गाले टेस्ट तीसरा दिन: भारत का दबदबा, श्रीलंका लंच तक 5 विकेट पर 99 रन; फॉलोऑन का खतरा
सारांश
मुख्य बातें
भारत और श्रीलंका के बीच गाले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के तीसरे दिन का पहला सेशन पूरी तरह भारतीय गेंदबाज़ों के नाम रहा। 17 अगस्त को लंच तक श्रीलंका ने भारत के 462 रनों के जवाब में 5 विकेट खोकर मात्र 99 रन बनाए, और मेजबान टीम पर फॉलोऑन का खतरा साफ़ मंडराने लगा है।
श्रीलंका की बिखरी शुरुआत
श्रीलंका की पारी की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। सलामी बल्लेबाज़ निशान फर्नांडो बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। इसके बाद अनुभवी दिनेश चांदीमल भी ताल नहीं मिला सके और 4 रन बनाकर मानव सुथार की गेंद पर आउट हो गए — यह सुथार का पहला टेस्ट विकेट था।
लाहिरू कुमारा ने कुछ प्रतिरोध दिखाया, लेकिन वे भी सुथार की फिरकी में उलझकर 27 रन पर चलते बने। कामिंदु मेंडिस को कुलदीप यादव ने 14 रनों पर भारतीय कप्तान शुभमन गिल के हाथों कैच कराकर पवेलियन भेजा। स्कोर 59 पर 4 विकेट — श्रीलंका संकट में था।
डी सिल्वा-दिनुशा साझेदारी और जडेजा का वार
मुश्किल घड़ी में श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डी सिल्वा मैदान पर उतरे और सोनल दिनुशा के साथ पाँचवें विकेट के लिए 31 रन की साझेदारी की। लेकिन रवींद्र जडेजा ने इस जोड़ी को ज़्यादा देर टिकने नहीं दिया। जडेजा की घूमती गेंद को डी सिल्वा पढ़ नहीं सके और केएल राहुल के हाथों में कैच देकर लौट गए।
लंच तक दिनुशा 14 और निरोशन डिकवेला 8 रन बनाकर क्रीज़ पर थे। श्रीलंका के पास अभी केवल 5 विकेट शेष हैं और वह भारत के स्कोर से 363 रन पीछे है।
भारतीय गेंदबाज़ों का प्रदर्शन
भारत की ओर से मानव सुथार सबसे प्रभावी रहे — उन्होंने 7 ओवर में 17 रन देकर 2 विकेट लिए। मोहम्मद सिराज, कुलदीप यादव और रवींद्र जडेजा ने एक-एक विकेट अपने नाम किया।
भारत की पहली पारी: पडिक्कल की चमक
इससे पहले तीसरे दिन के पहले ओवर में असिथा फर्नांडो ने प्रसिद्ध कृष्णा को 2 रनों पर आउट कर भारत की पहली पारी 462 रनों पर समेटी। भारत के लिए देवदत्त पडिक्कल ने 167 रनों की शानदार पारी खेली, जबकि केएल राहुल ने 82 रन का योगदान दिया।
आगे क्या होगा
श्रीलंका के लिए फॉलोऑन से बचने के लिए अभी भी लंबा रास्ता तय करना है। यदि भारत फॉलोऑन थोपने में सफल रहा, तो इस टेस्ट में पहली जीत का रास्ता और साफ़ हो जाएगा। दूसरे सेशन में भारतीय गेंदबाज़ों का दबाव और बढ़ने की उम्मीद है।