एसआईआर से मतदाता अधिकारों पर खतरा, व्यापक गठबंधन बनाओ: वृंदा करात
सारांश
मुख्य बातें
सीपीआई (एम) नेता वृंदा करात ने 1 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में इंडी गठबंधन की बैठक के बाद कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के ज़रिये भारतीय नागरिकों — खासकर गरीब, महिलाओं और अल्पसंख्यक समुदायों — के वोट देने के अधिकार को बड़े पैमाने पर छीना जा रहा है। उन्होंने इसे मौजूदा समय का सबसे महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक मुद्दा बताते हुए एक व्यापक गठबंधन की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।
एसआईआर और मतदाता अधिकार: मुख्य आरोप
करात के अनुसार, इंडी गठबंधन की बैठक का केंद्र एसआईआर प्रक्रिया से उपजी चिंताएँ थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में मुस्लिम समुदाय सहित समाज के कमज़ोर वर्गों को विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है।
करात ने कहा कि 'शुद्धिकरण' और मतदाता सूची से गैर-नागरिकों को हटाने के नाम पर चल रही यह प्रक्रिया पहले भी विवादों में रही है। उनका आरोप है कि हाल ही में गठित डेमोग्राफिक कमेटी द्वारा पूछे जा रहे सवाल एक विशेष समुदाय को निशाना बनाने की आशंका पैदा करते हैं।
आरएसएस पर निशाना
कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) नेता ने आरएसएस पर आरोप लगाया कि नागरिकता और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों के पीछे उसका दबाव काम कर रहा है। करात ने आरएसएस नेता सुनील आंबेकर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संगठन 'बांटो और राज करो' की नीति अपना रहा है।
उनकी पार्टी का स्पष्ट रुख है कि मतदान का बुनियादी अधिकार किसी भी परिस्थिति में नहीं छीना जा सकता और इसकी रक्षा के लिए विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक धाराओं को एक मंच पर आना होगा।
गठबंधन की रूपरेखा पर सवाल से इनकार
करात ने कहा कि इंडी गठबंधन में कौन शामिल है या इसका दायरा क्या होना चाहिए — ये सवाल उठाना फ़िलहाल गैर-ज़रूरी है। उनके अनुसार, वामपंथी दलों की प्राथमिकता है कि मतदान के मूल अधिकार की रक्षा के लिए एक समावेशी व्यापक मोर्चा बने जिसमें विभिन्न वर्गों की भागीदारी हो।
केरल में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की निंदा
करात ने केरल में छात्रों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि केरल पुलिस ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में छात्रावास में घुसकर छात्रों के साथ मारपीट की — और यह लोकतांत्रिक मूल्यों के सरासर विपरीत है।
करात के अनुसार, इस कार्रवाई को कांग्रेस समर्थित तत्वों और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का संरक्षण प्राप्त था। उन्होंने इसकी कड़ी निंदा की और कहा कि लोकतंत्र की दुहाई देने वाले दलों को अपनी पंक्तियों में हो रही इस तरह की घटनाओं पर जवाब देना होगा।
कैप्टन स्मित मच्छार को 'हीरो' का दर्जा
फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 को संकट से उबारने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की करात ने मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि मच्छार ने मुख्य पायलट के रूप में असाधारण साहस और निस्वार्थ भाव का परिचय दिया जिससे कई यात्रियों की जान बची।
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय पायलटों की वैश्विक पहचान और उनकी व्यावसायिक दक्षता को लेकर चर्चा तेज़ है। करात की टिप्पणी ने इस उपलब्धि को राष्ट्रीय गौरव का विषय बताया।