सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर संजय राउत बोले — युवाओं की जीत, देश में पहली बार हो रहा ऐसा
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने 2 सितंबर को मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सिटीज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) द्वारा 5 सितंबर का प्रस्तावित मार्च रद्द किया जाना युवाओं की ऐतिहासिक जीत है। राउत ने कहा कि देश में पहली बार युवाओं के हक में इस तरह का फैसला आया है।
मुख्य घटनाक्रम
राउत ने कहा, 'इसमें गलत क्या है? सुप्रीम कोर्ट ने देश भर के उन युवाओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द कर दी हैं, जिन्हें 'कॉकरोच' कहा गया था। तो फिर 5 सितंबर को मार्च निकालने की क्या जरूरत? मार्च रद्द हो गया — यह एक जीत है। युवा बार-बार जीत रहे हैं। इस देश में पहली बार ऐसा हो रहा है।'
उन्होंने आगे कहा कि जिन युवाओं को 'कॉकरोच' की संज्ञा दी गई थी, उन्हीं के खिलाफ दर्ज हजारों एफआईआर को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द करने का आदेश दिया। राउत ने इस फैसले के लिए सर्वोच्च न्यायालय का अभिनंदन किया।
राहुल गांधी के बयान पर राउत की प्रतिक्रिया
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों का समर्थन करते हुए राउत ने कहा, 'इसमें गलत क्या है? राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के बारे में जो कहा है, वह 100 प्रतिशत सही है।'
गौरतलब है कि राहुल गांधी ने 1 सितंबर को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए चुनाव आयोग (ECI) पर गंभीर आरोप लगाए थे।
राहुल गांधी के आरोप — क्या कहा था
गांधी ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा था, 'लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच अचानक 39 लाख नए वोटर जुड़ गए। मैंने तब भी कहा था, आज भी कहता हूं कि यह वोट चोरी थी।'
बंगाल के संदर्भ में उन्होंने लिखा, 'एसआईआर में जिन नामों को काटा गया, उनमें से 91 प्रतिशत नाम अपील के बाद वापस जोड़ने पड़े — यानी हर 10 में से 9 नाम गलत तरीके से काटे गए, और वे नाम चुनाव के बाद ही जोड़े गए। यह वोट चोरी थी।' गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में 2.07 करोड़ मतदाताओं को ड्राफ्ट सूची से बाहर किया गया है — यानी हर पाँचवाँ वोटर।
आगे क्या
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश और विपक्ष की एकजुट प्रतिक्रिया के बाद चुनाव आयोग पर दबाव बढ़ने की संभावना है। मतदाता सूची विवाद और युवाओं पर दर्ज एफआईआर का मुद्दा आने वाले दिनों में संसदीय बहस में केंद्रीय भूमिका निभा सकता है।