12 अक्टूबर 2026
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सीजेआई सूर्यकांत ने इंडिया ब्लॉक से मिलने से इनकार किया: संजय राउत का पलटवार, '24 मिनट भी नहीं दिए'

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सीजेआई सूर्यकांत ने इंडिया ब्लॉक से मिलने से इनकार किया: संजय राउत का पलटवार, '24 मिनट भी नहीं दिए'

सारांश

इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने सीजेआई सूर्यकांत से मुलाकात का अनुरोध किया था, जो सोमवार शाम अचानक रद्द हो गया। संजय राउत ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी बताया और कहा कि गठबंधन सुप्रीम कोर्ट तक पैदल मार्च करेगा — यह टकराव एसआईआर और मतदाता सूची विवाद की आग में नया घी है।

मुख्य बातें

शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने 12 अक्टूबर 2026 को सीजेआई सूर्यकांत पर इंडिया ब्लॉक से मिलने से इनकार का आरोप लगाया।
राउत के अनुसार सोमवार शाम 4-5 बजे निर्धारित बैठक अचानक रद्द कर दी गई; सीजेआई की ओर से कहा गया कि उन्हें राजनीतिक प्रतिनिधिमंडल से मिलने का अधिकार नहीं।
इंडिया ब्लॉक एसआईआर और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के विरोध में सुप्रीम कोर्ट तक पैदल मार्च की योजना बना रहा है।
राउत ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सरकार के हित में काम करने का आरोप लगाया।
राउत ने मुंबई के शिवाजी पार्क में भी आंदोलन शुरू होने की घोषणा की।

शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने 12 अक्टूबर 2026 को भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के उस बयान पर तीखा पलटवार किया, जिसमें सीजेआई ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी नागरिकों के लिए खुले हैं। राउत ने सवाल उठाया कि यदि दरवाजे खुले हैं, तो इंडिया ब्लॉक के नेताओं से मुलाकात का अनुरोध अचानक क्यों रद्द किया गया। यह विवाद एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर इंडी गठबंधन के नियोजित मार्च की पृष्ठभूमि में सामने आया है।

मुलाकात रद्द होने का घटनाक्रम

राउत के अनुसार, इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने सीजेआई सूर्यकांत से मिलने का औपचारिक अनुरोध किया था। उन्होंने बताया कि उन्हें जानकारी दी गई थी कि सोमवार शाम करीब 4 या 5 बजे बैठक निर्धारित हो चुकी थी, परंतु इसे अचानक रद्द कर दिया गया।

राउत ने कहा कि सीजेआई की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि उन्हें 'विपक्षी नेताओं या राजनीतिक प्रतिनिधिमंडल से मिलने का अधिकार नहीं है।' राउत ने इस जवाब को देश की जनता के लिए हैरान करने वाला बताया।

राउत के मुख्य आरोप

राउत ने आरोप लगाया कि देश में संविधान और लोकतंत्र खतरे में है, मतदाता सूची से करोड़ों नाम हटाए जा रहे हैं और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हम 24 घंटे नहीं मांग रहे, मुलाकात के लिए 24 मिनट ही दे दीजिए।'

उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार सरकार के हितों के अनुरूप काम कर रहे हैं — यह आरोप उन्होंने बिना किसी औपचारिक साक्ष्य का उल्लेख किए लगाया। गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सवाल

राउत ने आरोप लगाया कि जिन राज्यों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सत्ता में है, वहाँ न्यायाधीश पार्टी के राजनीतिक कार्यक्रमों में शामिल होते हैं और मुख्यमंत्री उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के सम्मान में डिनर आयोजित करते हैं। इस दावे को राउत ने न्यायपालिका की तटस्थता पर उठते सवालों के संदर्भ में रखा।

यह ऐसे समय में आया है जब न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच की संवैधानिक सीमाओं को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो रही है। विपक्षी दलों ने बार-बार चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की माँग की है।

इंडिया ब्लॉक का मार्च और आंदोलन की चेतावनी

राउत ने घोषणा की कि इंडी गठबंधन सुप्रीम कोर्ट तक पैदल मार्च करेगा, जिसमें सभी सहयोगी दलों के नेता एवं कार्यकर्ता शामिल होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मुंबई के शिवाजी पार्क में भी आंदोलन प्रारंभ होने वाला है।

राउत ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि 'इतिहास हमेशा याद करेगा जब देश संकट में था, तो सुप्रीम कोर्ट ने जनता के लिए दरवाजा बंद कर लिया था।' यह बयान न्यायपालिका पर सीधे निशाना साधने की दृष्टि से राजनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण है।

आगे क्या होगा

इंडिया ब्लॉक के नेतृत्व ने संकेत दिया है कि एसआईआर और मतदाता सूची के मुद्दे पर दबाव बनाना जारी रहेगा। अब तक सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग की ओर से राउत के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस घटनाक्रम के बाद विपक्ष और न्यायपालिका के बीच संबंधों को लेकर राष्ट्रीय बहस और तेज होने के आसार हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

चाहे प्रक्रियागत आधार पर हो, न्यायपालिका की सुलभता और राजनीतिक तटस्थता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। दूसरी ओर, अदालत का यह रुख — कि वह राजनीतिक प्रतिनिधिमंडलों से नहीं मिलती — परंपरागत रूप से न्यायिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए ही माना जाता रहा है। असली प्रश्न यह है कि एसआईआर और मतदाता सूची जैसे मुद्दे, जो लाखों नागरिकों के मताधिकार से जुड़े हैं, क्या संसदीय और न्यायिक दोनों मंचों पर पर्याप्त सुनवाई पा रहे हैं — और यदि नहीं, तो इसकी जिम्मेदारी किस पर है।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय राउत और सीजेआई सूर्यकांत के बीच विवाद क्या है?
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने आरोप लगाया है कि इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने सीजेआई सूर्यकांत से मुलाकात का अनुरोध किया था, जो सोमवार शाम अचानक रद्द कर दिया गया। सीजेआई की ओर से बताया गया कि उन्हें राजनीतिक प्रतिनिधिमंडल से मिलने का अधिकार नहीं है।
इंडिया ब्लॉक किस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करना चाहता है?
इंडिया ब्लॉक एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) और मतदाता सूची से करोड़ों नाम हटाए जाने के विरोध में सुप्रीम कोर्ट तक पैदल मार्च की योजना बना रहा है। गठबंधन का आरोप है कि यह प्रक्रिया लोकतंत्र और संविधान को कमजोर कर रही है।
राउत ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर क्या आरोप लगाया?
राउत ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार सरकार के हित में काम कर रहे हैं। यह आरोप उन्होंने एसआईआर और मतदाता सूची विवाद के संदर्भ में लगाया; चुनाव आयोग की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
क्या सीजेआई के लिए विपक्षी नेताओं से मिलने से इनकार करना उचित है?
परंपरागत रूप से सर्वोच्च न्यायालय राजनीतिक प्रतिनिधिमंडलों से अनौपचारिक मुलाकात से परहेज करता है, ताकि न्यायिक स्वतंत्रता बनी रहे। हालाँकि राउत का कहना है कि जब सभी अन्य रास्ते बंद हों, तो सीजेआई को जनता की बात सुननी चाहिए।
इंडिया ब्लॉक का आंदोलन किन-किन शहरों में होगा?
राउत के अनुसार इंडिया ब्लॉक नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट तक पैदल मार्च करेगा और मुंबई के शिवाजी पार्क में भी आंदोलन शुरू होने की घोषणा की गई है। सभी सहयोगी दलों के नेता और कार्यकर्ता इसमें शामिल होंगे।
राष्ट्र प्रेस
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