विश्लेषण: स्पिन कॉम्बिनेशन में विविधता जरूरी
मांजरेकर ने शनिवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा किए गए एक वीडियो में कहा, 'अगर भारत कुलदीप यादव की जगह ऑफ-स्पिनर को खिलाता है, तो यह समझ में आता है क्योंकि इससे स्पिन कॉम्बिनेशन थोड़ा बेहतर हो जाएगा। पिछले टेस्ट में, जब दो बाएं हाथ के बल्लेबाज एक साथ आए तो बाएं हाथ से गेंदबाजी करने वाले तीन स्पिनर थोड़ी समस्या बन गए थे।'
उन्होंने जोड़ा, 'अगर कोई ऑफ-स्पिनर आता है और बाएं हाथ के स्पिनर को बाहर किया जाता है, तो इससे भारतीय स्पिन अटैक थोड़ा और असरदार हो जाएगा क्योंकि इसमें विविधता आएगी, और टेस्ट मैचों में DRS वगैरह के साथ ऑफ-स्पिनर का होना लगभग ऐसी चीज है जिसकी टीम को जरूरत होती है।'
कुलदीप को सलाह: गेंदबाजी शैली में बदलाव करें
मांजरेकर ने कुलदीप के संभावित बाहर बैठने की संभावना को स्वीकारते हुए कहा कि अगर उन्हें प्लेइंग इलेवन में बनाए रखा जाए तो उन्हें अपनी गेंदबाजी की गति और पथ (ट्रेजेक्टरी) में बदलाव लाना होगा। उन्होंने कहा, 'कुलदीप यादव को टीम से बाहर किया जा सकता है, और बुरा भी लगता है क्योंकि उनके करियर की कहानी यही रही है। पिछले कुछ वर्षों में उनकी हवा में गेंद की स्पीड और फ्लाइट पर बहुत सवाल उठे हैं; गेंद पिच से तेजी से नहीं आती।'
उन्होंने सुझाव दिया, 'कुलदीप को 70-80 किमी/घंटा की धीमी गेंद फेंकनी चाहिए, लाइन मिडिल स्टंप की बजाय ऑफ स्टंप के बाहर रखनी चाहिए, और गेंद को थोड़ी फ्लाइट भी देनी चाहिए। अगर वह 75 से 85 किमी/घंटा की स्पीड रेंज में ऑफ स्टंप के बाहर गेंदबाजी करते हैं, तो मैं गारंटी देता हूं कि उन्हें हर पारी में कम से कम तीन विकेट मिलेंगे।'
सारांश जैन का डेब्यू संभव
टीम में ऑफ-स्पिन बॉलिंग ऑलराउंडर सारांश जैन की मौजूदगी के कारण, अगर कोलंबो की पिच काफी सूखी रही, तो भारतीय टीम उन्हें टेस्ट डेब्यू का मौका दे सकती है। गौरतलब है कि यह सीरीज का अंतिम मैच है और भारत पहले टेस्ट में जीत के बाद 1-0 की बढ़त के साथ मैदान में उतरेगा।
आगे क्या होगा
दूसरा टेस्ट रविवार, 23 अगस्त से कोलंबो में शुरू होगा। भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन की आधिकारिक घोषणा टॉस के समय होगी, लेकिन मांजरेकर जैसे विशेषज्ञों की राय स्पष्ट संकेत देती है कि स्पिन संयोजन में बदलाव रणनीतिक दृष्टि से तर्कसंगत होगा।